भाभी का गुलाम

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम रॉयल सिहं है और मेरी उम्र 21 साल है। दोस्तों आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ.. अगर मुझसे इसमें कोई गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें। यह कहानी मेरी और मेरी भाभी जो कि अब मेरी मालकिन बन चुकी है.. उनकी चुदाई के ऊपर आधारित है। मेरी भाभी एकदम सेक्सी गोरी चिट्टी है। जिसके इतने गोरे बूब्स है कि दूध का रंग भी मेरी भाभी यानी कि मेरी मालकिन के बूब्स के आगे फीका लगने लगे। दोस्तों में हमेशा अपनी भाभी के बूब्स को देखा करता था और सोचता रहता था कि काश में भी इन बूब्स को चूसकर अपनी प्यास बुझाऊँ। भाभी की गांड तो गोल गोल तरबूज जैसी हो गयी थी.. जब भी भाभी झुकती तो में भाभी के बूब्स देखने के लिए तैयार रहता और भाभी ने उनके बूब्स को देखते हुए शायद मुझे देख लिया था.. इसलिए वो जानबूझ कर अपने बूब्स दिखाने की कोशिश करती थी।

फिर भाभी जब भी नहाती थी तो में उनके नहाने के बाद उनके बाथरूम में घुस जाता था और उनकी ब्रा जो की 36 नंबर की थी और में उनकी पेंटी को जमकर चूसता था और उनकी पेंटी में तो ना जाने उनकी चूत के रस की ऐसी क्या सुगंध थी कि में कई कई बार तो पेंटी को अपने मुहं में पूरा डाल लेता था। उनकी बाजुओ के नीचे के हिस्से में से जो सुगंध थी वो में उनके कपड़ो में से सूंघता था। भाभी के जिस्म की मदहोश कर देने वाली खुश्बू में उनके कपड़ो में सूंघता था और में कई बार अपनी भाभी को कपड़े बदलते हुए भी देख चुका था। फिर इतनी गोरी और सेक्सी भाभी का देवर होने के नाते मेरा लंड भी खड़ा हो जाता था। एक दिन भाभी अपने कपड़े बदल रही थी तो में खिड़की में से भाभी के बूब्स और उनकी गोरी और मोटी गांड को देख रहा था और भाभी की गोरी गांड को देखते ही मेरे मुहं में पानी आ गया और में उनकी गांड देखकर मदहोश सा हो गया था।

हो सकता है कि शायद मेरी भाभी के गोरे चूतड़ो ने मुझे दीवाना बना दिया था और में उनके चूतड़ो को चाटने के ख्याल मन ही मन सोचने लगा और में इन ख्यालो में खो गया और में ख्यालो से तब बाहर आया जब मेरी भाभी यानी मेरी मालकिन ने अपने कमरे से बाहर आकर मुझे एक जोरदार चांटा मेरे मुहं पर मारा। तो मेरे तो होश ही उड़ गए इतना ज़ोर से चांटा मारने के बाद भाभी का मुहं पूरा गुस्से से लाल था और वो मुझे बालों से घसीटते हुए अपने कमरे में ले गयी और उन्होंने मुझे खींचकर एक और चांटा मारा और बोली कि तुम्हारी इतनी हिम्मत कि मुझे खिड़की से कपड़े चेंज करते हुए देख रहे थे.. यह तो अच्छा हुआ कि शीशे में मुझे दिख गया।

तो मैंने बोला कि भाभी सॉरी मुझे माफ़ कर दो.. में आपसे हाथ जोड़कर माफी माँगता हूँ.. प्लीज मुझे माफ़ कर दो। तो भाभी ने मेरे दोनों गालो पर थप्पड़ो की बरसात कर दी और कहने लगी कि आज तक मेरे पति यानी तुम्हारे भाई भी मुझे बिना मर्ज़ी के छू भी नहीं सकते और तुम ने तो मुझे नंगा देखने की हिम्मत की.. तुम्हारा तो में आज वो हाल करूँगी कि पूरी जिंदगी में कभी भी तुम मुझे बिना मेरी मर्ज़ी के आँख मिलकर भी नहीं देखोगे और मुझे फिर एक कसकर मेरे मुहं पर चांटा मारा। फिर मेरे मुहं पर चांटो से जलन होने लगी थी। में भाभी के आगे हाथ जोड़ने लगा प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो.. लेकिन भाभी ने तो शायद मेरा मुहं लाल करने की कसम खा रखी थी। चार और झनझनाते थप्पड़ मेरे मुहं पर बरसे और मैंने अपने मुहं पर हाथ रखा तो भाभी ने एक जोरदार लात मेरे लंड पर मारी और बोली कि जब तक में ना कहूँ तुम्हारा हाथ चहरे पर नहीं आना चाहिए।

मैंने कहा कि जी भाभी और मैंने अपना हाथ नीचे कर लिया। उसके बाद तो भाभी ने एक हाथ से मेरे सीधे कान को पकड़ा और उल्टे गाल पर कम से कम जमकर 40 ज़ोर से चांटे मारे.. फिर उल्टे गाल का भी यही हाल किया। फिर में तो भाभी के चांटो से बहुत परेशान हुआ पड़ा था और जब मेरे गाल पूरे लाल हो गये तो भाभी बोली कि शीशे में देखो। फिर में शीशे में देखते ही डर गया और मेरा मुहं भाभी के चांटो से लाल हुआ पड़ा था। तो भाभी बोली कि अभी तो कुछ भी नहीं हुआ अभी तो तुम्हारा वो हाल करूँगी कि पूरी जिंदगी याद रखोगे। फिर भाभी बोली कि चलो मेरे पैरो पर अपनी नाक रगड़ो। तो मैंने बोला कि भाभी नहीं में यह सब नहीं करूँगा। फिर भाभी बोली कि तो ठीक है आने दो तुम्हारे भैया को में उन्हें यह सब बता दूँगी कि तुम मुझे नंगा देख रहे थे और तुम्हारे माँ बाप को भी। तो यह बात सुनते ही में तो भाभी के पैरो में गिर पड़ा और उनके पैर पकड़ कर बोला कि नहीं भाभी प्लीज आप यह सब किसी को मत बताना। तो भाभी बोली कि जैसा में कहूँ चुपचाप वैसा करते जाओ। तो मैंने बोला कि ठीक है भाभी। तो भाभी बोली कि चलो मेरे पैरो पर नाक रगड़ो फिर में भाभी के पैरो पर नाक रगड़ने लगा।

तो भाभी बोली कि एक नहीं दोनों पैरो पर और फिर में उनके दोनों पैरो पर नाक रगड़ने लगा। कभी सीधे तो कभी उल्टे पैर पर और भाभी ने यह देखते ही मेरे बालों को ज़ोर से खींचा और ताबड़तोड़ मेरे मुहं पर थप्पड़ो की बरसात कर दी। मेरे चहरे पर भाभी के थप्पड़ो का पहले से ही इतना दर्द हो रहा था और भाभी ने तो थप्पड़ो की ऐसी बरसात कर दी कि में तो बस रो ही पड़ा। वैसे तो में बहुत सहनशील हूँ.. लेकिन भाभी ने इतनी कसकर थप्पड़ मारे थे कि मेरी अब शक्ति जवाब दे गयी और मेरी आँखो से आँसू आने लगे। तो भाभी बोली कि तुमने मेरे पैरो और सेंडल को गंदा कर दिया है इन्हे साफ करो। तो मेरे मना करने पर भाभी ने अपने सेंडल खुद ही उतारे और उसके बाद तो मेरे मुहं पर भाभी के सेंडल बरसने लगे। जितने भाभी ने मेरे चेहरे पर थप्पड़ मारे थे उससे भी ज़ोर से उन्होंने सेंडल मारे जिससे मेरे मुहं पर भी भाभी के सेंडलो के निशान पड़ गये और मेरे चहरे पर भाभी के सेंडल का नंबर 8 भी छप गया था।

फिर भाभी बोली कि अब मेरे तलवो को चाट कर साफ करो। तो में भाभी के तलवे चाटने लग गया.. लेकिन भाभी के तलवे बहुत ही गोरे और मुलायम थे जीभ लगते ही मुझे उनके तलवो का टेस्ट बहुत अच्छा लगने लगा था। फिर मैंने भाभी के तलवे चाट चाटकर साफ किए और फिर भाभी बोली कि यदि तुम यह चाहते हो कि में तुम्हारे भाई को यह बात ना बताऊँ तो जो में कहूँ आज के बाद वही करना और यह बात ध्यान रखना कि औरो के सामने तो में तुम्हारी भाभी हूँ और तुम्हारे सामने तुम्हारी मालकिन.. समझे? मैंने बोला कि जी भाभी समझ गया। फिर एक करारा थप्पड़ गाल पर पड़ा और भाभी बोली.. कहा ना कि तुम्हारे सामने तुम्हारी मालकिन। तो मैंने बोला कि जी मालकिन। तो भाभी बोली कि आज के बाद मेरे गुलाम बनकर रहना वरना में तुम्हारा क्या हाल करूँगी.. यह तुम बहुत अच्छी तरह जान गये होगे? फिर मैंने बोला कि जी मालकिन में हमेशा आपका गुलाम ही बनकर रहूँगा।

फिर भाभी बोली कि चलो अब पानी लेकर आओ और मेरे पैरो को भी साफ करो। तो में भाभी के पैरो को धोने के लिए पानी लेने गया और अपना चेहरा भी साफ करने लगा और जैसे ही में अपने चहरे को धोने लगा तो पीछे से भाभी ने एक जोरदार लात मेरी गांड पर मारी.. जिससे मेरा चेहरा नल की टूटी पर लगा जिससे मेरे नाक पर खून आने लगा। फिर भाभी जोर से चीखते हुए बोली कि मैंने तुम्हे अपने पैरो को धोने के लिए कहा था और तुम अपने चहरे को धो रहे हो.. तुम्हारी इतनी हिम्मत कैसे हुई? मैंने कहा कि भाभी वो.. तो इस बार भाभी ने मेरे लंड पर लात मारी और बोली कि मैंने तुमसे पहले भी कहा था कि में तुम्हारी मालकिन हूँ। तो मैंने कहा कि सॉरी मालकिन और दर्द से मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था। तब भाभी बोली कि गुलाम हो गुलाम बनकर ही रहो और जैसा में कहूँ वैसा ही करो.. चलो पानी की बाल्टी उठाओ और मेरे साथ रूम में चलो। तो में बाल्टी उठाकर भाभी के रूम में चल पड़ा और रूम में जाकर भाभी सोफे पर बैठ गयी और मुझे अपने पैर धोने के लिए कहा। तो में उनके पैरो को धोने लगा और धो धो कर मैंने उनके पैरो को पहले से भी अधिक खूबसूरत बना दिया जिससे भाभी का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ।

फिर भाभी बोली कि अब तुम इस पानी से अपना मुहं धो सकते हो। फिर जिस पानी में मैंने अभी भाभी यानी कि मेरी मालकिन के पैरो को साफ किया था.. मैंने उस पानी में अपने चहरे को साफ किया और मुझे थोड़ा दर्द भी कम होने लगा.. ना जाने भाभी के पैरो में ऐसी क्या ताक़त थी कि पानी से धोते ही मेरा चेहरा पहले से भी साफ हो गया था। फिर भाभी बोली कि जाओ और याद रखना तुम मेरे गुलाम बनकर ही रहोगे। तो में बोला कि जी भाभी और रात को मेरा भाई आया और खाना खाकर कुछ देर बाद सो गया और फिर में भी अपना दर्द भुलाकर सो गया। तो भाभी मेरे कमरे में आई और मेरे मुहं पर सोते हुए एक तमाचा जड़ दिया। भाभी के तमाचे से मेरी नींद उड़ गयी और में जाग गया और मैंने बोला कि क्या हुआ भाभी जी.. आपने अब क्यों मारा? बस मेरा इतना ही कहना था कि भाभी ने मुझे बालों से पकड़कर बेड से नीचे खींचा और धनाधन थप्पड़ो की बरसात कर दी..

करीब 5 मिनट तक मेरे मुहं का भुर्ता बनाने के बाद वो बोली कि मैंने कहा था ना कि में तुम्हारी मालकिन हूँ.. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे अपनी भाभी कहने की? तो में बोला कि मुझे माफ़ कर दो मालकिन.. में भूल गया था आपका थप्पड़ खाकर मेरा दिमाग काम करना बंद कर गया था। तो भाभी बोली कि आज में तुम्हारा दिमाग सही कर देती हूँ और उसके बाद भाभी मेरे रूम से बाहर गयी और दो मिनट बाद ही वापस आ गयी और अब उनके हाथ में एक गोल डंडा था और रूम में आते ही भाभी बोली कि चल कुत्ता बनकर दिखा। तो में तुरंत ही अपने दोनों हाथों और पैरो को ज़मीन पर रखकर कुत्ता बन गया और जैसे ही में कुत्ता बना भाभी ने खिचकर मेरी गांड पर डंडा मारा और में दर्द से चीख उठा भाभी ने खींचकर चार बार और मारा तो दर्द से मेरी जान निकल गई। तो में बोला कि प्लीज़ मालकिन इस बार माफ़ कर दो आगे से में हमेशा ध्यान रखूँगा कि आप मेरी मालकिन हो। तो भाभी ने मेरी गांड पर डॅंडो की बौछार कर दी और करीब 10 मिनट तक मेरी गांड लाल करने के बाद भाभी बोली कि इस बार छोड़ रही हूँ.. लेकिन अगली बार ग़लती हुई तो याद रखना तुम बैठने के काबिल भी नहीं रहोगे।

तो में बोला कि जी मालकिन में याद रखूँगा और फिर में बोला कि मालकिन आप इतनी रात रूम में क्यों आ गयी? तो भाभी बोली कि मेरे पैरो में आज पूरा दिन सेंडल पहनने के कारण दर्द हो रहा है तो मैंने सोचा कि मेरा गुलाम किस काम आएगा इसलिए में तुम्हारे पास आ गयी। फिर भाभी मेरे बेड पर बैठ गयी और अपने पैरो को मिनी टेबल जो कि गुलदस्ता या टेबल फेन रखने के काम आता है उस पर पैरो को रखकर बैठ गयी और मुझे बोली कि चलो मेरे तलवो को चाटो और याद रखना जब तक में ना कहूँ तुम्हारी जीभ मेरे पैरो से अलग नहीं होनी चाहिए। फिर में बोला कि जी मालकिन जैसी आपकी आज्ञा। फिर मैंने भाभी क तलवो को चाटना शुरू कर दिया भाभी के पैर बिल्कुल गोरे और एकदम साफ दिख रहे थे।

मैंने जैसी ही भाभी के तलवो को चाटना शुरू किया उनके तलवो का स्वाद चखकर में तो अब पागल सा हो गया था और में कुत्तो की तरह भाभी के तलवो को चाटने लगा और अब मुझे भाभी के तलवो को चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर में भाभी के तलवो को अब अपने मुहं से चूसने लगा था.. ऐसे स्वाद से तो में पागल हो रहा था और करीब आधे घंटे तक भाभी के तलवे चाटने के बाद भाभी बोली कि बस रुक जाओ। अब मेरा दर्द खत्म हो गया है और एक बात और आज के बाद हर सुबह उठते ही मेरे पैरो को हाथ नहीं लगाना समझे।

तो में बोला कि क्यों मालकिन? फिर भाभी बोली कि क्योंकि अब से तुम्हे हर सुबह मेरे पैरो को चाटना है समझे.. में बोला कि जी मालकिन जैसा आपका हुक्म। फिर भाभी बोली कि कल मेरी छोटी बहन आ रही है उसके सामने मेरा पालतू कुत्ता बनकर रहना और अगर ज़रा भी तुमने कोई बात मानने से इनकार किया तो अपना चेहरा याद कर लेना कि मैंने तुम्हारा क्या हाल किया था? तो मैंने कहा कि जी मालकिन जैसा आप हुक्म देंगी में वैसा ही करूँगा और फिर भाभी अपने रूम में चली गयी और में बेड पर सोने लगा तो मेरी गांड में बहुत दर्द होने लगा.. क्योंकि भाभी ने डंडे मार मारकर मेरी गांड को लाल कर दिया था। मुझसे अब सोया भी नहीं जा रहा था। फिर करीब दो घंटे बाद दर्द कम हुआ और में सो गया। फिर सुबह उठते ही पहले में सीधा अपनी भाभी के रूम में गया तब भाभी रूम में नहीं थी और भैया नहा रहे थे। भाभी उनके लिए रसोई में खाना बना रही थी और फिर में सीधा रसोई में चला गया।

भाभी रसोई में खड़े होकर खाना बना रही थी और में सीधा उनके पैरो में गिर पड़ा और उनके पैरो को चाटने लगा और दोनों पैरो को चाटने के बाद मैंने कहा कि गुड मॉर्निंग मालकिन। तो भाभी के चहरे पर हल्की सी मुस्कान आई और बोली कि मेरे देवर की यही जगह सही है मेरा देवर अब मेरा गुलाम बनकर रहेगा क्यों देवर जी? तो में बोला कि जी मालकिन तो भाभी बोली कि वाह्ह्ह् क्या बात है? तुम अब पूरी तरह मेरे गुलाम बन चुके हो और मेरे इशोरो पर नाचने लगे हो.. तुम मेरे पूरे पालतू कुत्ते बन चुके हो। फिर मैंने बोला कि जी मालकिन में तो हूँ ही आपका पालतू कुत्ता.. जैसा आप कहती है यह कुत्ता वैसा ही करता है आपके हर हुक्म को मानता है। तो भाभी बोली कि चलो जाओ अब तुम्हारी मालकिन के पति के लिए खाना बनाने दो.. तब तक तुम मेरे रूम में जाकर झाड़ू पोछा लगाओ। तो में बोला कि जी मालकिन अभी करता हूँ और फिर में भाभी के रूम में पहुँचा और आधे घंटे में भाभी के फर्श को पूरा चमका दिया और अब फर्श पर मिट्टी का एक दाना भी नहीं दिखाई दे रहा था।

फिर उसके बाद भैया खाना खाकर ऑफिस चले गये और दोपहर को भाभी की छोटी बहन आ गयी थी। उसका नाम प्रिया था वो लाल कलर की जिन्स और भूरे कलर की टी-शर्ट पहन कर आई थी और बहुत सेक्सी लग रही थी। उसके बूब्स बड़े बड़े और जिस्म एकदम मस्त था और में घूर घूरकर उसके बूब्स देख रहा था और में उसके बूब्स देखकर पगल हो गया और उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर उस वक़्त भाभी नहा रही थी और मैंने उन्हें रूम में ले जाकर बैठा दिया और वहीं कुर्सी पर बैठकर उनके साथ बातें करने लगा। फिर कुछ देर बाद भाभी रूम में आई और मुझे देखते ही एक जोरदार थप्पड़ मेरे मुहं पर मारा और बोली कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहन के बराबर बैठने की? तुम्हे तुम्हारी औकात पता होनी चाहिए तुम्हारी औकात पैरो में बैठने की है.. चलो कुर्सी से खड़े हो जाओ और मेरी बहन के पैरो में जाकर बैठो।

में अपने मुहं पर हाथ रखकर भाभी की बहन के पैरो के पास जाकर बैठ गया और भाभी की बहन भी यह सब देख रही थी। वो बोली कि दीदी यह सब क्या है? आप अपने देवर को क्यों मार रही हो? तो भाभी बोली कि अरे नहीं मेरी प्यारी बहना.. यह देवर नहीं अब मेरा गुलाम है और इस गुलाम को वही करना होगा जो में इसे करने को कहूँगी। इसे मेरा हर हुक्म मानना पड़ेगा यही इसकी सज़ा है मुझे देखने की। फिर प्रिया बोली कि देखने की क्या देखने की? तो भाभी बोली कि यह मुझे खिड़की से कपड़े चेंज करते हुए देख रहा था और वो तो शुक्र है कि मैंने शीशे में से इसे देख लिया था और उसके बाद मैंने इसका वो हाल किया है कि जिंदगी भर यह कभी मुझे देखने की हिम्मत नहीं करेगा और यह गुलामी भी इसे इसी वजह से करनी पड़ रही है।

तो प्रिया बोली कि दीदी यह तो सच में बहुत कमीना है.. ऐसे इंसान को तो चप्पलो से मारना चाहिए। तो भाभी बोली कि तुम ठीक कह रही हो बहना.. वैसे तो में इसे अपने सेंडलो से मार चुकी हूँ.. लेकिन तुम चाहो तो तुम भी अपने अरमान पूरे कर सकती हो। तब प्रिया बहुत खुश हो गयी और भाभी ने मुझे प्रिया के पैरो में बैठने को कहा और में बोला कि नहीं मालकिन जब से मैंने आपको कपड़े चेंज करते हुए देखा है तब से आप पहले ही मेरा बहुत बुरा हाल कर चुकी हो.. अब तो मुझ पर रहम करो। तभी भाभी ने आगे आकर एक जोरदार तमाचा मेरे मुहं पर मारा और बोली कि तुमसे जितना कहा गया है उतना ही करो मेरे आगे ज़्यादा ज़बान चलाने की कोशिश मत करो.. वरना में तुम्हारी खाल खींचकर रख दूँगी। तब में प्रिया के पैरो के सामने आकर बैठ गया और प्रिया ने अपना सीधे पैर का सेंडल उतारा और मुझे दिखाते हुए बोली कि आज इन सेंडलो से तुम्हारे चहरे का वो हाल करूँगी कि कभी मेरी बहन को देख नहीं पाओगे और ताबड़तोड़ मेरे मुहं पर सेंडल मारने चालू कर दिए।

भाभी का थप्पड़ खाकर पहले ही मेरे गाल पर दर्द हो रहा था.. लेकिन प्रिया ने तो इतने खींचकर मेरे मुहं पर सेंडल मारे कि मारे जिसके दर्द से मेरी तो जान ही निकल रही थी.. लेकिन में कुछ कर भी नहीं सकता था। प्रिया ने तो सेंडलो से मार मार कर मेरा पूरा चेहरा लाल कर दिया था और वो बोली कि कमीने तेरा तो चेहरा बिगाड़ दूँगी। यह मेरी जिंदगी में पहली बार हुआ था कि दो लड़कियों ने मुझे अपने सेंडलो से पीटा था और मुझे गुलामी करनी पड़ रही थी। प्रिया का सेंडल कभी मेरे सीधे गाल पर पड़ता तो कभी उल्टे गाल पर प्रिया ने सच में सेंडल मार मारकर मेरे चेहरे का नक्शा ही बिगाड़ दिया था और सेंडलो से पिटने के कारण मेरी आँख के नीचे सूजन आ गयी थी.. लेकिन प्रिया थी कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। उसके सेंडल तड़ातड़ मेरे गालो पर बरस रहे थे। फिर मेरी जान में जान तब आई जब मुझे प्रिया मार मारकर थक चुकी थी.. क्योंकि उसका शरीर थोड़ा हैल्थी था जिसके कारण वो जल्दी ही थक जाती थी।

उसके जिस्म पर अब पसीने की लहर चल पड़ी थी.. फिर वो रुकने के बाद बोली कि जाओ और मेरे लिए पानी लेकर आओ मुझे तब थोड़ा चैन मिला था। में पानी लेने गया और फिर वापस आया और उन्हें पानी दिया। तब जाकर उन्होंने मुझ पर रहम खाया और मुझे मारना रोक दिया और मेरे मुहं पर थूक थूककर बोली कि तू कमीना है और दोबारा मेरे मुहं पर थूककर बोली कि कमीना कुत्ता है। फिर मैंने अपने चहरे से थूक साफ किया तो भाभी ने पीछे से आकर मेरी कमर पर एक लात मारी और बोली कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई अपना चेहरा साफ करने की? तो में बोला कि सॉरी मालकिन ग़लती हो गयी। तो भाभी ने मेरे बालों को पकड़कर ऊपर खींचा और मेरे मुहं पर थूकने लगी और बोली कि ले मेरा भी थूक। तो मेरा पूरा चहरा भाभी ने अपने थूक से भर दिया था और उसके बाद मुझे प्रिया ने अपने पास बुलाया और प्रिया ने फिर से मेरे मुहं पर थूक दिया।

फिर प्रिया ने ज़मीन पर थूक दिया और हाथ से इशारा करके बोली कि अगर फर्श पर मुझे ज़रा सा भी थूक नज़र आया तो में तुम्हारी चमड़ी उधेड़ दूँगी और बोली कि जहाँ जहाँ पर मेरा थूक गिरा है.. उसे अपने मुहं से चाटना। फिर भाभी ने एक जोरदार लात मेरे पैरो के ऊपर मारी जिससे मेरे पैरो की उंगलियों में दर्द होने लगा क्योंकि मैंने उस वक़्त चप्पल वगेरह कुछ पहन नहीं रखा था। उसके बाद भाभी ने मेरे दोनों पैरो पर दो बार और खींचकर लात मारी और बोली कि चलो प्रिया शुरू हो जाओ। प्रिया ने पहले अपने सेंडल पर थूक दिया जिसे मैंने चाटकर साफ कर दिया। फिर प्रिया ने भाभी के सेंडलो पर भी थूक दिया उसे भी चाटकर मैंने साफ किया। उसके बाद आज तक में भाभी का गुलाम बना हुआ हूँ।

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