भाभी बनी चुदाई गुरु – 4

आप ने इस कहानी के 3 भाग आगे पढ़े, अब आगे पढ़े!

दोस्तों हम सुबह जब सो कर उठे तो कोमल से चला नहीं जा रहा था। तभी मैंने उसे उठाकर नहलाया और खाना बनाया फिर भाभी के कमरे में उसे लेटा दिया और आराम करने को कहा और उसकी चूत को गरम पानी से सेका और कुछ दर्द की दवाई दी जिसे ख़ाकर वो सो गयी और जब वह रात को उठी तब वो कुछ ठीक लग रही थी।

फिर मैंने भाभी को और कोमल दोनों को नंगा किया और खुद भी नंगा हो गया और फिर उसकी चुदाई करने लगा लेकिन आज भी उसे उतना ही दर्द हो रहा था.. करीब 5 दिनों के बाद उसका दर्द कम हुआ। फिर उसके अगले दिन मैंने उसकी चुदाई की तो मैंने बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के मारे और वो भी मजे कर रही थी। फिर अगले दिन मैंने भाभी से कहा कि मुझे गांड मारने का मन कर रहा है। तभी भाभी बोली कि प्लीज़ ऐसा मत करो। तभी मैंने कहा कि आपकी गांड नहीं में तो कोमल की गांड मारना चाहता हूँ। फिर भाभी बोली कि ऐसा करना भी मत वो बच्ची मर जाएगी। फिर मैंने कहा कि आप उसकी चूत के समय भी ऐसा ही कह रही थी इसलिए में आज रात उसकी गांड मारूँगा। फिर में मुस्कुराया और भाभी को किस करके कहा कि अब अपनी सौतन को सजाकर रखना रात में सुहागरात मनाऊंगा और बाहर घूमने चला गया। फिर में रात के 9 बजे घर लौटा और में कुछ बियर की बॉटल ले आया था। फिर मैंने घर आकर खाना निकालने को कहा और हम तीनों खाना खाने लगे और उसी समय मैंने कहा कि आज कोई पानी नहीं पिलाएगा क्या? प्यास लगने पर बियर की बॉटल कि और इशारा करके उसे पीने को कहा और हमने वैसा ही किया उन दोनों को वो कड़वी लगी। क्योंकि उन्होंने पहली बार पी थी। जिससे उन्हे थोड़ा नशा भी आने लगा फिर हम खाना ख़ाकर उठे और मैंने दोनों को नंगा किया और कोमल को कहा कि वो भी मुझे नंगा करे तो उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और में भी नंगा हो गया फिर में उन दोनों को लेकर नहाने चला गया और हम एक घंटे तक नहाते रहे। फिर में दोनों के साथ बेडरूम में गया और मैंने भाभी को कहा कि वो कोमल को तेल लगा दे ख़ासकर पीछे। तभी भाभी समझ गयी और उन्होंने कोमल को उल्टा लेटाकर उसकी गांड में खूब तेल लगाया।

थोड़ा तेल मेरे लंड पर भी लगा दिया। फिर मैंने कोमल को कुतिया की तरह करके उसकी गांड पर लंड टिकाया और के खूब ज़ोर का धक्का दे दिया वो इतनी ज़ोर से चीखी की पूरा रूम गूँज उठा और मेरा आधा लंड अंदर चला गया लेकिन कोमल को तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था.. वो केवल चीख रही थी और छोड़ने की गुहार कर रही थी। तभी भाभी ने कहा कि थोड़ा धीरे करो लेकिन मैंने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और फिर एक ज़ोर का धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया और कोमल चीख के साथ ही बेहोश हो गयी और उसकी गांड से खून निकलने लगा तब मैंने भाभी को कहा कि कोमल पर पानी डाले तब पानी डालने पर कोमल होश में आई और गिड़गिड़ाने लगी की मुझे छोड़ दो। लेकिन में फिर तेज़ी से गांड मारने लगा और कोमल फिर दूसरी बार बेहोश हो गयी और आधे घंटे के बाद में उसकी गांड में झड़ गया और उसके ऊपर ही गिर गया। सुबह जब में उठा तब मैंने देखा कि भाभी बेड पर नहीं है और कोमल वैसे ही पड़ी है वो दर्द से तड़प रही है मैंने उठकर फिर उसकी गांड मारी जबकि परी मुझे मना कर रही थी लेकिन मैंने भाभी की बात नहीं सुनी और मैंने देखा कि कोमल की हालत खराब हो चुकी है तब में बाज़ार गया और दवाई लाकर दी जिसे ख़ाकर कोमल को कुछ राहत हुई और उसके बाद 5 दिनों तक मैंने कोमल की गांड नहीं मारी लेकिन में रोज उसकी चूत ज़रूर मारता था। जिसमे भी उसे बड़ा दर्द होता था। लेकिन फिर भी चूत में उसे कुछ राहत थी और 5 दिनों के बाद जब उसकी गांड ठीक हुई तो मैंने फिर भाभी को उसकी गांड पर तेल लगाने को कहा तो भाभी जब उसकी गांड पर तेल लगाने लगी तो वो समझ गयी कि में उसकी गांड मारने वाला हूँ और उसने तेल नहीं लगवाया। फिर जब रात हुई तो मैंने उसे नंगा किया तो उसने कहा कि गांड नहीं.. वहाँ पर बहुत दर्द होता है। तब मैंने कहा कि ठीक है और उसकी चूत में लंड डाल दिया और जब वो चुदाई में खोई थी तभी मैंने लंड निकाला और उसकी गांड पर टिकाकर एक ज़ोर का धक्का दे दिया और मेरा आधा से ज्यादा लंड कोमल की गांड में घुस गया और वो दर्द से चिल्ला उठी।

तभी भाभी ने कहा कि अगर तुम तेल लगवा लेती तो तुम्हे इतना दर्द नहीं होता। फिर मैंने उसकी गांड मारी इस बार उसे दर्द तो हुआ लेकिन कुछ देर बाद मज़ा भी आने लगा और 20 मिनट के बाद में उसकी गांड में झड़ गया और उस रात मैंने उसकी गांड एक बार और मारी लेकिन हर बार उसे उतना ही दर्द होता था क्योंकि उम्र कम होने के कारण अभी उसकी चूत और गांड ठीक से खुली नहीं थी। फिर एक महीने की लगातार चुदाई के बाद कोमल की चूत और गांड मेरे लंड को आसानी से लेने लगी। फिर जब अगले 3 महीनो तक जब तक भाभी को बच्चा नहीं हुआ तब तक में कोमल को चोदता रहा। फिर 3 महीने के बाद भाभी को ऑपरेशन से लड़का पैदा हुआ और डॉक्टर ने कम से कम एक महीने तक सेक्स करने से मना किया। परी भाभी जब घर आ गयी तब मैंने कोमल को कहा कि वो हॉल में सोए और मुझे जब चोदने का मन होता तब में हॉल में जाकर कोमल को चोद लेता और भाभी के साथ नंगा सोता था। जब भाभी मुन्ने को दूध पिलाती तो में भी दूसरी चूची में मुहं लगाकर चूसता था और डिलवरी होने के 15 दिन के बाद भैया 15 दिन की छुट्टी लेकर घर आए तब मेरी और कोमल की चुदाई भी बंद हो गयी। फिर भैया बच्चे को देखकर बहुत खुश हुये। लेकिन वो डॉक्टर के मना करने के कारण भाभी को चोद नहीं पा रहे थे लेकिन अपना लंड रोज़ दो बार भाभी के मुहं में देकर अपने लंड का पानी ज़रूर गिराते थे। फिर अंतिम दिन उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने भाभी की चूत तो नहीं लेकिन गांड ज़रूर मारी और फिर ड्यूटी पर चले गये।

मैंने भी 15 दिनों से चूत की चुदाई नहीं की थी इसलिए मेरा लंड तड़प रहा था फिर भैया के जाने के अगले दिन हम डॉक्टर के पास गये उसने चेकअप किया और कहा कि आप ठीक है टांके भी सूख चुके है। फिर मैंने चलते समय डॉक्टर से पूछा कि क्या अब हम सेक्स कर सकते है? ये सुनकर भाभी शरमा गयी और अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया। तो डॉक्टर ने कहा कि हाँ बिल्कुल अब कोई प्राब्लम नहीं है। क्योंकि में ही हमेशा भाभी के साथ डॉक्टर के पास जाता था इसलिए डॉक्टर यही सोचता था कि में ही उनका पति हूँ। फिर हम घर आ गये और रास्ते से ढेर सारे फूल और ढेर सारे कॉंडम ले लिये.. तो भाभी ने मुझसे पूछा कि इन सबका अब क्या करोगे? तभी मैंने कहा कि मुन्ने के सामने सुहागरात मनाऊंगा.. ठीक उसी तरह जैसे पहली बार तुम्हारी सील तोड़ी थी। फिर भाभी थोड़ी हंस दी। फिर मैंने घर आकर कोमल को सारा समान दे दिया और भाभी ने उसे समझा दिया कि उसे किस तरह से सजाना है। फिर कोमल रूम को सजाने लगी और में थोड़ी देर के लिए बाज़ार चला गया और वाईन और बियर की बोतल ले आया।

जब रात हुई तो हम खाना खा चुके थे। फिर मैंने पानी की जगह वाईन पिलाया और जब हल्का नशा हो गया तब मैंने भाभी को गोद में उठाया और रूम में सेज़ पर ले गया भाभी बोली कि तुम कुछ देर के लिए बाहर जाओ। तभी मैंने पूछा कि क्यों? फिर उन्होंने कहा कि ऐसे ही, फिर में 10 मिनट के लिए बाहर आया और कोमल को किस करने लगा और जब में वापस रूम में गया तो भाभी अपनी शादी का जोड़ा और गहने पहनकर तैयार थी। फिर में उनके पास गया और बोला कि भाभी.. तभी उन्होंने कहा कि परी कहो। फिर मैंने कहा कि परी आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो। फिर उन्होंने अपनी नज़रे नीची कर ली। फिर मैंने उनका घूँघट उठाया और उन्हे किस करने लगा। आधे 10 मिनट तक में और परी एक दूसरे को किस करते रहे। में आज पूरी रात उन्हे चोदना चाहता था। फिर मैंने उनकी साड़ी खोल दी और उनका ब्लाउज और ब्रा खोलकर उसे दबाने और चूसने लगा लेकिन इस बार जब में चूची चूसता था.. तो मेरा मुहं दूध से भर जाता था। फिर में आधे घंटे तक उनका दूध पीता रहा मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर वो बोली कि क्या केवल दूध ही पीने का इरादा है? तभी मैंने उनकी पेंटी और पेटीकोट खोलकर उन्हे पूरा नंगा किया और चूत चाटने लगा और 1 घंटे तक चाटने के बाद वो मेरे मुहं में झड़ गयी और सिसकियाँ लेने लगी और हमे ध्यान ही नहीं था कि कोमल दरवाजे पर खड़ी होकर ये सब देख रही है और अपनी उंगली को चूत में घुसा कर आगे पीछे कर रही है।

फिर मैंने कहा कि परी ये चुदाई.. सुहागरात से भी ज्यादा यादगार बना दूँगा और तुम मेरे लंड की दीवानी बन जाओगी। आज के बाद तुम्हे मेरे सिवाए किसी और का लंड अच्छा नहीं लगेगा। तभी परी बोल पड़ी की वो कैसे? फिर मैंने कहा कि बस देखती जाओ। फिर मैंने अपना लंड परी के मुहं में डाल दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी 5 मिनट के बाद मैंने परी के मुहं से लंड बाहर निकाला और में उठकर अलमारी में रखा आर्टिफिशियल लंड निकाल लाया और उसमे बेल्ट लगा था और उसे मैंने अपनी कमर में पहन लिया तो मेरे 2-2 लंड दिखाई देने लगे।

फिर मैंने भाभी को कुतिया की तरह से उल्टा किया और अपना असली लंड उनकी चूत के छेद पर रखा और आर्टिफिशियल लंड को उनकी गांड के छेद पर रखा और फिर मैंने पूछा कि परी तैयार हो ना? तभी परी बोली कि हाँ 6 महीने के इंतजार के बाद ये पल आया है। तभी मैंने एक बहुत ही ज़ोर का धक्का मारा और मेरे दोनों लंड पूरे के पूरे जड़ तक परी की चूत और गांड में घुस गए और परी इतनी ज़ोर से चिल्लाई की जैसे पहली बार उन्हे किसी ने चोदा हो और वैसे भी उनकी डेलिवरी ऑपरेशन से होने के कारण उनकी चूत फैली नहीं थी और 6 महीनो से चुदाई नहीं होने के कारण चूत बिल्कुल कुवारी चूत की तरह सिकुड़ी हुई थी। उनकी आँखो से आंसू गिरने लगे और वो रोने लगी और कहने लगी कि मोहित मुझे छोड़ दो प्लीज.. मोहित तुम आगे जो भी कहोगे में वही करूँगी.. बस आज एक बार छोड़ दो.. माँ मुझे बचा लो इस दरिंदे से.. साले रंडी बाज़ छोड़ मुझे तुने मेरी गांड और चूत दोनों को फाड़ डाला.. छोड़ मुझे निकाल साले अपने घोड़े जैसे लंड को.. में मर गई.. भगवान मुझे आज बचा लो साले ने मेरी गांड और चूत में गरम सलाखे डाल दी.. हाए में मरी। मोहित तुम इतनी चुदाई करते हो फिर भी तुम्हारा मन नहीं भरता आईईई तुम्हे तुम्हारी माँ की कसम अह्ह्ह छोड़ रंडी बाज। भाभी के मुहं से पहली बार ऐसे शब्दों को सुन रहा था लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ।

तभी मैंने अपने दोनों लंड को पीछे खींचकर फिर से एक ही धक्के में जड़ तक डाल दिया और परी के दर्द की कोई चिंता किए बगैर करीब वैसे ही 15 धक्के मारे। फिर भाभी की हालत खराब हो गयी और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए कह रही थी अगर आज में बच गयी तो तुम्हारी कोई भी एक मांग पूरी करूँगी। करीब आधे घंटे के बाद उन्हे मज़ा आने लगा इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी। इस कारण उनकी चूत गीली हो चुकी थी और लंड आसानी से जा रहा था और पूरे कमरे में फक्चा फॅक फक्चा की आवाज़ और भाभी की चीख सुनाई दे रही थी और में उनकी चूची को पकड़ कर दबा भी रहा था और उसमे से दूध गिर रहा था और नीचे का बेड गीला हो रहा था। फिर में और आधे घंटे तक उन्हे इसी तरह से चोदता रहा और फिर हम एक साथ झड़ गये और में उनके ऊपर गिर गया और सो गया। कोमल ये सब देखकर जोश में आ चुकी थी और सोफे पर बैठकर अपनी चूत में उंगली कर रही थी।

फिर हम 4 घंटे सोते रहे और मुन्ने को भूख लगने के कारण वो रोने लगा तब हमारी नींद टूटी और भाभी ने उसके मुहं में अपनी एक चूची डाल दी और खुद सो गयी मुन्ना भी दूध पीकर सो गया। तभी जोश में होने के कारण कोमल दौड़कर मेरे पास आई और मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी। फिर वो कहने लगी कि मुझे भी वैसे ही चोदो जैसे तुमने भाभी को चोदा है। ये सुनकर में खुश हो गया और फिर उसी तरह से कोमल को भी चोदा और फिर परी के पास आकर सो गया।

सुबह हम 9 बजे उठे तो देखा कि कोमल घर का सारा कम कर चुकी थी। फिर में और भाभी दोनों एक साथ नहाने गये और शावर के नीचे रात की तरह ही फिर से चुदाई की और इस बार भाभी की हालत फिर खराब हो गयी और उन्हे डॉक्टर के पास जाना पड़ा। फिर में उन्हे अगले दो दिन तक नहीं चोद पाया और मैंने दो दिन कोमल से काम चलाया। भाभी का में केवल दूध पीता था और फिर उसके बाद कोमल अपने बाप के साथ अपने गावं चली गई।

फिर हम और भाभी उसी तरह चुदाई करते रहे। फिर एक दिन मैंने परी से कहा कि उस दिन चुदाई के वक़्त तुमने कहा था कि तुम मेरी एक मांग पूरी करोगी। तभी परी ने कहा हाँ बोलो ना मेरी चूत के महाराज। तभी मैंने कहा कि में जानता हूँ कि तुम एक बच्चा सोहन भैया से चाहती हो लेकिन में चाहता हूँ की तुम्हे दूसरा बच्चा भी मेरे ही लंड से हो। फिर परी ने कहा कि जो आज्ञा मेरे मालिक। तभी में बहुत खुश हो गया।

फिर 3 महीने बाद भैया पूरे एक महीने की छुट्टी लेकर आए और एक महीने तक भाभी को बहुत चोदा और जब भैया घूमने जाते तब में परी भाभी से अपना लंड चुसवाता और पूरे महीने भाभी ने गर्भनिरोधक गोली खाई क्योंकि कहीं वो भैया से गर्भवती ना हो जाए और इस बात का पता भैया को नहीं चलने देती और फिर दोनों ने फ़ैसला किया कि जब मुन्ना एक साल का हो जाएगा तब दूसरा बच्चा पैदा करेंगे। फिर 1 महीने के बाद भैया ड्यूटी पर चले गये। फिर में और परी चुदाई में लगे रहे। फिर जब मुन्ना 10 महीने का हुआ तो भैया को 10 दिन की छुट्टी मिली तो उन्होंने फोन पर भाभी से बात की.. मुझे फिर पता नहीं कब छुट्टी मिलेगी इसलिए इन 10 दिनों में ही अगले बच्चे के लिए तुम्हे चोदूंगा। भैया 10 दिनों के लिए आए और भाभी को दिन रात चोदा और ये सोचकर चले गये कि वहाँ पर जाने के बाद गर्भवती होने की खबर मिलेगी।

उन्हे पता नहीं था कि भाभी रोज़ चुदने के बाद गर्भनिरोधक गोली खा लेती थी और फिर हमने 10 दिनों तक दिन रात एक करके चुदाई की और भाभी का पीरियड लेट हुआ और जाँच के बाद पता चला कि वो गर्भवती है और ये समाचार सुनकर भैया बहुत खुश हुए और फिर हमारी चुदाई चलती रही। बीच बीच में भैया आते और भाभी को बहुत चोदते। फिर एक दिन जब में भाभी को चोद रहा था तो उन्होंने कहा कि में इसके बाद 1 बच्चे को और जन्म दूँगी जो कि तुम्हारे भैया की निशानी होगी। तभी मैंने कहा कि ठीक है और इस बार जब भाभी की डिलेवरी होने वाली थी तो भैया 10 दिन पहले ही 20 दिनों के लिए आ गये और जिस दिन उनकी डिलवरी हुई उस दिन भाभी के ऑपरेशन थिएटर में जाने के बाद भैया ने डॉक्टर को बच्चा बंद करने वाला ऑपरेशन करने को भी कह दिया और फॉर्म भरकर हस्ताक्षर करके दे दिया और इस बार भाभी को एक प्यारी सी गुड़िया पैदा हुई और इसके साथ ही डॉक्टर ने उनका वो ऑपरेशन भी कर दिया जिससे अब वो माँ नहीं बन पाए।

फिर जब भाभी दो दिन के बाद बच्चे को लेकर घर आई और भैया भाभी को घर पहुंचाकर बाज़ार चले गये। तभी मैंने झट से भाभी को सोफे पर बैठाया और उनकी चूची निकालकर उन्हे चूसने लगा और मेरे मुहं में मीठा दूध जाने लगा मैंने आधे घंटे तक उनका दूध पिया और फिर खड़ा हो गया और भाभी को इशारे से अपना लंड दिखाया। फिर भाभी ने मेरा लंड बाहर निकाला और फिर उन्होंने उसे चूसा और में 20 मिनट के बाद उनके मुहं में झड़ गया।

फिर भैया दो घंटे बाद घर आए और 10 दिन और रुके.. लेकिन इस बार वो भाभी को एक दिन भी चोद नहीं सके ना ही गांड मार पाए और फिर भैया चले गए। फिर एक रात जब में और परी चुदाई कर रहे थे तो रात के 12 बजे भैया का फोन आया। तभी भाभी ने अपनी सांस नॉर्मल होने के बाद फोन उठाया और में उनकी चूची से दूध पीने लगा.. तभी भैया ने पूछा कि तुम अब तक जाग रही हो? फिर भाभी बोली कि अभी गुड़िया दूध पी रही है और में इंतजार कर रही हूँ कि कब तुम आओगे और में तुम्हे अपना दूध पिलाऊंगी? तभी भैया उदास होकर बोले इसके लिए तुम्हे कम से कम 6 महीने इंतजार करना पड़ेगा और फिर वो बोले कि जान हमारे दो बच्चे हो चुके है इसलिए मैंने तुम्हारा आगे बच्चा ना होने वाला ऑपरेशन भी करवा दिया है और तुम्हे बताना भूल गया था। फोन लाउडस्पीकर पर था ये सुनकर भाभी थोड़ी उदास हो गयी और में खुश हो गया। फिर इसके बाद जब भैया ने फोन रख दिया और मैंने परी को चूमते हुए कहा कि सुनती हो मेरे 2 बच्चो की माँ.. अब खुश रहो और मेरा चुदाई में साथ दो।

इसी तरह से आज भी हमारी चुदाई जारी है.. भैया साल में 2 या 3 बार घर आते है और भाभी की जमकर चुदाई करते है। अभी में पढ़ाई कर रहा था और मुझे खाना बनाना नहीं आता था और घर का भी ध्यान रखना था.. इसलिए भाभी उनके साथ कभी भी नहीं जा सकती है और हर दिन मेरी बीवी बनकर रहती है और हम चुदाई का पूरा मज़ा लेते है। अब में पढ़ाई कर रहा हूँ और मेरी शादी होने में अभी वक़्त लगेगा। लेकिन वो मेरी दूसरी बीवी होगी और हमें मेरी शादी के बाद जब भी मौका मिलेगा तो हम चुदाई करते रहेंगे। तो दोस्तों यह थी मेरी और मेरी भाभी की चुदाई की कहानी ।।

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