बहन को चोदकर बहनचोद बन गया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और मेरी उम्र 30 साल है और में शादीशुदा हूँ. मेरी शादी को कुछ साल बीत गए है और में अपनी पत्नी के साथ उसकी चुदाई करके बहुत खुश रहता हूँ. हम हर कभी जब हमें चुदाई करने की इच्छा होती है कर लेते है और में हर बार अपनी पत्नी को चोदकर उसको पूरी तरह से संतुष्ट करता हूँ. उसको कभी भी में अधूरा नहीं छोड़ता, जिसकी वजह से वो भी हर एक चुदाई में मेरा पूरा पूरा साथ देती है और मेरे साथ बहुत मज़े लेती है.

दोस्तों यह कहानी जिसको आज में आप सभी पढ़ने वालों के लिए लेकर आया हूँ और जिसमें मैंने अपनी बहन को चोदा और उसको भी अपनी चुदाई से संतुष्ट किया और यह वो सच्ची घटना है जिसको पढ़कर में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी लोग बहुत मज़े करेंगे और इसको पढ़ना आपको लोगों को बहुत अच्छा लगेगा और अब सीधा मेरी कहानी को सुनिए.

दोस्तों मेरी एक बहन है जिसको मैंने चोदा, लेकिन वो मेरे मामा की लड़की है और वो दिखने में बहुत सुंदर है. उसका शरीर बहुत भरा हुआ सेक्सी नजर आता है और में उसको बहुत बार उससे मस्ती करते समय उसके बूब्स कूल्हों को छू लिया करता था, लेकिन तब तक मेरे मन में उसके लिए कोई भी गलत बात या ऐसा कोई विचार नहीं था और ना ही कभी उसने मेरे इन कामों का कोई विरोध किया इसलिए में अपने कामों में लगा रहता था और वो हर कभी हमारे घर पर आ जाती थी, क्योंकि उसका भी घर कुछ दूरी पर ही था.

फिर एक बार मैंने अपने लिए एक नया लेपटॉप लिया था और वो मेरी बहन भी उस लेपटॉप को देखने मेरे घर पर आई हुई थी और उससे कुछ देर पहले ही मुझे भी कुछ काम से अपने घर से बाहर जाना पड़ा और में चला गया, लेकिन मैंने जब अपने घर आकर देखा तो वो मेरी बहन मेरे लेपटॉप पर नंगी चुदाई की फोटो देख रही थी और उस समय मेरी पत्नी भी उसकी मम्मी के घर पर गई थी जिसकी वजह से मेरे घर पर में अकेला था.

दोस्तों अब मेरी बहन को बिल्कुल भी पता नहीं था कि में उसके पीछे आकर खड़ा हो गया हूँ और उसके यह सारे काम देख रहा हूँ अब में धीरे से उसके सामने आ गया तो वो मुझे अपने बिल्कुल पास घर में देखकर एकदम से चकित हो गई और उसके चेहरे से मुझे उसका वो डर साफ साफ नजर आ रहा था. अब मैंने उसके होंठो पर किस करने की कोशिश की, लेकिन वो तो उठकर वहां से भागने लगी, लेकिन फिर मैंने उसको पकड़कर अपने पास बैठा लिया और मेरे अब भी बहुत कोशिश करने के बाद भी उसने मुझे किस नहीं करने दिया और वो मुझसे दूर हटकर बैठ गई, लेकिन कुछ देर बाद वो वापस बैठकर लेपटॉप पर कुछ देखने लगी.

अब मैंने सही मौका देखकर अपना हाथ उसके एक बूब्स पर रख दिया, लेकिन उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और तब मैंने महसूस किया कि उसके बूब्स का आकार कुछ ज़्यादा बड़ा नहीं था और उसकी छाती का आकार उस समय कोई 30 के आसपास रहा होगा, लेकिन उसके बहुत थे बहुत मुलायम और जिसकी वजह से मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और में धीरे धीरे उसके बूब्स को सहलाने लगा, लेकिन अब भी उसने मुझसे कुछ ना कहा और वो हल्की हल्की आवाज में मोन करने लगी उसके मुहं से उफफ्फ्फ्फ़ स्सीईईईइ आईईईईई की बहुत हल्की आवाजें आ रही थी.

दोस्तों में अब तुरंत समझ गया था कि वो अब तक बहुत गरम हो चुकी है और वो धीरे धीरे जोश में आकर अपने होश जरुर खो देगी. तब में इसको बहुत रगड़कर जमकर इसकी चूत की चुदाई करूंगा और आज इसकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा, में मन ही मन उसकी चुदाई के ऐसे विचार करने लगा था और में बहुत कुछ सोच रहा था.

अब मैंने अपने एक हाथ को उसके पीछे ले जाकर में उसकी कमर पर अपना हाथ फेरने लगा था. जहाँ से में अपने हाथ को धीरे धीरे आगे बढ़ाते हुए नीचे उसकी चूत तक ले गया था, जिसकी वजह से अब मेरा एक हाथ उसकी चूत पर था और दूसरा हाथ उसके बूब्स को दबा सहला रहा था और जिसकी वजह से वो बहुत मज़े ले रही थी.

उसको बड़ा अच्छा लग रहा था, लेकिन अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मेरे लंड में ज्यादा देर तनकर खड़े रहने की वजह से अब दर्द होने लगा था. उसको अब बहुत जल्दी शांत करके बैठाना बहुत जरूरी हो गया था इसलिए में अब उसको वैसे ही छोड़कर तुरंत खड़ा होकर मैंने अपनी पेंट को उतार दिया. वो मेरे इस काम को करता हुआ देखकर वो मुझसे पूछने लगी कि भैया आप यह क्या कर रहे हो? यह सब गलत है आपको ऐसा नहीं करना चाहिए?

मैंने कहा कि वही जो अभी तू मेरे लेपटॉप पर देख रही थी, में वो तेरे साथ करने जा रहा हूँ और इसमें कुछ गलत नहीं होता और फिर मैंने उससे बातें करते हुए अपनी शर्ट को भी उतार दिया. अब मैंने अपने हाथ उसके कपड़ो में अंदर डाल दिए और मैंने उसकी कमीज़ को धीरे धीरे ऊपर ले जाकर पूरा उतार दिया.

वो थोड़ा सा ना नुकुर झूठा नाटक कर रही थी, लेकिन में अब कहाँ उसकी वो बातें सुनने वाला था? मुझे तो कैसे भी करके उसकी चुदाई करनी थी और फिर मैंने उसको अपनी बातें में लगाते हुए उसकी सलवार को भी खोल दिया था, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने अपनी काली रंग की ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी और वो बहुत कामुक सेक्सी लग रही थी.

में अब उसका वो गोरा चिकना बदन देखकर बिल्कुल पागल हो रहा था, जिसकी वजह से मैंने जोश में आकर उसको लगातार चूमना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद वो भी अब मेरा सहयोग करने लगी थी और वो उसके नरम गुलाबी होंठो को मेरे होंठो पर रखकर मुझे बहुत ज़ोर से अपनी बाहों में लेकर मुझसे लिपट गई और मेरे होंठो को चूसने लगी.

फिर कुछ देर बाद मैंने उसको पलंग पर बिल्कुल सीधा लेटा दिया और फिर मैंने अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब मेरा 6 इंच लंबा मोटा लंड तनकर उसकी चूत को सलामी देने लगा था और फिर मैंने उसकी ब्रा को उतारा तो देखकर महसूस किया कि उसके बूब्स देखने छूने लायक थे, क्योंकि वो क्या मस्त हसीन थे? उसके बूब्स की कोई शिल्पकार भी क्या कल्पना कर पाएगा? वो दिखने में ऐसे थे मुझे तो बाद में पता चला कि उसके पूरे गोरे सेक्सी बदन को भगवान ने बहुत मेहनत करके बनाया होगा, क्योंकि मैंने अब तक इतनी सुंदर सेक्सी कामुक बदन की लड़की जिसका हर एक अंग बहुत अच्छा था में अपने किसी भी शब्दों में उसकी सही तारीफ नहीं कर सकता.

अब मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने इससे पहले भी कभी किसी से कुछ किया है? तो वो मेरी बात को सुनकर शरमाते हुए मुझसे कहने लगी कि भैया आपने भी मुझे इतना खुला अंदर तक देख लिया यह आपकी अच्छी किस्मत है नहीं तो अभी तक किसी ने मुझे कहीं छुआ भी नहीं था.

दोस्तों अब मुझ पर उसकी वो बातें सुनकर नशा सा छा रहा था. मैंने उसके दोनों बूब्स को बारी बारी से चूस चूसकर बहुत लाल कर दिए थे, लेकिन मेरा मन अभी भी नहीं भर रहा था तो कुछ देर बाद में पलट गया और मैंने अपना लंड उसके मुँह पर रखते हुए मैंने उससे कहा कि तुम अब इसको अपने मुहं में लेकर चूसो. वो अब मेरी इस बात को सुनकर हिचकिचा रही थी, लेकिन फिर उसने अपने नरम मुलायम, लेकिन गरम हाथों से मेरे लंड को पकड़ लिया. फिर मैंने धीरे धीरे उसकी पेंटी को नीचे खींच दिया. जिसकी वजह से मुझे अब उसकी बिना बालों वाली वो चिकनी कुँवारी चूत दिखने लगी थी. अब मैंने तुरंत नीचे आकर अपनी जीभ को उसकी चूत में डाल दिया और में चाटने लगा.

वो मदहोश होकर सिसकियाँ लेने लगी और उसके मुँह से आवाज़े निकलने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आईईईइ भैया यह सब आप क्या कर रहे हो, वो गंदी जगह है आईईईईई प्लीज आप अपना मुहं वहां से हटा दो आह्ह्ह्हह्ह प्लीज अब मुझे ना जाने क्या हो रहा है.

फिर मैंने उसकी कोई बात नहीं सुनी और में अपनी एक छोटी उंगली को जैसे ही उसकी चूत के अंदर डालने लगा तो वो तड़पने लगी, क्योंकि उसकी चूत आकार में छोटी चूत थी और वो अंदर से गरम तो ऐसी थी कि में आपको क्या बताऊँ? में अब बहुत धीरे धीरे अपनी ऊँगली को उसकी चूत में अंदर बाहर करना लगा था और साथ साथ में उसकी चूत को चाट भी रहा था इस सबसे उसको कुछ देर बाद दर्द के साथ साथ मज़ा भी आने लगा था. अब वो मेरे लंड के टोपे को अपनी जीभ से चाटने लगी थी और फिर उसको अपने मुँह में लेकर वो चूसने भी लगी थी.

फिर करीब 15 मिनट तक लंड को चूसने और उस चटाई के बाद में उठ खड़ा हुआ और में अपने साथ एक वेसलिन की बोतल लेकर आ गया और मैंने उसको बिल्कुल सीधा लेटाकर में उसकी चूत और अपने लंड पर बहुत अच्छी तरह से वेसलीन लगाने लगा. फिर उसके बाद मैंने एक तकिया लेकर उसके दोनों नाज़ुक गोरे गोरे कूल्हों के नीचे उसको लगा दिया, क्योंकि में बहुत अच्छी तरह से जानता था कि वो एक बहुत ही नाज़ुक कच्ची कली थी जो अपनी कमसिन चूत को आज पहली बार मुझसे चुदवाने जा रही थी, जो अब तक कुंवारी थी, इसलिए मेरी ज़रा सी भी चूक उसके लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती थी.

अब मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाकर चूत में अपनी एक ऊँगली को डालकर अंदर तक वेसलिन को लगा दिया और फिर उसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधो पर रख लिया था, जिसकी वजह से उसकी चूत पूरी खुल चुकी थी और उस वजह से मेरा लंड उसकी चूत में आसानी से जाने वाला था, जिसकी वजह से उसको दर्द भी कम होता.

अब मैंने अपने लंड के टोपे को उसकी चूत के मुहं से सटा दिया और चूत के मुहं पर रख दिया और फिर मैंने उससे कहा कि तुम बिल्कुल भी घबराना मत. तुम्हे थोड़ा सा दर्द जरुर होगा और पहली चुदाई में सभी को ऐसा दर्द सहना पड़ता है, लेकिन में फिर भी सारी बातें ध्यान में रखकर तुम्हारा यह काम करूंगा और तुम मेरा पूरा साथ देना.

अब मैंने अपने आप को बहुत काबू में रखकर एक ज़ोर से धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड अब आगे बढ़ गया और फिर उस दर्द की वजह से उसके मुहं से बड़ी ज़ोर की चीख निकल गई और वो पूरा कमरा उस आवाज से गूँज उठा.

फिर मैंने तुरंत उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया. फिर मैंने देखा कि उसकी आँख से आँसू बाहर आ रहे थे और उसका पूरा चेहरा पसीने से भीगा हुआ था और दो मिनट तक उसको चूमने और बूब्स को सहलाने के बाद में दोबारा सीधा हो गया. फिर मैंने देखा कि अभी तो सिर्फ़ मेरे लंड का टोपा ही उसकी चूत के अंदर घुस पाया था और मुझे बचा हुआ लंड भी अंदर डालना था, इसलिए मैंने धीरे से जैसे ही अपने लंड का उसकी चूत पर दबाव बनाया तो वो एक बार फिर से दर्द की वजह से मचलने लगी और मैंने उससे कहा कि तुम अब बिल्कुल भी घबराना मत. में ज्यादा तेज धक्का देकर नहीं डालूँगा और मुझे तुम्हारे दर्द की भी चिंता है बस तुम थोड़ा सा सब्र करके मेरा साथ दे दो.

अब में उसके बूब्स को मसलने लगा और में उसके साथ साथ ही धीरे से अपनी दूसरी पोज़िशन भी ले रहा था. फिर जैसे ही वो कुछ शांत हुई तो मैंने एकदम सही मौका देखकर ज़ोर से हल्ला बोल दिया और मेरा लंड पहले से चिकना तो था ही और थोड़ा सा ज़ोर लगाने से मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया जो सीधा उसकी बच्चेदानी से जा टकराया और वो उस दर्द की वजह से चीख मारकर करीब बेहोश ही हो गई थी.

फिर बहुत देर करीब 5-7 मिनट के बाद वो थोड़ा सा संभली और उसको अपनी चूत में जलन महसूस होने लगी और अब वो मुझसे कहने लगी कि भैया बहुत दुख रहा है, प्लीज अब इसको आप बाहर निकाल लो आईईईईईइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ में मर जाउंगी आपने यह क्या किया? ऊह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी चूत को फाड़ दिया ऊईईईईईईई माँ मुझे बड़ा दर्द हो रहा है.

फिर मैंने उसको समझाते हुए उससे कहा कि बेबी काम खत्म हो गया है और अब तुम्हे ज्यादा नहीं दुखेगा ऐसा कहकर में उसको चूमने लगा और मैंने उसको एक लंबा उसके होंठो पर किस किया और जब वो शांत हुई तब में धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर भी हिलाने लगा. दर्द कम होने की वजह से वो भी चुपचाप पड़ी रही और उसके आगे मेरे लिए कुछ ज़्यादा मुश्किल नहीं था और अब में जन्नत में था.

में उसको लगातार धक्के दिए जा रहा था और कुछ देर बाद वो भी अपने कूल्हों को उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी. उसके बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया और कुछ देर उसके ऊपर लेटा रहा और बाद में हट गया, लेकिन मैंने अपनी बहन की कुंवारी तड़पती हुई चूत को फाड़ दिया था.

Updated: December 11, 2016 — 5:57 am
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