बेख़बर चुदाई का मज़ा-2

antarvasna शाम तो हो ही चुकी थी अब जल्दी से रात होने का इंतजार करने लगा.
वो भी हुई लेकिन काफ़ी इंतजार के बाद…मेरा मतलब इंतजार की घड़ी वाकई लंबी हो गयी थी.
भाभी ने स्पेशल खाना बनाया था हम तीनो (मैं भाभी और मेरा भाई) ने खूब मज़े मे खाया….
लेकिन भाभी की आँखे बीच बीच मे मेरी आँखो से मिल जाती और बहुत कुछ कह जाती…..पहली बार हमने आँखो से भी सेक्स करना सीख लिया था.
मेरी प्यारी भाभी सिर्फ़ भाभी नही बल्कि सेक्स की देवी है सेक्स की टीचर है सेक्स का प्रतिबिंब है….उनको अंग अंग मे आकर्षण है हर अदा मे आकर्षण है.
भोजन ख़त्म हो गया अब चोदने की बारी थी.
मैं भाभी को चुपके से बता दिया की आधे घंटे बाद आता हूँ तब तक “शिवम” को किसी तरह सुला दे, और चला गया मार्केट की तरफ.
आधे घंटे बाद जब वापस आया तो भाभी ने अपना काम पूरा कर दिया था. शिवम सो गया था, तसल्ली के लिए हमने उसका कमरा बाहर से भी बंद कर दिया.
अब मैं भाभी के रूम मे गया….
रूम का वातावरण……मौसम…….महॉल……खुश्बू…..से मैं दंग रह गया.
भाभी किसी नयी दुल्हन के तरह सज के बैठी थी…जैसे आज सुहाग रात हो.
मैं भी आज भाभी को भैया के ना होने के अहसास को ना होने देना चाहता था.
पूरे मूड मे पलंग पे पहुँच गया….घूँघट उठाया तो भाभी मंद मंद मुस्करा रही थी.
अब मैने भाभी को धीरे से पलंग पे लिटा दिया और खुद भी बगल मे लेट गया……बिना बोले सब कम हो रहा था.
भाभी आज रात पूरी तरह मेरी थी इसलिए मैं कोई जल्दी नही करना चाहता था.
फिर उनके लिप्स पे अपने लिप्स को रख दिया और किसिंग सुरू हो गयी….क्या रसभरी लिप्स थे भाभी के इतने मज़े मैने पहले किसी लड़की के साथ भी नही लिए थे जितनी भाभी मुझे दे रही थी…मैं पूरा पी जाना चाहता था….करीब १० मिनट के किसिंग के बाद मैने साड़ी खोलना सुरू किया.
साड़ी उतरने के बाद, ब्लाउस फिर पेटिकोट…..अब पैंटी और ब्रा बचे थे भाभी के बदन पर.
आप अनुमान लगा सकते है की हुस्न की मल्लिका मेरी भाभी के गोरे बदन पर काले काले दो वस्त्र कैसे लग रहे होंगे? लेकिन उस समय उससे भी सुनहरी चीज़ उस काले वस्त्र के अंदर छुपे थे.
अब मैने भाभी के ब्रा को खोल दिया उनके दोनो कबूतर बाहर निकल आए. मैं उनकी मालिश सुरू कर दी.
दोनो बूब्स को चूसते चूसते लाल कर दिया.
15मिनट बूब्स के साथ खेलने के बाद प्यास लग गयी थी लेकिन पानी की जगह आज अमृत मिलने वाला था.
अमृत द्वार पे जो पैंटी पहनी थी भाभी ने वो मैने बिना समय गवाएं उतार दी……
क्या चूत थी? देखने पे कोई कह नही सकता था की पहले कभी ये लॅंड के झटके खा चुकी है…..क्लीन चूत….गुलाबी पूसी….गोरे गोरे जाँघो के बीच…..दुनिया का सबसे सुंदर नज़ारा मेरे सामने था.
उस जगह से नज़र हटने का नाम ही नही ले रहा था.
अब प्यासे मुँह को लगा दिया रसपान करने मे…..जीभ से ही मैं भाभी को चोद्ने लगा था…भाभी भी कमर उठा रही थी…जिसका मतलब था वो मज़े ले रही थी.
१० मिनट के बाद भाभी झड़ गयी, मैने सारा अमृत पी लिया.
अब भाभी उठी और मेरे लॅंड की तरफ बढ़ी मेरे पैंट खोलकर एक ही झटके मे लंड बाहर निकल लिया…..देखकर ख़ुशी से पागल हो गयी….बोली—इतना बड़ा????
मैने बोला हाँ- अभी 7 इंच का ही है चूसने पर 9 का हो जाएगा.
सुनते ही भाभी लोलीपोप की तरह अपने मुहं मे लंड ले लिया….फिर मुहं उपर नीचे करते हुए मेरे लंड को ही चोदने लगी.
5मिनट मे ही मुझे लगा मैं झडने वाला हूँ तो मैने भाभी से छोड़ देने को कहा.
भाभी लॅंड बाहर निकल कर देखना चाहती थी…की वाकाई 9 इंच का हुआ या नही देखकर बोली राज आज मैं तुम्हारे लंड की फ़ैन हो गई.
फिर मैने भाभी को पलंग पर लिटा दिया मुँह उपर करके, और दोनो पैरो को उपर करके फैलाकर जगह बनाई. अपने मोटे लंड को चूत के द्वार पर रखा…भाभी अभी से ही सिसकारी लेने लगी थी.
हल्का सा धक्का दिया तो भाभी धीरे से चिल्लाई थोड़ा धीरे राज.
फिर मैने धीरे धीरे ४-५ बार अपने कमर को हिलाया और एक जोरदार झटका दिया तो आधा से ज़्यादा लॅंड भाभी के चूत मे समा चुका था…. कुछ सेकेंड ऐसे ही रहने के बाद मैने कमर हिलना शुरू कर दिया….भाभी भी अब मज़े लेने लगी और सिसकारिया लेने लगी.
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईआआआआहह राज चोदो और और…….मेरा उत्साह और बढ़ जाता और तेज झटके लगा रहा था.
कुछ देर बाद मैने अपने पसंदीदा घोडी स्टाइल मे भाभी को सेट किया और पीछे से भाभी के चूत मे लॅंड डाल दिया इस बार पूरा पूरा चला गया …..फिर झटके भी तेज होने लगे..
भाभी के आवाज़ो से कमरा गूँज रहा था…..वो हम दोनो बेख़बर चुदाई का मज़ा ले रहे थे…..
भाभी बोली और तेज करो मैं झडने वाली हूँ……
मैने अपनी फुल स्पीड पकड ली….२ मिनट बाद हम दोनो एक साथ अपनी चरम सीमा पर पहुँच गये……
फिर कुछ देर साथ मे नंगे ही लेटे रहे……… उनका मेरीज़ डे बिना पति के भी सफल हो गया था.
धन्यवाद . .

Updated: August 8, 2019 — 3:40 pm
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