भाभी की चूत में लंड डालकर धूम मचाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 25 साल है और मस्त दिखता हूँ. मेरी हाईट 5.9 फिट और मेरा लंड 6 इंच का है. दोस्तों में आज आप सभी पढ़ने वालों को अपना पहला सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली हॉट भाभी के साथ सेक्स के मज़े लिए और उस चुदाई में उन्होंने भी मेरा पूरा साथ दिया. में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरी चुदाई अपनी भाभी के साथ आप सभी को जरुर पसंद आएगी.

अब में अपनी कहानी पर आता हूँ. यह बात तब की है जब में 21 साल का था और में उस समय मुंबई में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था और में उस समय में एक फ्लेट में किराए से रहता था. तो वहां पर मेरे ऊपर की मंजिल पर एक गुजराती परिवार रहता था जिसमें एक शादीशुदा जोड़ा और उनका एक छोटा सा लड़का रहता था उन भाभी नाम प्रिया था और उनकी उम्र करीब 29-30 साल होगी वो दिखने में किसी अप्सरा से कम नहीं थी उनके चेहरे पर बहुत ही मासूमियत थी. उनका वो गोरा बदन, मस्त बूब्स और सेक्सी गांड और जब वो मटकती हुई चलती थी तो उन्हें देखकर तुरंत मेरा लंड खड़ा हो जाता था और में उन पर हमेशा लाईन मारा करता था, लेकिन बहुत समय तक नाकाम रहा.

दोस्तों में हर रोज सुबह 9.00 बजे अपने कॉलेज के लिए निकलता था तो वो भाभी मुझे अक्सर लिफ्ट में मिलती थी, क्योंकि वो उस समय उनके लड़के को स्कूल के लिए नीचे बस स्टाप तक छोड़ने जाया करती थी.

दोस्तों मेरी उन भाभी से और उनके पति से बहुत अच्छी पहचान थी, क्योंकि हमे साथ में रहते हुए बहुत समय हो गया था और में उनके हर कोई छोटे बड़े काम कर दिया करता था. मैंने उन्हें कभी भी कोई काम के लिए मना नहीं किया. तो वो दोनों ही मुझसे बहुत खुश थे.

भाभी के साथ साथ भैया का व्यहवार भी मेरे लिए बहुत अच्छा था और इसलिए में उनसे बहुत ज्यादा बातें किया करता था हमारे बीच में हर कभी हाए, हैल्लो आप कैसे हो? होती रहती थी. वो मेरी हर बात का बहुत खुश होकर जवाब दिया करती थी वो मेरे साथ बहुत खुश रहती थी उनका स्वभाव भी बहुत अच्छा था. मेरा उनके साथ बहुत बार हंसी मजाक होता था और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी. में उनकी सुन्दरता को देखकर उनकी तरफ बहुत आकर्षित था और उसके आलावा भी में उनसे बहुत कुछ बातें किया करता था और उनसे बहुत कुछ पूछता था, वो मेरी हर एक बात का बहुत हंसकर जवाब दिया करती और हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुश थे.

उन्होंने मेरी किसी भी बात का कभी भी बुरा नहीं माना. दोस्तों वो भाभी अक्सर साड़ी पहनती थी जिसमें वो बहुत ही मस्त सेक्सी सामान लगती थी और मेरा उन पर दिल आ गया था. उनसे बात किए उन्हें देखे देखे बिना मेरा कोई भी दिन नहीं जाता था. में हमेशा उनसे बातें करने और मिलने के मौके देखा करता और उनसे बहुत हंसी मजाक किया करता था.

फिर में हर रोज उनके नाम से मुठ मारा करता था और में मन ही मन सोचता था कि कैसे में भाभी को अपनी बातों में फंसाकर अपनी तरफ आकर्षित करके उन्हें चोद दूँ और उनकी चुदाई के मज़े लूँ? में अब कैसे भी करके उनकी चुदाई करना चाहता था और उसके लिए में हमेशा नये नये मौके ढूंढता था. मेरा मन अब उनके आलावा और कहीं लगता भी नहीं था.

हमारे बीच हंसी मजाक घंटो बैठकर बातें करना हर दिन का काम था, वो जब कभी घर के कामों में लगी रहती तो में अपनी चोर नजर से उनके झूलते लटकते हुए बूब्स को देखता और कभी मौका मिलने पर उनकी गांड को छू देता उनके मुलायम गोरे हाथों को छूकर उसका स्पर्श लेकर घंटो तक उसके बारे में सोचता रहता था. दोस्तों ऐसा मेरे साथ बहुत दिनों तक चला और में बस उन्हें सोचकर अपना लंड हिलाकर अपने मन को शांत कर लिया करता था और में ऐसे ही खुश था, लेकिन में उस मौके की भी तलाश में था जिसकी वजह से मुझे अंदर छुपी हुई चूत देखने को मिले, जिसके लिए में तरस रहा था.

दोस्तों एक दिन उस ऊपर वाले ने मेरे मन की बात को सुन लिया. उसने थोड़ी देर जरुर लगाई, लेकिन मुझे वो सबसे अच्छा मौका दे दिया में जिसकी तलाश में था. दोस्तों उस दिन मैंने अपनी बालकनी से बाहर झांककर देखा तो उनके पति अपना बेग पेक करके कहीं बाहर जा रहे थे और वो उस समय मुझे बहुत जल्दी में लगे और वो चले गए तो उसके अगले दिन जब भाभी मुझसे मिली तो मैंने उनसे पूछा कि भाभी क्या भैया कहीं बाहर गये है आज वो मुझे कहीं नहीं दिख रहे है?

फिर भाभी ने मुझसे कहा कि हाँ वो दस दिन के लिए अपनी कंपनी के किसी काम से इंडिया से बाहर गये है, उनको अचानक से बहुत जरूरी काम आ गया था इसलिए उन्हें जाना पड़ा. फिर में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और अब मैंने अपने मन ही मन सोच लिया कि मुझे इन दस दिनों में भाभी को कैसे भी करके जरुर चोदना है, में अब उनकी चुदाई किए बिना उनको छोड़ने वाला नहीं था और में मौके तलाशने लगा. अब मैंने भाभी को एक प्यारी सी स्माइल दी और भाभी ने मुझे देखा और फिर कुछ समय के बाद उन्होंने भी मेरी तरफ मुस्कुरा दिया.

फिर में थोड़ा सा खुश हुआ तो मुझे लगा कि अब मेरा काम बन रहा है और मुझे उनकी चुदाई करने का मौका मिल सकता है.

दोस्तों अगले दिन शनिवार था और उस दिन मेरे कॉलेज की छुट्टी थी, इसलिए में उस दिन अपने रूम पर ही था और भाभी को किसी जरूरी काम से कुछ खरीदने के लिए मार्केट जाना था, इसलिए वो तुरंत नीचे आ गई और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि राज मुझे किसी जरूरी काम से मार्केट जाना है और इस समय तुम्हारे भैया भी घर पर नहीं है तो क्या तुम प्लीज मुझे अपनी बाईक से बाजार तक छोड़ दोगे? तो मैंने उनकी पूरी बात को सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर तुरंत उन्हें हाँ कह दिया और फिर मैंने उनसे सोसाइटी के बाहर जाने के लिए कहा ताकि हमें एक साथ जाते हुए कोई ग़लत मतलब ना निकाल ले और उन्होंने मेरी बात को तुरंत मान लिया.

फिर में जल्दी तैयार होकर नीचे आ गया और अपनी बाइक को लेकर में उनके पास चला गया और उन्हे अपने पीछे बैठा लिया और में उन्हें लेकर मार्केट की तरफ चल पड़ा. उस दिन भाभी ने सलवार सूट पहना हुआ था.

मैंने उनको दोनों तरफ पैर करके बैठने को कहा क्योंकि मेरे पास स्पोर्ट बाइक थी. फिर कुछ दूर चलने के बाद में बार बार जानबूझ कर ब्रेक लगा देता जिससे भाभी के बूब्स मेरी कमर पर छू रहे थे और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. उस स्पर्श से मेरा लंड मानो अब मेरी पेंट को फाड़कर बाहर आ रहा था, वो भी अब मेरे मन की बात को बहुत अच्छी तरह से समझ गई थी कि में बार बार ब्रेक लगाकर उनके साथ मज़े ले रहा हूँ, लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोल रही थी और फिर मैंने हमने एक दूसरे से मोबाईल नंबर ले लिए और भाभी ने मुझसे धन्यवाद कहा.

फिर उन्होंने उसी शाम को अपने घर पर मुझे नाश्ते के लिए आने को कहा और उसके बाद में अपने घर पर वापस आ गया, लेकिन दोस्तों मेरे मन की बात कहूँ तो में आज बहुत ज्यादा खुश था में पूरे दिन उनके बारे में ही सोचता रहा और उनको अपने पास महसूस करने लगा उनके बड़े बड़े बूब्स को अपनी कमर पर छूने वाली घटना को सोच सोचकर में पागल सा हुआ जा रहा था.

शाम को मेरे पास उनका कॉल आया और उन्होंने मुझे ऊपर अपने घर पर बुला लिया. में जल्दी से तैयार होकर उनके घर पर चला गया और दरवाजे की घंटी को बस मेरे एक बार बजाते ही तुंरत दरवाजा खुल गया और में उनको देखता ही रह गया. उन्होंने मुझे मुस्कुराते हुए अंदर आने को कहा, वो उस समय बहुत सुंदर दिख रही थी. फिर भाभी मुझसे बोली कि ओओ राज बैठो और मुझे मार्केट तक छोड़ने के लिए तुम्हे धन्यवाद, में तुम्हारे लिए चाय नाश्ता लाती हूँ.

फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं भाभी रहने दो वो तो मेरा एक फर्ज था और वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंसने लगी और वो मुझसे हसंते हुए बोली कि फर्ज हाँ में समझ गई बेटे, तुम नाश्ता करके जाना. तभी मेरे कुछ देर बैठने के बाद मैंने देखा कि उनका लड़का एक्सट्रा ट्यूशन के लिए चला गया और अब में उन्हे अपनी बुरी नज़र से लगातार घूर रहा था और मेरी नज़र उनके बूब्स से हटने को तैयार ही नहीं हो रही थी. उनकी गोरी छाती को देखकर मेरे लंड ने अपना आकार बदलना शुरू कर दिया था.

फिर वो मुझसे बोली कि राज क्या हुआ तुम मुझे ऐसे क्या देख रहे हो अपना नाश्ता खत्म करो ना? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं भाभी में कुछ सोच रहा था और जब में भाभी से बातें कर रहा था तब भाभी ने मुझसे पूछा कि राज तुम अभी जवान हो कॉलेज जाते हो और अच्छे भी दिखते हो तो तुम्हारे जाल में कई सारी लड़कियां फंसी होगी, क्यों तुम्हारी तो बहुत सारी गर्लफ्रेंड होगी? तो मैंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है, मेरी अब तक कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और में अभी तक बिल्कुल अकेला हूँ. मुझे कोई मिलती ही नहीं और अगर आपकी नज़र में कोई आपके जैसी सुंदर लड़की है तो आप ही मुझे बता दो.

फिर भाभी मुझसे कहने लगी कि अच्छा अब तुम मुझे सच सच बता दो कि तुम्हे कैसी लड़की पसंद है, तो मैंने तुरंत कह दिया कि भाभी मैंने अभी आपसे कहा ना कि मुझे बिल्कुल आप ही की तरह चाहिए, उसमे और आपमें कोई अंतर नहीं होना चाहिए और जहाँ तक मेरा मानना तो यह है कि आप भी चलोगे. फिर वो मेरे मुहं से यह शब्द सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हे पता है कि में तो पहले से ही शादीशुदा हूँ, तुम कोई और देखो.

फिर मैंने भी झट से कह दिया कि हाँ दुनिया में सभी का नसीब थोड़ी ना भैया की तरह होता है, उन्हे तो आप जैसी सुंदर लड़की मिलते ही जन्नत नसीब हुई है, उनकी किस्मत दुनिया में सबसे अच्छी है. दोस्तों उस समय भाभी मेरे पास में सोफे पर बैठी हुई थी और यह बात सुनकर अब अचानक से उनका चेहरा उतर गया और मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ आप इतने उदास क्यों हो गये और फिर वो रोने लगी.

तब उन्होंने मुझसे कहा कि राज में तुम्हे क्या बताऊँ उन्हें तो मेरे लिए टाइम ही नहीं है उनको तो बस पैसा ही चाहिए, मेरे प्यार के लिए तो उनके पास बिल्कुल भी वक्त ही नहीं. में अब बहुत तन्हा अकेली सी हो गई हूँ.

दोस्तों तभी मैंने कुछ सोचकर तुरंत उस अच्छे मौके का फ़ायदा उठा लिया और मैंने उनको झट से अपनी बाहों में भर लिया और फिर मैंने उनसे कहा कि भाभी आप रोते हुए बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती हो, प्लीज अब आप मत रोईये, में हूँ ना आपके पास और में अब उनके आंसू साफ करने लगा और में पीछे से उनकी पीठ पर अपना एक हाथ घुमाने लगा, वो भी मेरी बाहों में आकर मेरा साथ दे रही थी और मैंने अब सीधा उन्हे किस करना चालू किया तो उन्होंने मुझे रोका और फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा, में थोड़ा सा डर गया था तभी थोड़ी देर बाद भाभी खुद मुझे किस करने लगी थी और में बहुत खुश हुआ.

फिर करीब 15 मिनट हम लगातार एक दूसरे को किस कर रहे थे, तो मैंने महसूस किया कि भाभी अब पूरी गरम हो गयी थी. फिर मैंने उनसे कहा कि भाभी में कब से इस दिन का इंतज़ार कर रहा था. में बहुत दिनों से आपको अपने मन की बात बताना चाहता था. तभी तुरंत वो मुझसे बोली कि तुम्हे अब तक रोका किसने था, में भी तो तुम्हारा साथ चाहती थी इसलिए ही मैंने तुम्हे बहुत बार इतने सारे अच्छे अच्छे मौके दिए, आओ आज तुम मुझे खुश कर दो, में आज से बस तुम्हारी हूँ. आज तुम अपने मन की बात के साथ साथ मेरी इच्छा को भी अब पूरा कर दो, लेकिन थोड़ा जल्दी करो, में अब ज्यादा नहीं सह सकती, प्लीज जल्दी से मुझे वो मज़े दो जिसके लिए में इतने दिनों से तरस रही हूँ. दोस्तों भाभी ने उस समय साड़ी पहनी हुई थी.

फिर मैंने एक झटका देकर तुरंत उनका पल्लू हटा दिया और फिर ब्लाउज को भी खोल दिया तब मैंने देखा कि भाभी ने जालीदार हल्के नीले रंग की ब्रा पहनी हुई थी. दोस्तों वो क्या मस्त नज़ारा था? मानो मुझे आज जन्नत नसीब हो गयी हो और में तो उन्हें देखकर बिल्कुल पागल हो रहा था. मेरी नजर उनकी छाती पर अटककर रह गई.

फिर भाभी मुझसे कहने लगी कि अब सिर्फ़ घूर घूरकर देखकर ही मन भरोगे या इसके आगे भी कुछ करोगे? अब में ब्रा के ऊपर से ही रुई के जैसे मुलायम बड़े आकार के एकदम गोल गोल बूब्स को दबाने निचोड़ने लगा था जिसकी वजह से वो अब धीरे धीरे मोन करने लगी थी उह्ह्हह्ह आह्ह्ह्ह हाँ थोड़ा और ज़ोर से दबाओ इन्हें बहुत दिनों से किसी ने छुआ तक भी नहीं है उफफ्फ्फ्फ़ हाँ थोड़ा और ज़ोर से करो और अब मैंने अपने एक हाथ से उनकी साड़ी को खोल दिया. अब भाभी आवाज़ करने लगी उमम्मम्मम आअहहहह राअज्ज और ज़ोर से करो, हाँ जोर से में कब से बहुत प्यासी हूँ. फिर मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतार दिए और भाभी को भी मैंने पूरा नंगा कर दिया और मैंने भाभी को अपनी गोद में उठाया और उनके बेडरूम में ले गया.

में अब उनको चूमने लगा था. वाह दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था? उनका पूरा गोरा गदराया हुआ बदन देखकर में ललचाने लगा था. फिर में नीचे आते हुए उनकी नाभि तक पहुंच गया और उसको चूमने लगा. फिर थोड़ा और नीचे आकर मैंने भाभी की गरम प्यासी चूत को चूम लिया और अब में चूत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा था, जैसे में कई दिनों से प्यासा हूँ. फिर भाभी मुझे कहने लगी कि हाँ राज्ज्ज और ज़ोर से राज उफ्फ्फफ्फ्फ़ वाह बहुत मज़ा आ रहा है आहह उउँह्ह्ह्ह थोड़ा और अंदर तक चाटो, वो अब जोश में आकर अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी थी और में अपनी जीभ को पूरा अंदर तक डालकर लगातार चूत को चूसने चाटने लगा था, लेकिन फिर कुछ देर चाटने के बाद वो मेरे मुहं पर झड़ गयी और मैंने उनका पूरा पानी पी लिया और चाट चाटकर चूत को एकदम चमका दिया. मेरे चूसने की वजह से चूत अब और भी सुंदर कामुक लगने लगी थी.

फिर मैंने कुछ देर बाद भाभी को अपना लंड चूसने के लिए कहा पहले तो उन्होंने मुझसे साफ मना किया, लेकिन मेरे कुछ देर समझाने के बाद वो तुरंत मान गई और धीरे धीरे से उन्होंने मेरा मोटा लंबा लंड पूरा अपने मुहं में ले लिया और वो करीब दस मिनट तक लगातार बहुत मज़ा लेकर वो मेरा लंड चूसती रही और फिर वो लंड को मुहं से बाहर निकालकर मुझसे कहने लगी कि प्लीज राज अब मुझे इतना मत तड़पाओ, प्लीज अब चोद दो मुझे, मेरी प्यास को बुझा दो, बना लो मुझे अपना, दे दो मुझे वो सुख जिसके लिए में इतने दिनों से बैचेन हूँ.

अब मैंने अपने पास से एक कंडोम निकाला और मैंने कंडोम को अपने लंड पर चढ़ा लिया और भाभी को बिल्कुल सीधा लेटा दिया. फिर लंड को उनकी चूत के मुहं पर रखा और उनके दाने को हल्के हल्के घिसने लगा और कुछ देर बाद लंड को चूत के मुहं पर अपना पूरा ज़ोर लगाकर अंदर की तरफ दबाते हुए अंदर डालने लगा, जिसकी वजह से भाभी को बहुत दर्द होने लगा था.

अब वो मुझसे बोली कि उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ मर गई आईईईईई तुम्हारा यह तो मेरे पति से भी बहुत बड़ा और मोटा है प्लीज ज़रा आराम से डालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन दोस्तों में उस समय पूरे जोश में था, इसलिए मैंने उनकी किसी भी बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और फिर मैंने एक ही ज़ोर से एक झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी चूत को चीरता फाड़ता अंदर चला गया और उस दर्द की वजह से भाभी की आंख से आंसू बाहर आ गए और उन्होंने मुझे ज़ोर से एक थप्पड़ मार दिया.

फिर में कुछ देर वैसे ही रुक गया और कुछ देर बाद में अब धीरे धीरे अपने लंड को चूत में अंदर बाहर करने लगा था. भाभी भी अब मेरे साथ साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने लगी और फिर वो सिसकियों के साथ साथ मुझसे कहने लगी उफ्फ्फ्फ़ राज चोदो मुझे आह्ह्ह्हह्ह आईईईईईई में तुम्हारी ही हूँ, चोदो मुझे, थोड़ा और ज़ोर से आअहह वाह मज़ा आ गया.

दोस्तों अब में अपनी फुल स्पीड से भाभी का जोरदार धक्के देकर चोदने लगा था, जिसकी वजह से उनकी चूत पूरी लाल हो गई थी और वो पूरी पसीने से भीग चुकी थी. अब कभी में ऊपर तो कभी वो, मैंने करीब करीब हर तरीके से उन्हें लेटाकर बैठाकर घोड़ी बनाकर, कभी हवा में चूतड़ को उठाकर धक्के लगाए और करीब 20-25 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद अब मेरा वीर्य निकलने वाला था.

मैंने जल्दी से अपना कंडोम लंड से बाहर निकाल दिया और फिर अपना लंड एक बार फिर से भाभी के मुहं में दे दिया, वो बहुत मज़े से लंड को चूसने लगी और में भी अब उनके सर को पकड़कर अपने लंड को मुहं में धकेलने लगा था, वो लोलीपोप की तरह लंड के मज़े लेने लगी. वैसे सच पूछो तो हम दोनों को ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ देर धक्के देने के बाद मैंने अपना पूरा गरम गरम वीर्य उसके मुहं में डाल दिया और उनसे वीर्य को पीने के लिए कहा तो वो झट से मेरा कहना मान गयी और उन्होंने मेरा पूरा वीर्य गटक लिया और लंड को बहुत आराम से चाट चाटकर पूरा साफ किया.

फिर हम दोनों करीब 20 मिनट एक दूसरे को चूमते चाटते रहे और में अब उनकी चूत में अपनी एक उंगली को अंदर बाहर कर रहा था और चूत के दाने को सहला रहा था. तभी वो मुझसे कहने लगी कि राज जब भी तुम्हे ऐसे कोई ज़रूरत हो तब तुम बिना किसी टेंशन के आ जाना, में तुम्हे कभी भी मना नहीं करूंगी, क्योंकि मुझे तुम्हारा चुदाई करने का तरीका बहुत अच्छा लगा और तुमने मुझे आज पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है, ऐसी चुदाई के लिए में बहुत सालों से तरस रही थी, तुम्हे चुदाई करने का बहुत अच्छा अनुभव है वाह मज़ा आ गया.

फिर मैंने कहा कि ठीक है तुम मुझे ऐसे ही फोन करती रहना, में तुम्हारी प्यासी चूत को चोदकर ऐसे ही शांत करता रहूँगा और में भी अब तुम्हे शांत करने ऐसे ही आता रहूँगा और तुम्हारी प्यास को बुझाता रहूँगा. फिर भाभी ने जाने से पहले मुझे रोका और एक लम्बा किस दे दिया मानो जैसे में आज अभी से उनके लिए सब कुछ हूँ और उसके बाद में अपने कपड़े पहनकर चला गया. दोस्तों उसके बाद मैंने फिर से उन्हें बहुत बार चोदा, वो बहुत बार मेरे रूम पर भी मुझसे अपनी चुदाई करवाकर चली गई और मैंने उनके साथ अपनी जिन्दगी के पूरे मज़े लिए.

Updated: October 15, 2016 — 7:44 am
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme

Fatal error: Uncaught exception 'Exception' with message 'Cache directory not writable. Comet Cache needs this directory please: `/home/mgk/public_html/wp-content/cache/comet-cache/cache/http/merigandikahani-com`. Set permissions to `755` or higher; `777` might be needed in some cases.' in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php:367 Stack trace: #0 [internal function]: WebSharks\CometCache\Classes\AdvancedCache->outputBufferCallbackHandler('<!DOCTYPE html>...', 9) #1 /home/mgk/public_html/wp-includes/functions.php(3721): ob_end_flush() #2 [internal function]: wp_ob_end_flush_all('') #3 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(298): call_user_func_array('wp_ob_end_flush...', Array) #4 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(323): WP_Hook->apply_filters('', Array) #5 /home/mgk/public_html/wp-includes/plugin.php(453): WP_Hook->do_action(Array) #6 /home/mgk/public_html/wp-includes/load.php(677): do_action('shutdown') #7 [internal function]: shutdown_action in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php on line 367