भाभी की सहेली के साथ सेक्स -2

group sex kahani

भाभी ने पीछे मुड़ कर प्यार से मन्जू को देखा और मेरे मुख पर चूत का हल्का झटका मार कर कहा,”देवर जी …. अब आप मन्जू की चोदो और मेरी छोड़ो …. !”

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भाभी ने अपना पांव घुमा कर मेरे चेहरे पर से हटा लिया और बिस्तर पर से नीचे आ गई। अब मन्जू ने मुझे बडी कातिल निगाहों से देखा और लन्ड को अपनी चूत में दबा लिया और मेरे ऊपर पसर गई। मैने उसके बोबे अपने हाथो में भर लिये।

उसने मेरे शरीर को अपने बाहों में लपेट कर कस लिया और मेरे होंठो को अपने होंठो से दबा लिया। अब उसके चूतड़ बड़ी तेजी से नीचे लन्ड पर चल रहे थे। उसकी कमर का बल खा कर धक्के देना बड़ा सुहा रहा था।

अपने होंठ वो बुरी तरह से रगड़ रही थी। हम दोनों के धक्के तेज होने लगे थे …. नशे में आखें बन्द होने लगी थी …. स्वर्ग सा आनन्द आने लगा था। दोनों ओर से से चूतड़ उछल रहे थे …. बराबरी से जवाब मिल रहा था इसलिये आनन्द भी खूब आ रहा था। अचानक उसके मुख एक चीख सी निकली। जिसे मैं बिलकुल नही समझ पाया।

“हाय रे …. राजू ये क्या …. …. हाय …. ”
“क्या हुआ मन्जू रानी …. ? ”

“हाय …. मेरी गान्ड फ़ट गई रे …. ! ” और अति उत्तेजना से मन्जू झडने लगी।

“आऽऽऽह …. ” फिर एक चीख और …. तभी मेरी नजर भाभी पर गई …. उनके हाथ में डिल्डो था …. मै समझ गया कि भाभी ने मन्जू की गान्ड में डिल्डो फंसा दिया था। और मन्जू उत्तेजना से झड़ गई थी।

उसकी चूत लप लप कर रही थी और मेरे लन्ड को लपेट कर झड रही थी। मेरा लन्ड अब पानी भरी चूत में चल रहा था …. चूत ढीली पड चुकी थी अब मजा नहीं आ रहा था। मन्जू साइड में लुढ़क पड़ी।

अब भाभी का नम्बर था। बिस्तर छोटा था इसलिये मैने भाभी को घोड़ी बना दिया।

“भाभी आज नये छेद का श्री गणेश करें …. …. ?”

भाभी ने क्रीम की तरफ़ इशारा किया। मैने भाभी की गान्ड थपथपाई और क्रीम निकाल कर गान्ड के छेद में उंगली घुसाते हुये सब तरफ़ लगा दी। अब तक मन्जू बिस्तर पर से उठ चुकी थी। मेरा कठोर लन्ड अब भाभी की गान्ड के छेद पर टकरा रहा था। मन्जू मुस्करा उठी,”कुसुम …. तो आज पिछाड़ी का नम्बर है …. !”

“मन्जू …. …. प्लीज़ बड़ी प्यासी है अगाड़ी भी …. …. जरा मदद कर दे …. डिल्डो से मेरी अगाड़ी चोद दे …. ” भाभी ने मन्जू से विनती की।

मैने अपने लन्ड का जोर लगाया …. मेरा सुपाडा फ़क से गान्ड के छेद में उतर गया। भाभी चिहुंक उठी। फिर एक हाय और निकल पड़ी …. ये डिल्डो था जो मन्जू ने उसकी चूत में घुसा दिया था। मेरा लन्ड उसकी गान्ड की दीवारों को चीरता हुआ अन्दर तक उतरता जा रहा था।

ये क्रीम का असर था जिससे ना मुझे लगी और ना ही भाभी को दर्द हुआ। भाभी ने अपनी दोनों टांगें पूरी फ़ैला दी और बिस्तर पर अपनी दोनों हथेलियां टिका दी। मन्जू जमीन पर नीचे बैठ गई और इत्मिनान से उसकी चूत डिल्डो से चोदने लगी।

मुझे भी गान्ड चोदते समय उसके डिल्डो का अह्सास हो रहा था। पर मुझे गान्ड के अन्दर लन्ड पर घर्षण से बहुत ही तेज मजा आ रहा था। भाभी भी डबल मजा ले रही थी …. मन्जू भी डिल्डो घुमा घुमा कर चोद रही थी। भाभी की सिसकारियां भी बढ़ती जा रही थी।

“दे …. यार …. दे …. चोद दे …. हाय मेरी गान्ड …. साली को चीर दे …. हाऽऽऽऽऽऽऽय रे राजूऽऽऽ …. …. ” भाभी दोनों पांव फ़ैलाये मस्ती से अपनी अगाड़ी और पिछाड़ी चुदवा रही थी। मन्जू के बाद भाभी की गान्ड चोदते चोदते अब मैं भी चरमसीमा पर आ चुका था ….

और ऊपर से भाभी की टाईट गान्ड …. हाय् …. …. कैसे टाईम बढ़ाऊं …. मेरे शरीर की कसक बढ़ती जा रही थी …. वासना से निहाल हुआ जा रहा था। लन्ड कड़क रहा था …. धार सी छूटने का अह्सास होने लगा था।

बस …. …. धक्के मारते मारते और वीर्य रोकते रोकते भी रिसने लगा …. और अचानक ही लन्ड बाहर निकालते ही उसकी गान्ड की गोलाईयों पर तेज धार निकल पडी …. भाभी की गान्ड तर हो उठी …. मेरी पिचकारी तेजी सी निकल रही थी ….

भाभी ने भी आखिर दम तोड़ ही दिया …. और सिमट पड़ी…. उसका पानी निकल पड़ा …. और भाभी झड़ने लगी। मन्जू ने डिल्डो निकाल लिया और पास पड़े तौलिए से उसकी चूत और गान्ड रगड़ दी। मेरे लन्ड ने पूरा वीर्य छोड़ दिया था। भाभी अब सीधे खड़ी हो गई थी। मन्जू भाभी की मदद कर रही थी …. ठीक से सारा पौन्छ लिया।

“भाभी मजा आया ना …. और मन्जू जी …. आपकी चूत तो बड़ी चिकनी मस्त निकली …. !”मैने मन्जू को अपनी बाहों में भरते हुए कहा।

“भाभी को तो देवर जी मिल गये …. जब चाहा फ़ुडवा लिया …. मुझे कौन फ़ोडेगा …. !”

भाभी ने हंसने लगी और बोली …. “हां मन्जू जी …. अब फ़ुडवाना हो तो अपनी चूत यहाँ लेकर आ जाईये …. यहां सब कुछ …. फ़्री में फ़ोडा जाता है …. …. अगाड़ी …. पिछाड़ी …. और तीसरा मुख भी !”

मन्जू भाभी की भाषा पर शरमा गई।

“चलो …. आज इस खुशी में हम लन्च बाहर होटल में करेंगे …. ” मन्जू ने सभी को न्योता दिया। सभी तैयार होने लगे …. …. ।

मैं मन्जू और भाभी को सादगी भरे कपड़ों में देख कर हैरान रह गया …. कौन कह सकता था कि यही दोनों कुछ समय पहले उछल उछल कर चुदवा रही थी और गान्ड मरवा रही थी। ….

मैने कार स्टार्ट की और होटल की ओर रवाना हो गये ….

Updated: April 15, 2018 — 8:14 am
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