भाई के लंड का प्यार

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनम शर्मा है, अब में वर्जिन नहीं हूँ. आज में आपको अपनी एक कहानी बताने जा रही हूँ जिसमें मुझे भी बहुत मज़ा आया था. में एक अच्छी फेमिली से बिलोंग करती हूँ और मेरे पापा डॉक्टर है, मेरी माँ बहुत सुंदर है, लेकिन वो अपनी सहेलियों के साथ ही व्यस्त रहती है, जिनका चरित्र मुझे अच्छा नहीं लगता है.

मेरा भाई हैरी बहुत ही हैंडसम है, एकदम गोरा, नीली-नीली आँखें है उसकी, वो मुझसे 2 साल बड़ा है. जब हम स्कूल में थे तो बहुत सारी लड़कियाँ उसके बारे में मुझसे बात भी करती थी और कॉलेज में तो वो पॉपुलर है ही. मुझे भी मेरा भाई बहुत सेक्सी लगता है, में चाहती थी कि किसी दिन वो मेरी जवानी का मज़ा ले और में अपने भाई की जवानी का आनंद लूँ. मेरी उम्र 20 साल है और में उसके साथ ही कॉलेज जाती हूँ. वेसे तो मेरा भाई मुझसे दूर रहता है, लेकिन में जानती हूँ कि वो मुझे बाथरूम में देखने की कोशिश करता है.

अब में आपको मेरे बारे में बता दूँ कि मेरी गांड बहुत सुंदर है, मेरे कॉलेज के सभी लड़के मेरी गांड को घूर-घूरकर देखते रहते है, में भी जीन्स पहनकर उन्हें अपनी गांड अच्छी तरह से दिखाती हूँ, मेरा भाई भी मेरी गांड का दीवाना है.

एक दिन हमारे पापा मम्मी को 2 दिन के बाहर जाना पड़ा तो उन्होंने हैरी से कहा कि वो मेरा ध्यान रखे, में खाना बना सकती थी इसलिए बाकी कोई चिंता नहीं थी. फिर उस दिन सुबह ही पापा मम्मी चले गये. फिर जब में शाम को घर आई तो मैंने देखा कि मेरा भाई आज मेरे कमरे में ही बैठा है, तो मुझे थोड़ा शॉक लगा. अब मुझे लगा कि आज ये मेरे कमरे में क्यों आ गया है? अब वो मुझे अजीब तरह से देखने लगा था.

फिर मैंने शाम को खाना बना दिया और फिर हम दोनों ने खाना खाया. फिर थोड़ी देर के बाद उसने कहा कि आज में तुम्हारे लिए चाय बनाकर लाता हूँ. तो उसने मेरी चाय के कप में कोई चीज मिलाई, मैंने उसे किचन में मिलाते हुए देख लिया था. फिर उसने कहा कि जल्दी से पी लो और फिर वो अपने कमरे में चला गया, तो मैंने चाय बाहर फेंक दी और में बेड पर लेट गयी.

अब मुझे पता चल गया था कि वो मुझे बेहोश करके मेरी चूत लेना चाहता है. अब में चाहती थी कि मुझे भी मज़ा आए, क्योंकि मुझे अपना भाई बहुत सुंदर लगता था. अब में नाइटी पहनकर बेड पर लेट गयी थी और सोने का नाटक करने लगी थी. फिर 1 घंटे के बाद मेरा भाई मेरे कमरे में आया और उसने मुझे आवाज़ दी, तो मैंने सोने का नाटक किया, लेकिन थोड़ी बहुत हिली तो वो समझ गया कि अब में उसके कंट्रोल में हूँ.

फिर वो मेरे पास मेरी साईड पर बेड पर लेट गया. फिर उसने फिर से अपनी संतुष्टि के लिए आवाज़ दी, लेकिन मैंने कोई जवाब नहीं दिया. फिर मेरा भाई मेरी जवानी लूटने के लिए तैयार हो गया. अब मेरी गांड उसकी तरफ थी, तो उसने मेरी गांड के ऊपर अपना एक हाथ फैरा और बोला कि वाहह मेरी सिम्मी बहन तेरी गांड कमाल की है.

अब मुझे भी ऐसी गंदी बातें अपनी भाई से अपने बारे में सुनकर मज़ा आ रहा था. फिर मेरे भाई ने अपना लंड मेरी गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया. अब में तो अपने भाई के लंड को अपनी गांड पर महसूस करके इन्जॉय कर रही थी. फिर हैरी भैया ने बहुत देर तक अपना लंड मेरी गांड पर रगड़ा और साथ ही साथ मेरे दो उभरे हुए बूब्स को दबाया. अब में बड़ी मुश्किल से अपनी वासना रोक रही थी.

फिर भाई ने कहा कि वाहह मेरी बहन क्या बूब्स है तेरे? प्रीति से भी ज़्यादा गोल-गोल (प्रीति उसकी गर्लफ्रेंड है) और फिर उसने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मेरे होंठो को चूसने लगा. अब उसकी जीभ मेरे मुझे में अंदर तक मेरी जीभ से मिल रही थी. अब मेरा भाई मेरे होंठो का मीठा-मीठा रस पी रहा था. अब मेरे निपल्स खड़े हो गये थे. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था, अब में गर्म हो चुकी थी. फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए.

अब में अपने भाई के सामने बिल्कुल नंगी हो गयी थी. अब मेरा भाई मेरी जावानी को देखकर मस्त हो रहा था. फिर तभी उसने मेरी गांड को चाटना शुरू किया, तो मुझसे रहा नहीं गया. अब में मज़े से चिल्ला उठी थी, तो भाई ने कहा कि क्यों साली मज़ा ले रही थी? तो मैंने कहा कि भैया अब में आपकी हूँ, मेरा कुँवारापन मुझसे छीन लीजिए, आज की रात मेरे साथ सुहागरात मनाओ भैया.

फिर तभी उसने कहा कि बहना आज में तुम्हें वो मज़ा दूँगा जो तुम्हें तुम्हारा पति भी कभी नहीं दे पाएगा और तुम फिर मुझसे चुदने आओगी, अब में पूरी मस्त हो चुकी थी. फिर मैंने कहा कि भैया अभी शादी को तो 4-5 साल बाकि है इन 4-5 साल आप मेरे पति बन जाओ.

भैया ने कहा कि ठीक है बहना. फिर में उसके साथ खुल गयी. फिर मैंने कहा कि भैया मेरी गांड चाटो, तो उसने कहा कि गांड तो तुम्हारी सबसे अच्छी दिख रही है, इसे तो आज ठंडा करूँगा और इतना कहकर भैया ने अपनी जीभ मेरी गांड के छेद पर टिका दी और ऊपर से नीचे तक कुत्ते की तरह चाटने लगा. फिर मैंने कहा कि भैया और चाटो, अंदर तक घुसा दो, आपकी बहन की गांड है. अब वो एक-एक करके मेरे सारे अंग चूसने लगा था.

फिर हमने चुम्मा-चाटी की और उसने मेरी जीभ का रस बहुत बार पिया. फिर उसने मेरे बूब्स को मसला और मेरे खड़े हुए निपल्स को अपने मुँह में ले लिया, उफफफफ्फ़ मुझे बहुत मजा आ रहा था, पहली बार मेरे निपल्स को कोई चूस रहा था. अब वो पहले मेरे राईट निपल को चूसता तो कभी मेरे लेफ्ट निपल को चूस रहा था, अब में तो मरी जा रही थी. फिर उसने मेरी शेव की हुई चूत देखी, तो वो मस्त हो गया और बोला कि वाहह बहना शेव भी करती हो.

फिर मेरी चूत को जैसे ही उसने अपनी रसीली जीभ से छुआ, तो में सातवें आसमान तक पहुँच गयी और बोली कि भैया अंदर तक मेरी चूत को चाटो और मेरी चूत को गीली कर दो, अपनी बहन की चूत के रस का पूरा मज़ा लो, मेरी वर्जिन चूत को फाड़ दो, प्लीज भैया और ज़ोर से और तभी मैंने अपना सारा माल अपने भैया के मुँह में निकाल दिया, तो मेरे प्यारे भैया ने शौक से मेरा पूरा रस पी लिया और बोला कि अब तू अपने भाई को खुश कर.

फिर मैंने अपना मुँह उसके लंड पर रखा और एक ही झटके में उसका लंड अपने मुँह में समा लिया. अब में उसे आगे पीछे करके अपना लंड चुसवा रहा था. अब वो हाँ मेरी बहन मज़ा आ रहा है और अंदर तक अपने भाई का लंड ले बोले जा रहा था. अब में बहुत कामुक हो गयी थी, अब में भी अपने प्यारे भैया को कस-कसकर अच्छे से उनका लंड चूस रही थी और उनकी बाल्स को भी चूस रही थी. फिर तभी मेरे भाई ने कहा कि बहना मेरे माल का स्वाद ले. फिर मैंने कहा कि भैया जल्दी दो.

फिर उसने अपने लंड का पूरा माल मेरे मुँह में भर दिया, वाहह भैया क्या स्वाद है? अब मैंने उनके पूरे लंड को चूसकर दुबारा से चमका दिया था और उनका पूरा माल पी लिया था. फिर मेरे भाई ने कहा कि अपनी गांड दिखा, तो में घूम गयी और इस तरह से बेड के ऊपर लेट गयी कि मेरी गांड बेड के नीचे आ गयी और मेरा बाकी शरीर बेड के ऊपर था और बोली कि भैया ये आप क्या कर रहे है? तो वो बोले कि पगली अपने लंड को तेरी मस्त गांड से टच करके फिर से खड़ा कर रहा हूँ.

फिर भैया ने बहुत देर तक अपना लंड मेरी गांड पर रगड़ा तो उनका लंड फिर से खड़ा हो गया. फिर मेरे भाई ने मुझे बेड पर लेटा दिया, तो मैंने अपनी दोनों टाँगें अपने भाई के लिए खोल दी. फिर भैया ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा और कहा कि बहना अपना कुँवारापन अपने प्यारे भाई को दे दो. फिर मैंने कहा कि भैया ले लीजिए मेरा कुँवारापन, मुझे औरत बना दीजिए, मेरी प्यास बुझा दो.

फिर मेरे भैया ने एक ज़ोर का धक्का मारा, तो आहह उफफफफ्फ़ मेरी तो चूत ही फट गयी थी और में ज़ोर से चिल्लाई भैया छोड़ दो मुझे, मेरी चूत फट गयी है. तो तभी भैया ने कहा कि थोड़ी देर दर्द होगा, लेकिन बाद में पूरी ज़िंदगी रंगीन हो जाएगी.

फिर में बोली कि लेकिन मुझे तो दर्द हो रहा है. तो भैया ने एक और धक्का मारकर मेरी पूरी सील बंद चूत को तोड़ डाला, तो में चीख उठी, तो भैया ने मेरा मुँह अपने हाथों से बंद कर दिया और एक चूत के भूखे कुत्ते की तरह मेरे अंदर अपने लंड के धक्के मारता रहा. अब मेरी चूत से बहुत खून बह रहा था, लेकिन इसकी परवा किए बिना वो मज़ा ले रहा था और बोला कि वाहह मेरी बहना क्या चूत है तेरी? मजा आ गया, ऐसी तो प्रीति की भी सील बंद चूत नहीं थी, मेरी बहना साली आहह क्या चूत है तेरी? अब थोड़ी देर के बाद मुझे भी स्वर्ग के दर्शन होने लगे थे.

फिर तभी में बोली कि भैया मारो, मेरी भोसड़ी लंड की प्यासी है, मेरी चूत की आग को ठंडा करो, भैया आज आप बहुत अच्छा चोद रहे है, अब पूरे कमरे में पचाक-पचाक की आवाजें आ रही थी.

अब मेरा माल निकलने लगा था तो मैंने अपना सारा माल खाली किया. अब मेरी आँखें बंद हो गयी थी, अब मेरा शरीर अकड़ गया था. अब मेरा दिमाग मज़े के अलावा कुछ और सोच ही नहीं पा रहा था. फिर मेरी चूत का गर्म पानी जब भैया के लंड पर लगा तो उनके लंड से भी रहा नहीं गया. फिर तभी भैया ने कहा कि ज़िंदगी की अपनी पहली चुदाई का माल लेने के लिए तैयार हो जाओ और फिर भैया ने अपने लंड को मेरी चूत में फव्वारे की तरह निकालकर खाली किया.

अब उनका गर्म-गर्म माल मेरी चूत की आग को ठंडा कर रहा था. तो मैंने कहा कि भैया आज से में आपकी वाईफ हूँ. तो तभी भैया ने कहा तू अभी आधी है.

मैंने कहा कि अब और क्या करना है? तो भैया ने कहा कि ये गांड मुझे कब दान करोगी? तो मैंने कहा कि भैया ये गांड क्या मेरा पूरा शरीर हर एक अंग आपका है? तो वो बोले कि अब मुझे तेरी गांड चाहिए. फिर मैंने कहा कि ठीक है भैया. फिर उसके बाद हमें जब कभी भी कोई मौका मिला तो हम दोनों ने खूब चुदाई की और खूब मजा किया.

Updated: June 25, 2017 — 9:51 am
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