खूबसूरती और बद्सुरती-21

hindi porn kahani

मोड़ के साइड में रखा हुआ था…स्कर्ट जांघो तक ऊपर खिसका हुआ था….नील रंग की रोशननि में सुहानी की सावली जांघे कुछ अलग ही दिखाई दे रही थी….थोड़ी देर सुहानी वैसे ही सोती रही….फिर उसने अपना पैर उठाया और थोडा फैला के सो गयी….पैर उठाने की वजह से स्कर्ट पूरा ऊपर की और चला गया और उसककी सफ़ेद पॅंटी दिखाई देने लगी…..उसने अपनी आखो को थोडा खोल के देखा अविनाश वही खड़ा था….सुहानी की चूत गीली होने लगी थी….उसे ये सब करते हुए बहोत मजा आ रहा था….चूत गीली होने के कारन अब थोड़ी खुजली सी होने लगी थी…सुहानी अपनी चूत खुजाना चाहती थी पर उसे शरम आ रही थी….उसे पपता था अविनाश उसे देख रहा है…पर अब उसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था….उसने अपना हाथ चूत पे रखा औरदोनों घुटनो को मोड़ा और बिच की ऊँगली से चूत को खुजाने लगी….कुछ सेकंड तक खुजाती रही और फिर अपना हाथ हटा लिया….खुजाने की वजह से पॅंटी थोड़ी चूत के अंदर ही रह गयी…. उसने अपने पैर मिड हुए हालत में ही फैला दिए…जैसे की किसी को कह रही हो ” लो आ जाओ डालदो अपना लंड मेरी चूत में”

सुहानी की सांसे तेज चल।रही थी…वो चाहती थी की अभी अपनि चूत में ऊँगली डाल के उसे चोद दे….ऐसाही हाल अविनाश का था….

ये सब देख के वो अपना लंड पैंट से बाहर निकाल चूका था…..सुहानी के फैलाये हुए पैर और चूत के अंदर धसी हुई पॅंटी को देख के अपना लंड जोर जोर से आगे पीछे कर रहा था….साइड की दीवारे काफी ऊँची थी और वहा अँधेरा था तो कोई उसे देख नहीं सकता था….

अविनाश:-उफ्फ्फ्फ्फ़ स्स्स्स्स् अघ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् कैसे पैर फैला के सोई है उम्म्म्म्म्म ऐसा लग रहा है जैसे बस इंतजार कर रही है कोई आये और पॅंटी को हटा के लंड अंदर घुसा दे स्सस्सस्सस

अविनाश जोर जोर से लंड हिला रहा था…कुछ ही पल में वो झड़ गया।

सुहानी अपनी आँखे थोड़ी खोल के देख रही थी अविनाश कब जाएगा….क्यू की आज उसे भी अपनी चूत में *ऊँगली करके उसे शांत करना था…..जैसे ही उसे लगा की अविनाश चला गया है वो उठी और उसने कन्फर्म किया और खिड़की बंद करके अपने सारे कपडे उतार फेके और अपनी चुचिया मसलती हुई चूत को सहलाने लगी….चूत में ऊँगली डाल के अंदर बाहर करने लगी….वो इतनी जादा उत्तेजित थी की …थोड़ी ही देर में वो भी ढेर हो गयी…हफ्ते हुए उसने आँखे बंद कर ली…और वैसेही कब उसे नींद लगी उसे भी पता नहीं चला..,

अगले कुछ दिन ऐसेही गुजरे….अविनाश रोज इस फ़िराक में रहने लगा की उसे उस खिड़की से कुछ दिख जाय…लेकिन उस दिन के बाद लगबघ 4 दिन तक उसे कुछ नहीं मिला क्यू की सुहानी खिड़की खोलती ही नहीं थी….सुहानी की हिम्मत ही नहीं होती थी…भले ही उसने ये खेल शुरू किया था…अविनाश को दीवाना बना दिया था…अविनाश का उसके प्रति रवय्या बदल चूका था…शायद यही वजह थी की सुहानी को ये सब गलत लगने लगा था और अजीब भी…लेकिन अविनाश पागल सा हो गया था…जब भी मौका मिलता वो सुहानी को छु लेता..कभी उसे कमर में हाथ डालता तो कभी गले लगा लेता…नीता ये सब देख के खुश थी क्यू की उसे लगता था की एक बाप अपनी बेटी से प्यार कर रहा है पर सुहानी और अविनाश जानते थे की इनसब के मायने क्या है। सुहानी जब भी सोचती तब उसका मन इस बात से कभी इंकार नहीं करता की ये सब उसे बुरा लग रहा है…बल्कि उसे ये सब अच्छा लग रहा था…एक तो उसे कोई मर्द छु रहा था…उसके जिस्म से खेल रहा था…और दूसरा की उसे अपने पापा का प्यार मिल रहा था….

5 वे दिन रात को खाना खाने के। बाद सब लोग टीवी देख रहे थे। तभी पूनम का कॉल आया…सुहानी अपने क्कमरे में चली गयी….फिर उसने वेबकेम ऑन करके उससे चॅट करने लगी….सुहानी ने उसे समीर की बात बताई…वो सुन के पूनम को बहोत ग़ुस्सा आया लेकिन। जब उसने पापा के बारे। में बताया तो वो बहोत खुश हुई….उसने अविनाश से बात करने की इच्छा जताई तो सुहानी अपना लैपटॉप। लेके हॉल में गयी…लेकिन सबलोग जा चुके थे…वो उनके कमरे में गयी और दरवाजा नॉक किया…लेकिन अंदर से कोई रिप्लाई नहीं आया…वो समझ गयी की मम्मी सो। गयी होंगी…और पापा सिगरेट पिने के बाहर होंगे…. और नीता एक बार सो गयी की वो सीधा सुबह 5 बजे ही उठती थी ये सुहानी को अच्छेसे पता था इसलिए उसने दुबारा आवाज नगी दी। उसने पूनम से कहा की वो उसे 5 min में वापस कॉल करेगी…सुहानी। ने खिड़की खोली और देखा अविनाश सिगरेट पिते हुए टहल रहा था …सुहानी ने उसे आवाज दी तो वो। खिड़की के पास आने लगे…सुहानी ने बताया की पूनम आपसे बात करना चाहती है….अविनाश उसके कमरे से होते हौए हॉल में आ गया…….सुहानी ने लैपटॉप टेबल पे रखा और अविनाश और खुद सोफे पे बैठ गए और बाते करने लगे….

Updated: July 27, 2018 — 11:40 pm
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme
error: