खूबसूरती और बद्सुरती-22

hindi chudai ki kahani

पूनम:- अंकल आप मेरी शादी में नहीं। आये….इस बात से मैं नाराज थी आपसे…लेकिन आज सुहानी ने जो। बताया उससे बहोत खुश हु….आपको अहसास हुआ की मेरी दोस्त दुनिया की सबसे अछि लड़की। है…

अवविनाश:- बेटा माफ़ कर देना उस बात के लिए….तुम सच कहती हो सुहानी सच में दुनिया की सबसे अच्छी लड़की है और सबसे अच्छी बेटी भी…,

सुहानी अविनाश को देख के मुस्कुरा रही थी….

सुहानी पूनम और अविनाश बहोत देर तक बाते करते रहे….फिर पूनम ऑफलाइन हो गयी।

अविनाश और सुहानी एक दूसरे को सट के बैठे हुए थे….

अविनाश:- बेटा पूनम जब इंडिया आये तो उसे अपने यहाँ रहने के लिए कहेंगे कुछ दिन…मैंने कभी नहीं देखा की तुम्हारी कोई दोस्त अपने यहाँ आयी हो या यहाँ रुक के तुम लोगो ने मस्ती की। हो…

सुहानी:- पापा वो मेरे ऐसे कोई दोस्त ही नहीं शिवाय पूनम के….एयर उसे सब पता है इसलिए मैं ही चली जाती थी उसके घर…अ0ने यहाँ। बुलाने की बहोत इच्छा थी मेरी पर….

अविनाश:- मेरे वजह से कभी बुलाया नहीं…हैं। ना?

सुहानी:- हा पापा…

अविनाश:- न जाने कितनी ऐसीबाते होंगी सुहानी जो मेरी वजह से तुम नहीं कर पायी….im सॉरी बेटा…

सुहानी:- कोई बात नहीं पापा…तब नहीं किया तो अब कर लेंगे…

अविनाश:- जरूर बेटा….लेकिन ऐसी। भी बहोत सी बाते है जो मुझे करनी चाहिये थी लेकिन तुम्हे देखने के बाद करने की इच्छा ही हुई नहीं …बस पता नहीं अलग ही दुनिया में चला जाता था…

सुहानी:-ऐसी कोनसी बाते है पापा?? और अगर ऐसी बाते है तो आप अभी भी कर सकते हो..

अविनाश:- ऐसा नहीं है बेटा…जो बाते जिस समय करनी चाहिए वो उसी समय करनी चाहिए….अब नहीं हो सकती…जैसे की मैं अब तुम्हे अपने हाथो। में नहीं उठा सकता…तुम्हे अपनी गोद में। नहीं सुला सकता…अपनी गोद बिठा के प्यार से बाते नहीं कर सकता….

सुहानी ने देखा की अविनाश सच में बहोत गिल्टी। फील कर रहा था।

सुहानी:- क्यू नहीं कर सकते पापा…मैं इतनी भारी नहीं हु और मोटी तो बिलकुल भी नहीं हु….सुहानी ने थोडा माहोल को हल्का करने के। लिए मजाक किया लेकिन जब उसने सोचा की वो क्या बोल गयी तब उसे अहसास हुआ की वो गलती कर बैठी….अविनाश ये सुनके उसकी आखो में चमक आ गयी…सुहानी को उठाने की उसे गोद में बिठाने की बात को सोचते ही…उसके मन में दबी हवस एकदम से उछल पड़ी।

अविनाश:- नही नही सुहानी तुम बिलकुल मोटी नहीं …बल्कि बिलकुल फिट हो…मन में…तुमने सही जगा पे सही वजन बढ़या हुआ है…जहा जितनी मांसलता होनी चाहिए उतनी ही है…

सुहानी:- हम्म्म्म्म …सुहानी थोड़ी शरमा गयी।

अविनाश:- लेकिन शायद मुझमे अब उतनी ताकत नहीं है…फिर भी कोशिस करता हु।

और ऐसा बोल के वो खड़ा हो गया।

सुहानी को यकीन नहीं हो रहा था की अविनाश सच में उसे उठाना चाहता है…

सुहानी:- नहीं प्लीज़ …

अविनाश:- अरे बेटा एक बार कोशिस तो करने दो…

सुहानी को सब समझ आ रहा था की अविनाश उसके जिस्म का स्पर्श सुख लेना चाहता है…सुहानी के लिए ये एक बहोत ही आव्क्वर्ड सिचुएशन थी। क्यू की उसे पता था अविनाश इसके जिस्म के साथ ऐसी ऐसी हरकते करेगा जिससे वो भी उत्तेजित हो जायेगी…फिर उसका मन सेक्स के लिए उतावला होने लगता है…उसका जिस्म फिर उसके काबू में नहीं रहता….

अविनाश:- क्या सोच रही हो…प्लीज़ बेटा अपनी एक हसरत तो पूरी कर लू…

सुहानी न चाहते हुए भी खड़ी हो गयी…

सुहानी:-पापा आराम से उठाना…गिरा मत देना…और उससे भी इम्पोर्टेन्ट अपनी कमर का ख्याल रखना….

अविनाश:- तुम चिंता मत करो…अभी बहोत जान है मुझमे…

दोनों ने एकदूसरे को देखा…अविनाश ने देखा की सुहानी ने आज भी वही घुटनो तक लंबा वाला स्कर्ट पहन रखा है…टॉप तो हमेशा वो टाइट पहनती थी आजकल…और उसके टॉप के बटन थे….अविनाश थोडा आगे हुआ…सुहानी की तेज चलती हुए सांसे उसके चहरे से टकराई….उसके जिस्म की खुशबू उसके सांस में बस सी गयी…सुहानी को भी अविनाश के साँसों की महक आने लगी…अविनाश ने सुहानी की कमर पे हाथ रखा और और थोडा झुका…उसका चेहरा सुहानी की गोल मटोल बड़ी सी चुचियो के करीब था….वो उन्हें देखने लगा…सुहानी को उसके साँस अपने क्लेवेज पे महसूस हुई….उसने देखा की अविनाश बड़ी बड़ी आखे फाड़ के उसकी चुचिया को घूर रहा है….सुहानी ने अपने हाथ अविनाश के कंधे पे रखा और इंतजार करने लगी की वो इसे उठाएगा…अविनाश ने सुहानी की चुचियो कोनेटने करीब से पहली बार देख रहा था….उसका लंड पैंट में टाइट होने लगा था….फिर उसने अपने हाथ धीरे से निचे ले गया….उसने जानबुज के अपनी हथेलिया सुहानी की गांड को सहलाते हुए निचे ले गया…क्यू की पता नहीं उसे ऐसा मौका दुबारा मिले या। ना मिले…सुहानी को अविनाश के हाथो स्पर्ष अपनी गांड पे होते ही उसकी आँखे बंद सी हुई…उसकी आह नियल गयी…लेकिन उसने वो बाहर अपनी जुबान पर नहीं आने दी….उसकी चूत गीली होने लगी…उसका जिस्म गरम होने लगा…ये सब सिर्फ कुछ सेकण्ड में हुआ लेकिन बहोत गहरा असर छोड़ गया था। अविनाश ने अपने हाथ उसके सुडोल गांड के निचे ले जाकर एक हाथ से दूसरे हाथ को पकड़ा और सुहानी को उठाने लगा….सुहानी ने अविनाश का गला पकड़ रखा था…एक झटके साथ सुहानी के दोनों पैर हवा में थे…झटके के कारण सुहानी का बैलेंस थोडा बिगड़ा और उसका भार अविनाश में पड़ने लगा…उसकी चुचिया अविनाश के चहरे पे दब सी गयी..सुहानी ने तुरंत अपने आप को थोडा पीछे किया…लेकिन तब तक अविनाश को उसका अहसास हो चूका था…कुछ पल के लिए ही सही लेकिन उसने अपने होठ सुहानी के चुचियो पे रख दिए थे….उसकी बड़ी बड़ी नरम चुचियो को अपने चहरे पे पाके उसके होश उड़ गए थे….उसका लंड अब सीधा 90 के एंगल में खड़ा हो चूका था और सुहानी की जांघ पे रगड़ खा रहा था….सुहानी को जब अविनाश का लंड के कड़क लंड का अहसास हुआ उसकी चूत और भी गीली होने लगी…उसके कान एकदम गरम हो गए….सुहानी को अब ये सब बर्दास्त के बाहर हो रहा था….

सुहानी:- बापरे…पापा प्लीज़ निचे उतारिये…मैं गिर जाउंगी….

अविनाश उसे ऐसेही पकड़े रहना चाहता था पर ये उसके शरीर के बस में नहीं था…उसने धीरे धीरे सुहानी को निचे उतरने लगा….उतारते वक़्त अव8नाश के हाथ फिरसे सुहानी की मांसल गांड पे आ रुके…सुहानी को अविनाश के लंड का अहसास भी हो रहा था….उसने झट से अपने आप को अविनाश से दूर किया…अविनाश थोडा हाफ रहा था…सुहानी ने जब उसे देखा तो…

सुहानी:- आप ठिक तो है ना??…रुकिए मैं पानी लेके आती हु…

सुहानी उसे नजरे नहीं मिला पा रही थी और ना ही अविनाश…इसलिए वो पानी लेने के बहाने से किचन में भाग गयी….अविनाश सोफे पे बैठ गया और अपना लंड अड्जस्ट करने लगा…सुहानी जब किचन से पानी लेकर वापस आ रही थी तब उसने अविनाश को अपना लंड दबाते हुए देखा तो वो शरम से पानी पानी हो गयी…उसने अविनाश को पानी दिया….

 

Updated: July 27, 2018 — 11:42 pm
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