खूबसूरती और बद्सुरती-24

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सुहानी:- स्स्स्स उफ्फ्फ्फ़ कितनी गीली हो गयी है….और आज तो पापा ने हद ही कर दी…कैसे कैसे बहाने बना रहे थे…मेरी चुचियो को तो खूब दबाया आज स्सस्सस्स (सुहानी अपनी चुचिया अपने हाथो से दबाते हुए) उम्म्म्म्म्म मस्त अपने गाल रगड़ लिए मेरी चुचियो से और टॉप के बटन भी तो खुल गए थे…सीधा मेरी चुचियो पे स्पर्श कर लिया उम्म्म्म्म्म और उनका लंड उफ्फ्फ्फ्फ्फ स्स्स्स्स् कैसे उचका उचका के मेरी गांड से रगड़ रहे थे अह्ह्ह्ह्ह मेरी चूत ने इतना पानी कभी नही छोड़ा अह्ह्ह्ह

सुहानी ने पैंटी को सरकाया और उसके दाने को सहलाने लगी । फिर धीरे से अपनी एक ऊँगली अंदर डाल दी और तेजी से अंदर बाहर करने लगी….वो एक हाथ से अपनी चुचिया दबा रही थी और निचे चूत में ऊँगली कर रही थी….

सुहानी:- अह्ह्ह्ह स्सस्सस्स उम्म्म्म्म बहोत मजा आ रहा है आज उम्म्म्म्म उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़् मर गयी उम्म्मम्मम्मम्मम्मम्म

सुहानी अब झड़ने के करीब थी….वो अपनी गांड को ऊपर ऊपर उठा रही थी और तेजी से ऊँगली अंदर बाहर कर रही थी। अगले ही पल सुहानी ने अपनी कमर ऊपर उठाई और धड़ाम से बेड पे पटक दी…वो झड़ने लगी थी…उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकल रहा था …उसका स्कर्ट पूरा गिला हो गया था…वो जोर जोर से साँसे लेते हुए वैसेही पड़ी रही।

 

इधर अविनाश भी बाथरूम में पुरे जोश में था…एक एक पल कोयाद करते हुए वो अपना लंड हिला रहा था…

अविनाश:- अह्ह्ह्ह स्सस्सस्स आज तो मजा आ गया उम्म्म्म्म्म आज जी भर के सुहानी के जिस्म को छुआ अह्ह्ह्ह स्सस्सस्सस उफ्फ्फ्फ्फ्फ क्या चुचिया है उम्म्म्म क्या गांड है उसकी उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़*

अविनाश सुहानी की चुचिया और गांड कोयाद करते हुए झड़ने लगा….

 

बड़ा ही अजीब खेल चल रहा था दोनों के बिच…सुहानी ने गुस्से में आके ये सब शुरू किया था पर समीर की बात सच हो रही थी…सुहानी का जिस्म देख के अविनाश पागल होने लगा था…जो इंसान बाप् होते हुए भी अपनी बेटी को कभी प्यार नही दिया आज वाही इंसान उसकी बद्सुरती को भूल के सर और सिर्फ अपनी हवस पूरी करने के लिए उसके जिस्म से खेलने लगा था…और ऐसा करने के लिए उसने उन्ही चीजो का सहारा लिया जो उसे जब सुहानी छोटी थी तब करनी चाहिए थी।

उस रात सुहानी जब शांत हुई तब उसने बहोत सोचा और ये तय किया की अब वो अविनाश से थोडा दुरी बना के रहेगी क्यू की ये सब बहोत जादा हो रहा था। लेकिन जब एक बार ऐसा कुछ होता है …एक बार कोई मर्द किसी औरत को छु लेता है तो दोनों ही एक दूसरे से जादा देर दूर नहीं रह सककते और अविनाश तो जैसे फिर से जवान हो गया था….उस रात जो भी हुआ था उससे उसकी हिम्मत और भी बढ़ गयी थी।

 

अगले दिन सुबह सुहानी नार्मल बिहेव कर रही थी…ये देख के अविनाश ने ये सोचा की या तो सुहानी को उसके इरादे पता नहीं चल रहे या फिर वो अनजान बन के मजे ले रही है….

 

दो तिन दिन ऐसेही बीते…सुहानी अविनाश से दुरी बनाये हुए थी…अविनाश को उसे छूने का मौका नही मिल रहा था…फिर भी वो कोई ना कोई बहाने से सुहानी के करीब चले ही जाता….सुहानी तिन दिन तक को कुछ नहीं लगा लेकिन चौथे दिन उसे कुछ अजीब सी बेचैनी होने लगी…वो कुछ मिस करने लगी थी।

 

अगले दिन रात को खाना खाने के बाद सुहानी सीधा अपने रूम में चली गयी….उसे थोडा काम था….सुहानी अपने काम में बिजी थी। इधर अविनाश को मौका नहीं मिलने के कारण वो थोडा बेचैन हो रहा था….सब लोग अपने कमरे में चले गए…अविनाश सिगरेट पिने के लिए पीछे की साइड गया…उसने देखा की सुहानी के रूम। का लाइट जल रहा है मतलब सुहानी अभी सोई नहीं थी।

वो वापस अपने कमरे में आया और नीता को देखा…वो सो रही थी…उसने नीता को हिलाया और आवाज दी…आज अविनाश को सेक्स करना था…लेकिन हमेशा की तरह नीता घोड़े बेच के सो रही थी….अविनाश का मन किया की उसे दो थप्पड़ लगाए और जगाये….लेकिन उसने खुद को संभाला….वो नाराजी में बेड पे लेट गया…जैसे ही वो लेटा उसे अलग सी खुशबु आयी….उसने देखा की नीता ने बालो में तेल लगा रखा है…तभी उसके दिमाग की बत्ती जली…उसने वाही साइड टेबल पे रखी तेल की बोतल उठाई और सीधा सुहानी के कमरे के पास गया और नॉक किया….सुहानी अभी भी काम कर रही थी….सुहानी दरवाजे पे नॉक सुनते ही चौकी…उसे लगा क्या हो गया…दरवाजे पे कोण है…वो उठी और दरवाजा खोला…सामने अविनाश को देख के वो थोडा डर गयी…

Updated: July 27, 2018 — 11:45 pm
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