छाया और बीना की कहानी -1

hindi sex kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अभिषेक है, अब रात के करीब 12 बज रहे थे और जया अपने बॉयफ्रेंड विक्की से वाट्सअप पर चैटिंग कर रही थी, जब जया 19 साल की थी और विक्की 22 साल का था। जया विक्की से बहुत प्यार करती थी और उससे ही शादी के सपने देखती थी। उन दोनों में अक्सर रोमांटिक चैटिंग होती थी, लेकिन असल में बात किस्सिंग से आगे नहीं बढ़ी थी। फिर रात 1 बजे जब जया ने विक्की से गुड नाईट कहा और सोने से पहले पानी पीने के लिए किचन की तरफ बढ़ी। तो उसने अपने पेरेंट्स के कमरे से माँ के चीखने की आवाज़ सुनी, तो वो घबराकर उनके कमरे की तरफ बढ़ी और दरवाजा लॉक करने ही वाली थी। तभी उसे अपने पापा की आवाज़ सुनाई दी और जो उसने सुना उसे सुनकर वो शॉक्ड हो गयी, अब उसके पाव ज़मीन पर जम गये थे, अब उसे अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ था।

अब उसके पापा उसकी माँ को गालियाँ दे रहे थे, साली रंडी की बच्ची आज में तेरी गांड फाड़ दूँगा। फिर उसकी माँ हंसी और बोली कि जानू अब तुम्हारे लंड में वो बात नहीं रही तुम्हारा लंड तो मेरी गांड में घुसते ही ठंडा पड़ जाता है। तभी उसके पापा ने कहा कि हराजादी तेरी ये मज़ाल की तू मेरे लंड की बेज़्ज़ती करे और इसके साथ ही कमरे से ऐसी आवाज़ आई जैसे किसी ने ज़ोर से किसी को मारा हो और फिर से जया ने अपनी माँ की चीख सुनी, अया मादरचोद अपनी माँ की गांड समझकर थप्पड़ मार रहे हो क्या? धीरे मारो ना दर्द होता है। अब जया को यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी भोली भाली माँ और उसके शरीफ से पापा गालियाँ देते हुए रफ सेक्स कर रहे थे। अब कमरे से आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह आश और आईईई जैसी आवाज़ें तेज़ी से आने लगी थी।

अब जया समझ गयी थी कि अंदर चुदाई फुल स्पीड से हो रही है। अब गालियों का दौर भी तेज हो गया था, अब उसके पापा रंडी, कुत्तियाँ, हरामजादी जैसे शब्द बोले जा रहे थे और उसकी माँ कुत्ते, मादरचोद, बहनचोद बोलते-बोलते बेटी चोद बोल गयी। अब जया को पसीना आने लगा था, अब खुद उसकी माँ उसके पापा को बेटी चोद बोल गयी थी और अब ज़या इसका मतलब अपने दिमाग़ में सोचकर कांपने लगी थी। फिर वो अपने कमरे की तरफ गयी, अब उसे प्यास तो बहुत तेज लगी थी लेकिन उसकी कमरे से दुबारा निकलने की हिम्मत नहीं हुई। अब घबराई हुई जया अपने बिस्तर में दुबक गयी थी। फिर बहुत कोशिश करने के बाद भी जब उसे नींद नहीं आई तो वो चुपके से कमरे से बाहर निकली और किचन में जाकर पानी पीने लगी और फिर चुपके से अपने पेरेंट्स के कमरे के बाहर पहुँची।

अब उसकी माँ कह रही थी मेरी गांड फाड़ने की बात कर रहे थे मुझसे पहले तो तुम्हारी फट गयी, मैंने कहा था चूत में डालो मगर तुम तो पहले गांड मारूँगा कहकर मेरी गांड में झड़ गये और हमेशा की तरह मेरी चूत प्यासी रह गयी। फिर उसके पापा ने कहा कि फ़िक्र क्यों करती हो जान? अगली बार आऊंगा तो तुम्हारी चूत ही चोदूंगा। तो जया की माँ ने उदासी के साथ कहा कि उसके लिए मुझे एक महीने इंतज़ार करना पड़ेगा। जया के पापा जिनका नाम अभय था, वो सरकारी नौकरी करते थे और पिछले साल उनका ट्रान्सफर कही बाहर हो गया था, वो महीने में एक बार सिर्फ़ दो दिनों के लिए घर आते थे। जया की माँ श्रीमती बीना एक हाऊस वाईफ थी, उनकी उम्र करीब 40 साल थी और वो इस उम्र में भी बहुत खूबसुरत महिला थी। उन दोनों की सेक्स लाईफ वैसे तो अच्छी थी, लेकिन कुछ दिनों से अभय का मन अनल सेक्स में बढ़ गया था, जो बीना ज़्यादा इन्जॉय नहीं करती थी और सिर्फ़ मजबूरी में करती थी।

अब जब भी जया कॉलेज जाती, तो वो घर में बोर होती थी इसलिए वो अक्सर पास वाले फ्लेट में रहने वाली मिस छाया सिंघानिया के पास चली जाती। छाया का पति दिनेश सिंघानिया एक बहुत बड़ा बिज़नसमैन था, उनका घर काफ़ी शानदार ढंग से सज़ा हुआ था, छाया हमेशा महंगे कपड़े और जेवर पहनती थी, लेकिन वो स्वभाव से बहुत अच्छी थी। उसकी बीना से अच्छी दोस्ती थी और वो दोनों एक दूसरे से सभी किस्म की प्राइवेट बातें शेयर करती थी। छाया और दिनेश काफ़ी एड्वेंचरस थे और हमेशा नये-नये ढंग से सेक्स करते थे, जिसके बारे में छाया अक्सर बीना को भी बताया करती थी। अब हर रोज़ की तरह खाना बनाकर दोपहर में बीना अपने कमरे में आराम करने गयी, तभी उसके मोबाइल पर छाया का कॉल आया।

बीना : हैल्लो, छाया कैसी हो?

छाया : में ठीक हूँ, तुम बताओं अभय जी के साथ मस्ती हो रही है या नहीं?

बीना : अरे वो तो आज सुबह ही चले गये, वो सिर्फ़ दो दिन की छुट्टी पर आए थे।

छाया : ओह, तो अभी क्या कर रही हो? अगर फ़ुर्सत में हो तो मेरे घर आ जाओं बैठकर बातें करेंगे।

बीना : नहीं आज नहीं मेरे सिर में बहुत दर्द है में कल आती हूँ।

बीना ने बहाना बनाया था, असल में उसका मूड ऑफ था क्योंकि हर बार की तरह अभय उसकी प्यास जगाकर एक महीने के लिए वापस चला गया था।

छाया : में तुम्हें अच्छी सी चाय पीला दूँगी तुम्हारा सारा दर्द गायब हो जाएगा, अभी तो जया भी कॉलेज में होगी तुम अकेली घर पर क्या करोगी? और मुझे ये भी बताना कि अभय जी ने तुम्हारे साथ 2 दिन में क्या-क्या किया?

अब छाया के मुँह से यस सब सुनते ही बीना का दुख और बढ़ गया और फिर भी उसने छाया को हाँ अभी आई बोल दिया। फिर कुछ देर के बाद वो छाया के घर पहुँची और देखा कि चाय पहले से तैयार थी। फिर वो दोनों गले मिली और उनकी बातों का दौर शुरू हुआ, वैसे तो बीना सब टाल रही थी लेकिन छाया के बार-बार पूछने पर उसने अपनी उदासी का कारण बताया।

छाया : तुम्हें अनल सेक्स करने में प्रोब्लम क्या है? इसमें तो बहुत मज़ा आता है, तुम और अभय दोनों खूब इन्जॉय कर सकते है।

बीना : मगर मुझे इसमें संतुष्टी नहीं मिलती, वो अनल सेक्स करके ही थक जाते है और मुझे तो पहले जैसे करने पर ही संतुष्टि होती है।

अब पहले जैसे से बीना का मतलब चूत में लंड लेने से था, लेकिन वो खुलकर नहीं बोल पा रही थी फिर छाया ने जवाब दिया।

छाया : देखो बीना शादीशुदा ज़िंदगी में कुछ नयापन लाने के लिए एक्सपेरिमेंट्स करने पड़ते है, वरना सेक्स लाईफ बोरिंग हो जाती है।

बीना : वो तो ठीक है, लेकिन एक्सपेरिमेंट्स करने के लिए वो यहाँ रहते भी तो नहीं है, उनके बिना।

अब बीना अपनी बात पूरी किए बिना ही चुप हो गयी। अब छाया उसका सारा दर्द समझ सकती थी, फिर उसने काफ़ी सोचकर कहा कि।

छाया : तुम चाहों तो अपने अकेलेपन का कोई दूसरा इलाज ढूंढ सकती हो।

बीना : तुम्हारा मतलब कोई दूसरा मर्द, तुम पागल तो नहीं हो गयी? में ऐसा करने की सोच भी नहीं सकती और फिर इससे तो बहुत रिस्क है।

छाया : तुम मुझे ग़लत समझ रही हो मेरा ये मतलब नहीं था कि तुम किसी गैर मर्द के साथ सेक्स करो, तुम चाहो तो ऐसा किए बिना अपनी प्यास बुझा सकती हो।

बीना : में कुछ समझी नहीं।

छाया : मेरी बात ध्यान से सुनो, तुम्हें तो पता है कि में अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखती हूँ इसलिए में बॉडी मसाज सर्विस भी लेती हूँ, मेरा मसाज वाला मेरे घर आ कर मुझे बहुत अच्छी सर्विस देता है, इससे मेरी हेल्थ और स्किन दोनों बहुत अच्छी रहती है।

बीना : लेकिन इसका सेक्स लाईफ से क्या कनेक्शन है? क्या तुम मसाज के साथ-साथ सेक्स सर्विस भी लेती हो?

छाया : नहीं ऐसा करने से एड्स और दूसरी बीमारियों का रिस्क होता है और में अपने पति को धोखा नहीं देना चाहती और वो कोई ऐसा वैसा मसाज वाला नहीं है, वो बिल्कुल प्रोफेशनल है।

बीना : तुम अपनी बात खुलकर कहो प्लीज़।

छाया : वो मसाज वाला तांत्रिक मसाज में एक्सपर्ट है और योनि मसाज में भी एक्सपर्ट है, बॉडी मसाज के बाद में योनि मसाज करवाकर संतुष्ट होती हूँ इसके अलावा और कुछ नहीं, यहाँ तक की में उसको किस भी नहीं करती हूँ।

बीना : ये तो बिल्कुल वैसे ही हुआ जैसे कोई मर्द किसी औरत से मसाज और हैंडजॉब करवाए, ये तो चीटिंग ही है।

छाया : में तो सिर्फ़ तुम्हें रास्ता बता रही थी और जिस रिस्क से तुम डरती हो वो ख़तरा इसमें बिल्कुल भी नहीं है, बाकी चीटिंग एंड ऑल तो नज़रिए की बात है, तुम अपने लिए खुद फ़ैसला करो इसमें कोई ज़बरदस्ती तो नहीं है। फिर भी में कहूँगी कि मसाज करवाया करो, इससे तुम भी फिट रहोगी और खूबसुरत भी दिखोगी तो अभय जी तुम्हें ज़्यादा प्यार करेंगे। मसाज से वेट इनक्रीस नहीं होगा और तुम फ्लेक्सिबल भी रहोगी, फिर तुम फ्लेक्सिबिलिटी का फायदा उठाकर अभय से नये-नये पोज़िशन में चुदवाना।

अब छाया की गंदी और बिंदास अंदाज़ से बीना सर्प्राइज़्ड थी और उसके जिस्म में गुदगुदी सी होने लगी। फिर कुछ सोचने के बाद बीना बोली कि मुझसे ऐसा नहीं होगा, किसी गैर मर्द के सामने नंगी हो कर उसे अपने शरीर की मालिश सोचकर ही मेरा गला सूख रहा है। फिर छाया मुस्कुराई और बोली कि जानेमन एक बार कोशिश तो करो तुम्हें योनि मसाज में ज़न्नत दिखाई देगी, तुम चाहों तो एक बार मुझे मसाज करवाते हुए देख लो, फिर तुम फ़ैसला कर लेना।

बीना : क्या तुम मेरे सामने ही मसाज करवाओगी? और तुम्हारे मसाज वाले को कोई ऐतराज़ नहीं होगा?

छाया : उसको क्यों ऐतराज़ होगा? ये उसका काम है और तुम उसकी क्लाइंट बनोगी तो उसका ही फायदा है इसलिए वो तुम्हें दिखाने के लिए मेरी मसाज और अच्छे से करेगा।

अब बीना की चूत गीली होने लगी थी, अब वो छाया की खूबसुरत नंगी जिस्म का मसाज इमेजिन करने लगी थी। अब वो अभी भी सोच में डूबी हुई थी कि उसने छाया को किसी को फोन करते हुए देखा, अब छाया विक्रम नाम के किसी आदमी को घर पर मसाज के लिए आने को बोल रही थी। अब बीना तैयार नहीं थी, अब उसकी दिल की धड़कन तेज़ हो गयी थी ये सब कुछ बहुत जल्दी हो रहा था। तभी छाया बोली कि में चेंज करके आती हूँ विक्रम आता ही होगा, फिर छाया बेडरूम की तरफ गयी और बीना बस चुपचाप देखती रही। फिर थोड़ी देर के बाद दरवाजे पर किसी ने लॉक किया, तो बेडरूम से छाया की आवाज़ आई बीना प्लीज़ देखो दरवाजे पर कौन है? में चेंज कर रही हूँ। फिर बीना ने दरवाजा खोला और देखा कि एक सुंदर और जवान लड़का खड़ा था। फिर उसने अपना नाम विक्रम बताया और छाया के बारे में पूछने लगा। फिर बीना ने उसको अंदर बुलाया और तभी छाया सिर्फ़ एक टावल में बेडरूम से बाहर आई और आते ही विक्रम को हग किया। अब बीना चुपचाप सब देख रही थी और सोच रही थी कि ये हक़ीक़त है या सपना, अब इसके आगे की स्टोरी में आपको अगले भाग में बताऊंगा।

Updated: January 2, 2019 — 11:30 pm
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