छाया और बीना की कहानी -2

sex stories in hindi हैल्लो दोस्तों, अब में आप सबको आगे की स्टोरी बताने जा रहा हूँ। फिर छाया ने विक्रम को अंदर बेडरूम में जाने को कहा और बीना का हाथ पकड़कर उसे भी अपने साथ अंदर ले गयी। अच्छे फ्रेंड्स होने के बाद भी बीना ने कभी छाया का बेडरूम नहीं देखा था और जो देखने को मिला, वो बहुत सर्प्राइज़िंग था। अब वहाँ दीवार पर एक बहुत बड़ा शीशा लगा था और दूसरी तरफ एक बड़ा टी.वी, जो छाया के ड्रॉइग हॉल के टी.वी से भी बड़ा था, बिस्तर के पास एक बड़ा सा टेबल लगा हुआ था जिस पर छाया अपना टावल उतारकर लेट गयी थी। फिर बीना ने देखा कि छाया बहुत खूबसूरत जिस्म की मालकिन थी, उसका बदन गोरा, चिकना था और बूब्स भी एकदम कसे हुए थे। अब बीना को अपनी चर्बी बॉडी और ढीले बूब्स का ख्याल आने लगा था, तभी विक्रम ने पूछा आपकी फ्रेंड भी मसाज करवाएगी क्या छाया जी?

छाया : हाँ मगर वो पहले देखना चाहती है कि तुम कैसी सर्विस करते हो? और तसल्ली हो जाने के बाद तुम्हारी सर्विस लेगी।

फिर विक्रम ने बीना की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए कहा कि मेडम में काफ़ी एक्सपर्ट हूँ में 3 सालों से ये काम कर रहा हूँ, मेरी सर्विस की वजह से ही छाया जी का बदन देखिए कितना सुंदर है? अब ये सब कहते हुए विक्रम छाया की पीठ और कंधो पर मसाज करने लगा था। फिर बीना ने देखा कि उसके हाथ छाया के जिस्म पर काफ़ी नीचे तक जा रहे थे। अब विक्रम अपना हाथ बार-बार छाया के कंधो से नीचे उसकी गांड की बीच की दरार तक ले जा रहा था। अब छाया अपनी आँखे बंद किए मस्ती से मसाज करवा रही थी। अब उसके होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट थी और कभी-कभी वो धीरे से आह्ह्ह्ह और उम्म जैसी आवाज़ भी निकाल रही थी। अब ऐसा लग रहा था जैसे वो किसी दूसरी दुनिया में खो गयी हो।

फिर काफ़ी देर तक छाया की पीठ, पैर और हाथ मसाज करने के बाद विक्रम ने छाया को पीठ के बल सोने को कहा। अब विक्रम छाया के पेट और बूब्स की मालिश कर रहा था, तो कभी उसकी नाभि में उंगली कर रहा था, तो कभी उसके बूब्स मसल रहा था और निपल खींच रहा था। फिर कुछ देर के बाद विक्रम ने छाया के दोनों पैर फैला दिए और उसकी चूत के आस पास मालिश करने लगा। अब दीवार पर लगे बड़े से शीशे में छाया की चूत साफ-साफ दिख रही थी। फिर बीना ने देखा कि विक्रम छाया की चूत के ऊपर अपनी उंगलियां फैरने लगा था।

अब छाया मौन करने लगी थी, अब उसकी साँसे तेज़ हो गयी थी। अब विक्रम की एक उंगली छाया की चूत के अंदर चली गयी थी, अब वो अलग-अलग अलग एंगल में अपनी उंगली बीना की चूत में कभी सर्क्युलर मोशन में, तो कभी आगे पीछे और ऊपर-नीचे किया जा रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद छाया काफ़ी ज़ोर से मादक आवाज़ें निकालते हुए अकड़ गयी और उसने अपने दोनों पैर चिपका लिए और विक्रम का हाथ ज़ोर से पकड़ लिया। अब उसका जिस्म सिहर रहा था, अब विक्रम बिल्कुल शांत खड़ा था और छाया अपनी आँखें बंद करके पड़ी रही। फिर कुछ देर के बाद जब उसने अपनी आँखे खोली तो उसने धीरे से विक्रम को थैंक्स कहा और अब वो बहुत खुश नज़र आ रही थी। फिर छाया ने बीना की तरफ देखा, अब बीना की आँखे लाल हो चुकी थी ऐसा लग रहा था जैसे वो नशे में हो, अब उसके सिर पर पसीने था और उसके दोनों पैर आपस में रगड़ खा रहे थे।

अब छाया समझ चुकी थी कि बीना के जिस्म की आग पूरी तरह भड़क गयी है। फिर उसने मौके का फायदा उठाने का इरादा बनाया और बीना के पास जाकर उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए। तो बीना ने छाया को रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसके हाथ उसका साथ नहीं दे रहे थे। अब छाया ने उसकी साड़ी उतार दी थी, अब बीना ने भी उसको रोकने की कोशिश बंद कर दी थी। तभी विक्रम ने कहा कि इनकी सेवा का मौका मुझे दीजिए, अब इससे पहले की बीना कुछ समझ पाती विक्रम बीना के पास आया और उसने बीना का पेटिकोट उतार दिया। अब उसकी पेंटी पूरी गीली हो गयी थी, फिर विक्रम ने बीना को उठाया और टेबल पर बैठा दिया। फिर उसने बीना का ब्लाउज उतारा और फिर उसकी ब्रा भी निकाल दी। फिर विक्रम ने धीरे से बीना को टेबल पर लेटाया और उसकी पेंटी उतारने लगा। अब बीना ने भी उसका साथ दिया और अपनी गांड ऊँची करके अपनी पेंटी निकालने में उसकी मदद की।

फिर कुछ देर तक तो विक्रम ने बीना के हाथ और पैर की मालिश की और फिर वही सिलसिला शुरू हुआ, जो छाया के साथ हो रहा था। फिर विक्रम का हाथ बीना के कंधो से उसकी गांड तक की सैर करने लगा, अब हर बार उसका हाथ गांड के छेद तक जाकर वापस ऊपर आ जाता था। अब बीना इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसकी चूत से रस की धार बहने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद जब विक्रम ने बीना को पीठ के बल पलटने को कहा। तो बीना ने खुद को दीवार पर लगे शीशे में देखा, अब मसाज तेल से उसका बदन बहुत चमक रहा था। फिर विक्रम ने उसके पेट और सीने पर अपना हाथ चलाना शुरू कर दिया, अब वो कभी उसकी कमर पर मालिश करता, तो कभी बूब्स की गोलाई नाप रहा था, तो कभी निपल खींच रहा था, तो कभी उसके बूब्स को ज़ोर से मसल देता था। अब बीना की चीखे निकली जा रही थी, उसको इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया था। तभी विक्रम ने अपने बैग से एक ट्रिम्मर निकाला और बीना की चूत के बाल ट्रिम करने लगा, अब बीना शर्मा गयी थी।

फिर उसने सोचा कि अगर पता होता कि ये सब होने वाला है, तो वो चूत के बाल शेव करके आती। तभी ट्रिम्मर बंद करके विक्रम बीना की चूत की मालिश करने लगा। फिर छाया ने विक्रम को रुकने को कहा, अब बीना तो भूल ही गयी थी कि छाया भी रूम में थी और बीना का मसाज होता हुआ देख रही थी। अब बीना को खुद पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसने छाया के सामने ये सब किया है। फिर छाया के ऑर्डर से विक्रम पीछे हट गया, फिर छाया टेबल के पास आई और फिर वो हुआ जो बीना ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। अब छाया ने बीना की चूत पर अपना मुँह रखा और उसकी चूत चाटने लगी। अब बीना को तो जन्नत का मज़ा आने लगा था, अब छाया कभी अपनी जीभ उसकी चूत में अंदर डाल रही थी, तो कभी उसकी चूत को ऊपर से धीरे-धीरे से काट रही थी। फिर अचानक से बीना को अपनी गांड में एक उंगली महसूस हुई, अब विक्रम बीना की गांड के छेद को धीरे-धीरे सहला रहा था और दूसरे हाथ से उसके बूब्स मसल रहा था।

फिर कुछ दिनों के बाद हर रोज़ की तरह बीना और जया साथ में बैठकर टी.वी देख रहे थे, लेकिन उन दोनों में से किसी का भी ध्यान टी.वी पर नहीं था। अब जया के मन में घबराहट थी, अब वो अपनी तिरछी नजरो से बार-बार अपनी माँ की मुस्कुराहट देख रही थी और सोच रही थी कि पूरे महीने माँ उदास रहती है, तो ज़रूर पापा के साथ बिताए पल ने माँ के होंठो पर मुस्कान लाई होगी। जबकि सच तो ये था कि बीना आज अपने आपको संतुष्ट महसूस कर रही थी, आज उसकी चूत का जो मसाज हुआ था और साथ ही उसके पूरे जिस्म पर एक गैर मर्द ने अपने हाथों से उसकी सेवा की थी और उसकी बेस्ट फ्रेंड ने उसे चूमा और चाटा था। अब जया के मन में सवाल उठने लगे थे कि क्या सच में रफ वाईल्ड या डर्टी सेक्स इतना मज़ेदार होता होगा? वो तो लव मेकिंग में विश्वास रखती थी, जिसके बारे में विक्की हमेशा उससे बातें किया करता था।

अब उसके कानों में बेटी चोद शब्द बार-बार गूँज रहे थे, अब वो लाख कोशिशो के बाद भी अपनी माँ की वो गाली भुला नहीं पा रही थी। सच तो ये था कि उसके मन में कुछ ऐसे ख्याल भी आने लगे थे, जो पाप था। उसने अपने पापा के बारे में कभी ऐसा नहीं सोचा था मगर अब वो खुद को इस बारे में सोचने से रोक ही नहीं पा रही थी। अब बीना और छाया बेहद करीब आने लगे थे, अब उन दोनो में कई बार लेज़्बीयन संबंध स्थापित हो चुका था। फिर बीना ने छाया का वो रूप भी देखा जिसके बारे में वो सपने में भी नहीं सोच सकती थी। अब छाया ने डॉमिनेट करना शुरू कर दिया था डिल्डो , बॉंडेज ये सब रोज़ की बात हो गयी थी। अब बीना को रफ सेक्स तो पसंद ही था, लेकिन अब उसे और भी नई-नई चीजे अनुभव करने को मिल रही थी।

फिर एक दिन वापस छाया ने विक्रम को बुलाया, तो विक्रम अपने सारे दूसरे क्लाइंट्स को छोड़कर छाया के घर पर आया। आख़िर अब उसे एक ही जगह पर 2 क्लाइंट्स मिलती थी और उसको मोटी कमाई भी हो जाती थी, ये और बात है कि बीना की मसाज का पेमेंट भी छाया करती थी क्योंकि बीना के पति के सरकारी नौकरी में ये सब संभव नहीं था और छाया ने कभी उससे पैसे माँगे भी नहीं थे। अब धीरे-धीरे अश्लीलता की सारी हदे पार होने लगी थी। अब छाया कभी बीना को मॉडर्न और छोटे कपड़े में माल में शॉपिंग करवा देती, तो कभी अंजान मर्दो से ऑनलाइन और फ्लर्ट करवाती। अब चेहरे पर नक़ाब डालकर बीना वेबसाईड पर अपने जिस्म की नुमाइश तो बड़े मज़े से करने लगी थी। फिर एक दिन वो हुआ जिससे बीना अब तक बचती आई थी किसी गैर मर्द के साथ सेक्स। अब एक दिन छाया ने बीना के दोनों हाथ बाँध रखे थे, फिर छाया ने सिर से पैर तक बीना को खूब चूमा और प्यार किया, उसके बूब्स और चूत पर खूब प्यार बरसया, लेकिन वो हर बार थोड़ी देर तक चूत से खेलकर रुक जाती थी। अब बीना तड़पने और मचलने लगी थी, फिर उसने कहा कि।

बीना : प्लीज़ मेरी चूत की मालिश कर दे और मत तड़पा।

छाया : मुझे तुझे तड़पाने में ही मज़ा आता है, साली छिनाल।

बीना : तू या तो मेरी चूत में अपना वाइब्रेटर दे, या आज विक्रम को बुला दे, अब में और बर्दाश्त नहीं कर सकती हूँ।

फिर छाया ने देखा कि बीना की चूत एकदम लाल हो चुकी थी और वो अपना पानी छोड़ रही थी और मचल रही थी और चुदाई की भीख मांग रही थी। अब जया के कॉलेज से आने का समय हो चुका था, तो बीना जल्दी से सेक्स का खेल खत्म करके अपने घर जाना चाहती थी, वरना जया उसे ढूंढते हुए छाया के घर भी आ सकती थी। फिर छाया ने हालात का फायदा उठाया और उसकी चूत पर ज़ोर से चिमटी काटी और अपनी डिमांड रख दी।

छाया : बीना में एक शर्त पर तेरी प्यास मिटाऊँगी और तुझे घर जाने दूँगी।

बीना : मुझे तेरी हर बात मंजूर है।

छाया : ठीक है, अपनी आँखें बंद कर और जो होगा चुपचाप उसके मज़े लेना।

फिर छाया ने उसकी आँखो पर पट्टी बाँध दी और फिर बीना ने अपने जिस्म पर मर्दाना हाथ महसूस किए। अब पहले तो उसने सोचा कि विक्रम होगा, लेकिन उसे ख्याल आया कि वो विक्रम का हाथ नहीं थे, विक्रम के हाथ सॉफ्ट थे जो मसाज के लिए ज़रूरी है। अब बीना घबरा गयी थी, फिर उसे ये भी ख्याल आया कि ये मर्द जो भी है, वो पहले से ही घर में मौजूद था मतलब वो सब कुछ देख रहा था और उसने बीना और छाया के बीच का लेज़्बीयन सेक्स भी देखा था। अब बीना चीखने लगी थी, अब वो अपने हाथ और आँखें खोलने की मिन्नते करने लगी थी और अब वो उस मर्द को खुद से दूर जाने को कहने लगी थी। अब हालात को संभालने के लिए छाया ने उससे कहा कि मज़े करो, जो भी मर्द है वो उसे कोई नुकसान नहीं पहुचायेंगा। लेकिन जब बीना फिर भी नहीं मानी, तो छाया ने इमोशनल ब्लेकमेल शुरू किया।

छाया : मैंने तुझे विक्रम से खुशी दिलाई, तुझे इतना प्यार किया और ढेर सारी शॉपिंग भी करवाई, मैंने तेरी लाईफ चेंज कर दी, क्या तू मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती है?

बीना : मुझे सब मंजूर है, लेकिन में किसी गैर मर्द से चुदाई नहीं कर वाऊंगी और पट्टी की क्या ज़रूरत है? मुझे ये जानने का हक़ नहीं है कि कौन मुझसे खेल रहा है?

फिर छाया ने बीना की पट्टी उतार दी, अब बीना के सामने छाया का पति दिनेश नंगा खड़ा था और अपना मोटा सा लंड उसकी नाभि पर रगड़ रहा था। फिर बीना ने उससे चुदाई ना करने की गुज़ारिश की, लेकिन छाया ने दोस्ती का वास्ता देकर उसे चुप करा दिया और ये भी बताया कि दिनेश हमेशा से ही बीन को पसंद करता रहा है और दिनेश की खुशी के लिए छाया मज़बूर थी। फिर बीना ने जवाब दिया कि वो ब्लोवजोब कर देगी और जैसे चाहे खुश कर देगी, लेकिन वो चुदाई नहीं कर सकती। लेकिन अब उसकी सारी मिन्नते बेकार गयी थी, अब दिनेश की उंगलियों ने उसकी चूत में वो कमाल दिखाया कि बीना अपनी आँखें बंद किए चुदने लगी। अब चुदते-चुदते जब उसने अपनी आँखे खोली तो उसकी नज़र कमरे में लगे बड़े से शीशे पर पड़ी। अब उसको ऐसा महसूस हुआ जैसे कमरे में एक और कपल चुदाई कर रहे हो। अब उसे कमरे में इतना बड़ा शीशा होने का राज़ पता चल गया था, अब उसकी नज़र बड़े से टी.वी पर भी पड़ी जिस पर एक पॉर्न मूवी चल रही थी। अब छाया एक ग्रूप सेक्स वाली पॉर्न मूवी देखकर खुद अपनी चूत रगड़ रही थी ।।

Updated: January 2, 2019 — 11:31 pm
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