दोस्त की अकेले में की जोरदार चुदाई

हेलो फ्रेंड्स. मैं हु आर्यन. मैं बंगलोर का रहने वाला हु. मैं इस सेक्स वेबसाइट का बहुत बड़ा फेन हु. सेक्स स्टोरीज पड़ कर मुझे भी ख्याल आया, कि क्यों ना मुझे भी अपनी कहानी शेयर करनी चाहिए. सो मैं अपनी पहली सच्ची कहानी शेयर करने जा रहा हु. ये कहानी मेरी इंजीनियरिंग कॉलेज लाइफ की है. मैं कॉलेज में एडमिशन लेते ही लडकियों को खोजने लगा. बट सब की सब एंगेज्ड निकली या कमिटेड निकली. लेकिन, एक दिन कॉलेज में अड्डा देते हुए, मैंने एक नयी लडकी को देखा. वो लड़की का नाम दीपिका था. वो कोलकाता की रहने वाली थी. देखने में असली दीपिका पादुकोण से भी सुंदर. एक टाइट कुर्ती और लेग्गिंग पहन कर रखी थी. वो कुर्ती सफ़ेद रंग की थी और हलकी सी ट्रांसपेरेंट भी थी. उसमे से उसकी चुचियो के उभार साफ़ समझ में आ रहे थे. वो मटक – मटक कर चलती थी.. मानो गांड उसकी पतली कमर से अलग हो जाए.

मेरे एक दोस्त ने झट से कहा – इसको तो कुतिया मापी चोदु. क्या गांड है साली रंडी की. मैंने अपने दोस्त को लाफा मारा और कहा – हरामी, भाभी है तेरी. उसका फिगर तो कयामत था ३६-२८-३६ का बॉडी मेज़रमेंट था. उसकी चुचियो को देख कर ऐसा लग रहा था, कि ये सारे लडको को दूध सप्लाई करती है. बहुत ही बड़े थे. मन कर रहा था, कि कुर्ती फाड़ कर उसको नंगा कर दू और उसकी चुचियो को मसल – मसल कर सारा दूध निगल जाऊ. मैंने पहले दिन से उसको चोदने का प्लान बनाना शुरू कर दिया. मैं भी ठीकठाक दिखता था. मैं था तो एक नंबर का हरामी, लेकिन दिखने में शरीफ था. इसलिए सब मुझ पर जल्दी से विश्वास कर लेते थे. तो तब मुझे पता चला, कि उसका एक बॉयफ्रेंड भी रह चूका है. मेरा दिल तो वहीँ टूट गया और मैंने तो इसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाने का सोचा था और मैं दीपिका की मोटी गांड मारने के सपने देखता था.

मैंने एक प्लान बनाया, कि गर्लफ्रेंड ना सही, लेकिन ठरक मिटाने के लिए चोदुंगा जरुर. मुझे दीपिका अपने एक्स – बॉयफ्रेंड की बातें बताने लगी थी. मुझे पता चल गया था, कि उसका बॉयफ्रेंड एक नंबर का गंजेरी था. दीपिका को बहुत मारता था. तो एकदिन मैंने उसको पार्क में पूछा – क्यों? वो तुम्हे मारता क्यों रहता है? उसने पहले हिचकिचाया. मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और फिर वो रोते हुए बोली – वो ड्रिंक करते हुए, मेरे घर पर आ जाता है हर रात को. और मुझे जबरदस्ती चोदता है. पब्लिकली चुचिया दबा देता था बस में. वो और उसके दोस्त भी मिलकर छेड़ते थे मुझे. मैंने उसको कहा – तुम घर पर कुछ क्यों नहीं कहती हो. वो बोली – वो अकेली पढ़ जाती थी. इसलिए वो बॉयफ्रेंड को बुला लेती थी. उसे सेक्स करना अच्छा लगता है. लेकिन उसका बॉयफ्रेंड नशे में कुछ कर ही नहीं पाता था. बाद में, वो उसके घर वालो ने उसको शादी एक इंजिनियर के साथ फिक्स करवा दी है. वो रोते हुए मेरे गले लग गयी.

उसके बूब्स मेरे चेस्ट में दब रहे थे. ऐसा अहसास जिन्दगी में ना हुआ था. मेरा ३ इंच का लंड ७ इंच लम्बा हो गया. और गले लगते हुए, मैंने एक हाथ उसकी बड़ी – बड़ी गोल गांड पर रख दिया. मेरा लंड बेताब हो रहा था. बट वो फॅमिली पार्क था. इसलिए हम अलग हो गए. मैंने उसे गर्ल्स हॉस्टल ड्राप किया और चला गया. मुझे उसदिन बहुत बातें पता चली, कि दीपिका का बॉयफ्रेंड बहुत कमीना था, मैं बहुत अच्छा. उसे सेक्स करना बहुत पसंद था और मुझे तो उसे चोदना ही था. सेमेस्टर एक्साम्स ख़तम हो रही थी. और मैं रोज़ दीपिका के नाम की मुठ मारता था. मैंने बोला, कि छुट्टियों में एक कंप्यूटर कोर्स कर लेटे है. दीपिका मेरा कोई बात नहीं टालती थी. तो कोलकाता में एक ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट पर हम क्लास लेने लगे. बट एक दिन क्लास देर तक चली, तो बहुत रात हो गयी.

उसके घर जाने की लास्ट बस मिस हो गयी. उसका घर बहुत दूर था और उसके पापा भी शहर में नहीं थे. तो मैंने उसे कहा, कि तुम मेरे साथ मेरे पीजी में रुक जाओ. वो पहले हिचकिचाई और मान गयी. उसने घर पर बोला, कि वो एक फ्रेंड के यहाँ रुक रही है. मैं बहुत एक्साइट था, कि आज मुझे चोदने का मौका मिलेगा. तो हम दोनों बाहर खाना खाने के लिए गए. रूम में वापस आते ही, मैं बाथरूम में चले गया फ्रेश होने के लिए. बाहर आकर मैंने उसको कहा, कि तुम भी फ्रेश हो जाओ. वो बाथरूम में चली गयी, लेकिन टॉवल भूल गयी. तो उस ने दरवाजा खोला और मुझ से टॉवल माँगा. उसे देख कर मेरा खड़ा हो चूका था. वो ब्लैक ब्रा में थी और उसके बूब्स बहुत बड़े थे. १९ साल की लड़की के इतने बड़े बूब्स… फिर याद आया, कि ये बहुत दबवायी हुई है. मुझे अब तो उसे बस चोदना ही था. मन में बस ये ही ख्याल आ रहा था, कि इसको कैसे चोदा जाए. वो बाथरूम से निकली और मैंने उसे अपना एक टीशर्ट दे दिया.

उसके पास टॉप नहीं था. टीशर्ट से उसके निप्पल नज़र आ रहे थे. उसने अपना ब्रा खोल दिया था. मैंने कहा, कि चलो मूवी देखते है. वो मान गयी. मैं लैपटॉप पे राज़ मूवी लगा दी. वो मेरे आगे और मैं उसके पीछे बिस्तर पर बैठा था. एक सीन में वो डर गयी और पीछे आ गयी और मैंने उसे पकड़ लिया. उसे डर लग रहा था. इसलिए मैंने उसे कसकर पकड़ लिया. मैंने अपने दारी से उसकी गाल में सटा रहा था. और अपने हाथ को उसकी पीठ पर रखा था. उसे बहुत गुद्गुद्दी सा हो रहा था. मुझे ग्रीन सिग्नल मिल रहा था. मैंने फिर उसके कान में धीरे से बोला – अब डर नहीं लग रहा ना? उसकी साँसे तेज़ हो रही थी. मैंने अपनी जीभ से उसके कान को चाटना शुरू कर दिया. और मेरे हाथ उसकी लेफ्ट बूब्स को दबा रहा था. वो गरम होने लगी थी. फिर मैंने दोनों हाथो से उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया था.

उसकी टीशर्ट को उतारने के बाद, मैं उसके सामने चला गया. उसे सामने से देख कर मैं तो पागल ही हो गया. मैंने अपना टीशर्ट निकाला और उसे कस कर बाहों में ले लिया. उसकी चुचिया वाकये बड़ी थी. मैं तो जन्नत में था. मैं उसके दोनों चूचो को मसल रहा था. चाट – चाट कर उसके बूब्स को पूरा गीला कर दिया. वो जोर – जोर से सिस्कारिया ले रही थी. वो बोली – अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है. कॉम ओन.. फक मी.. मैं भी ये ही चाहता था. मैंने उसकी पेंट को उतार दिया और देखा, कि उसने लाल चड्डी पहनी थी और वो पूरी की पूरी गीली थी. मैंने चड्डी को उतारते हुए देखा, तो उसने उस ने अपने बाल साफ़ किये हुए थे. उसकी चूत में ऊँगली घुसा कर सारा पानी निकाल दिया. अब उसने मेरा पेंट उतारा. वो मेरे लंड को देख कर चौक गयी और मैंने उसका सिर नीचे किया और लंड चुस्वाया. उसकी जीभ मेरे सुपाडे पर पड़ते ही, मेरा शरीर तन गया था. मैंने उसे बिस्तर की ओर धक्का दे दिया और अपने लंड को उसकी चूत में घुसा दिया.

वो चीख पड़ी. मुझे भी दर्द हो रहा था. लेकिन ३ से ४ धक्को से मज़ा आने लगा. मैं जोर – जोर से धक्के मारता रहा था. वो दर्द से चिल्लाने लगी. मैं करता रहा… रंडी तुझे मैं हमेशा से ही चोदना चाहता था. और वो बोल रही थी – चोदो मुझे.. चोद डाल.. प्लीज चोदो मुझे.. अहः अहः अहः ऊऊफ़ुफ़ु.. मैंने उसको कोई १० मिनट तक चोदा और फिर उसके बाल को पकड़ कर उसको बिस्तर से नीचे उतारने लगा. और कुतिया मापी खड़ा करवाया. मैंने अपना ७ इंच का लंड उसकी चूत में पीछे से घुसाया. मैं पागल हो रहा था. उसे बहुत दर्द हो रहा था. कुतिया स्टाइल में लंड पूरा का पूरा चूत में घुस जाता है. मेरे १५ धक्को में, वो झड़ गयी और उसकी गांड में मैंने चाटे मारते रहा.. मैंने उसकी गांड को पूरा का पूरा सुजा दिया था. चुद्वाते – चुद्वाते, वो बोले जा रही थी.. इतने दिन कहाँ थे बाबु. मुझे फक करो प्लीज.. चोदो मुझे… अहः अहः अहः अहः अहः अहहाह अहहाह अहहाह अहहाह अहहाह अहः एहेहे एहेहेह एहेहे…

मैंने कहा – मेरी कुतिया, मैं तो यहीं था. मैं तो तुझे हमेशा से ही चोदना चाहता था. तेरी गांड मारना चाहता था. मेरी वफादार कुतिया. तुझे बस मैं ही चोदुंगा. रंडी तेरी प्यास को अब से सिर्फ मैं ही बुझाऊंगा. ये कहते – कहते मैं झड़ने वाला था. फिर मैंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और अपने सारे माल की पिचकारी को उसकी गांड पर डाल दिया. फिर मैंने अपने लंड उसके मुह में दे दिया और उस से चुसवा कर साफ़ करवाया. मैंने फिर अपने लंड को उसकी गांड में डाल दिया. इस तरह से मैंने उसको सुबह तक ३ बार चोदा. वो सुबह तक बेहाल हो चुकी थी. मैं अब दुनिया का सबसे खुश लड़का था. फिर मैंने दीपिका को बहुत बार चोदा है. कहानी पढ़ने के बाद, अपने विचार नीचे कमेंट पर जरुर दे. ताकि हम आपके लिए फिर अपने जीवन की और घटनाये कहानी के रूप में लिख सके.

Madhu

2 Comments

  1. Tum log sale kitna jhut bolte ho. Mangadant kahani likhte ho . Mujhe to aaj tk koi girl chodne ko nhi mili. Jesa Tumhari stori men hota he .aisa to fio men bhi nhi hota

  2. Tum log sale kitna jhut bolte ho. Mangadant kahani likhte ho . Mujhe to aaj tk koi girl chodne ko nhi mili. Jesa Tumhari stori men hota he .aisa to filmo men bhi nhi hota

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