ग्रुप में दस कपल-1

hindi sex kahani रोमा: और कितनी देर लगेगी रवि, देखो मैं तुमसे पहले तैयार हो गई हूँ.
रवि: बस दो मिनट और, अभी आया.

दोनों की शादी को दो साल हो चुके थे. बहुत खुले विचारो वाले थे दोनों और वैसा ही उनका ग्रुप था. उस ग्रुप में दस कपल हो चुके थे अब तक. सभी के सभी बेहद अमीर और हाई-प्रोफाइल . आज उसी ग्रुप की आउटिंग , इंदौर से पच्चीस किलोमीटर दूर खंडवा रोड पर, ग्रुप के ही एक मेम्बर रोनी के चार एकड़ के फ़ार्म-हाउस पर रखी गई थी और रोमा को वहां पहुँचाने की रवि से भी ज्यादा जल्दी थी.

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रोमा सोफे की पुश्त पर टिक कर आने वाले अगले दो दिनों के बारे में सोचने लगी. जबसे उसने उन दो दिनों में क्या क्या होने वाला है इसके बारे में सुना है, उसकी योनी में लगातार बाड़ बनी हुई है, अभी अभी उसने नई पेंटी पहनी थी और अब फिर वो पूरी गीली हो चुकी है. उसके शरीर में झुरझुरी सी दौड़ रही थी. अचानक रवि की आवाज़ से उसका ध्यान भंग हुआ.

दोनों तैयार होकर अपनी होंडा अकॉर्ड से अपने गंतव्य की और प्रस्थान कर गए.
रोमा: रवि, मैं परेशान हो चुकी हूँ, मेरी चूत का झरना रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है, पिछले एक घंटे में तीन पेंटी बदल चुकी हूँ, और फिर से ये गीली हो गई है.
रवि: जानू , जरा सब्र से काम ले, अब दो दिन तेरी चूत इतनी झड़ने वाली है क़ि तेरा सारा पानी ख़तम हो जायेगा. मनोज का दिमाग, मानना पड़ेगा, कितनी जोरदार प्लानिंग की है इस बार. इस तरह की ओरजी तो कोई पोर्न मूवी में भी कभी नहीं देखी है. पता नहीं मेरे लंड का क्या हाल होने वाला है.

बस आने वाले वक़्त क़ि बातें करते करते वो फ़ार्म हाउस पर आ पहुंचे.
बड़ा सा मेन गेट. रोनी ने मोनिटर पे कार को रुकते ही पहचान लिया और रिमोट कंट्रोल से गेट को खोल दिया. रवि कार को बीचो बीच बने बड़े से बंगले के अहाते क़ि और चला कर ले आया जहाँ पर रोनी क़ि खूबसूरत पत्नी मेरी उनके स्वागत के लिए खड़ी थी. कार के रुकते ही रोमा बहार आई और बहुत ही जोर से मेरी के गले लग गई. दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थी. रवि रोमा सबसे पहले पहुंचे थे. कार को पार्क करके रवि भी बड़े से हाल में पहुँच गया.

अगले एक घंटे में सभी सदस्य उस बड़े से हाल मैं इकट्ठे हो गए. सभी कपल करीने से सजी कुर्सियों पर बैठ गए. मनोज और उसकी पत्नी alka इस बार की party के sanyojak थे. दोनों uth khade huwe.
मनोज: aap सभी का स्वागत है. aap सभी के chehre बता रहे हैं क़ि आप सब कितने उत्सुक है आने वाले समय को लुत्फ़ उठाने के लिए. और आपके उन पलों में हजार हजार चाँद लगाने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. हम सभी आपस में पहले भी बहुत बार एकसाथ चुदाई कर चुके हैं परन्तु इस बार ये बहुत ही अलग सेशन होने वाला है जिसके बारे में आप सभी जानते ही हैं. ज्यादा वक़्त बर्बाद न करते हुवे हम अपने पहले दौर में प्रवेश करते हैं. और पहला दौर है क़ि “अपनी पत्नी के गालों को पहचानो”. मनोज ने सभी नौ जेंट्स क़ि आँखों पर काली पट्टियाँ बाँध दी और कुर्सियों पर लाइन से बैठा दिया. अब सभी लेड़ीस बारी बारी से अपने गाल एक एक मर्द के होंटो से सटाएगी और मर्द उस पर जोरदार चुम्मा देगा और फिर कोनसे नंबर वाली लेडी उसकी बीवी है ये एक स्कोर शीट पर अंकित करेगा.

अब यहाँ से आगे की कहानी रवि अपनी जबानी सुनाएगा ………….
मेरा नुम्बर दूसरा है…..तभी पहले चुम्मे की आवाज़ आती है, फिर कुछ पल बाद मुझे अपने होंटों पर एक बेहद मुलायम गाल की अनुभूति होती है, पता नहीं चल रहा रोमा का है या किसी और का. मैं उसे बड़े ही चाव से चूमने लगता हूँ. अपनी जीभ से थोडा सा चाट ता भी हूँ, मस्त मस्त खुशबू का अहसास हो रहा था. पहले चुम्मे में ही मेरा लंड अकड़ने लगा है. अभी तो ये शुरुवात है और मैंने अपने लंड को दिलासा दिलाया. तभी पहला गाल हटा और दूसरा गाल आकर मेरे होंटों से सट जाता है…. ये एकदम चिकना गाल है में उसे चूसना और चूमना चालू करता हूँ. ये तो रोमा का गाल नहीं हो सकता है इतना चिकना नहीं है. एक एक करके सभी महिलाएं गालों पर चुम्मा लेने आती है…….मैं अपने अंदाज़ से रोमा का नुम्बर अंकित करता हूँ. मनोज को ये बात पता है की सब अपने अपने साथी के शरीर की खुशबू से अच्छी तरेह से वाकिफ है इसलिए शुरुवात में सभी जोड़ो को एक ही खुशबू का बॉडी स्प्रे अप्प्लाई किया. अब सभी की खुशबू सामान होने से अंदाज़ लगाना बड़ा ही मुश्किल हो रहा था. आँखों पर पट्टी बंधी होने की वजह से अनजाने गालों पर चुम्मा देना बहुत ही रोमांच पैदा कर रहा था.
तभी मनोज की आवाज़ गूंजती है की अब लेडिस चुम्मा देंगी और अब पट्टियां महिलाओं को बाँध दी जाती है. मेरा नुम्बर आते ही मैं मेरी के होंटों पे अपने गाल ले जाता हूँ…….वो बड़े ही मादक अंदाज़ मैं मेरे गालों को चूसने लगती हैं…..फिर दूसरा चुम्मा फिर तीसरा और अब रोमा का चुम्मा. क्या पता रोमाचुम्मा. क्या पता रोमा पहचान पायेगी की नहीं……….गेम में पॉइंट्स स्कोर करना बड़ा जरूरी है. ऐसे ही एक एक करके चुम्मो को बारिश होने लगती है……..कुछ चुम्मे एक गाल पे लिए तो कुछ दुसरे गाल पर. इस तरेह पहला राउण्ड समाप्त होता है……..सभी शूरूआत से काफी उत्तेजित महसूस कर रहे थे लेकिन गेम के रुल के मुताबिक अपने आपको संयम में बंधे हुवे थे. अब हम सभी एक दुसरे से बातें करने लगे थे…….
मैं: यार सलीम, जब चुच्चे पहचानने की बारी आएगी तो बड़ा मज़ा आएगा….एक के बाद एक लगातार चुच्चे मसलने को मिलेंगे……..हमारे यहाँ तो हर तरह की चुच्चे हैं……..
सलीम: हाँ यार रवि, पर ये तो सोच जब हमारे लंड चुसे जायेंगे एक के बाद एक……..सारी की सारी रंडियां चुसुक चुसुक करके हमारे लौड़े चूसेगी……यार मेरा कहीं माल ना निकल जाये……बड़ी किरकिरी हो जाएगी……..
मैं: हां, खासतौर पे रोमा जब चुसे तब ख्याल रखना…..मादरचोद रोमा का तू बहुत बड़ा दीवाना है……….तेरा बस चले तो रोमा की छूट मैं लंड डाले पड़ा रहे जिंदगी भर…….चुदक्कड़ साला….
सलीम: हे हे , तू देख रोमा के साथ इस बार क्या क्या करता हूँ गेम के बाद…………….

और इसी के साथ दुसरे राउण्ड की घोषणा होती है…………….इस राउण्ड में………………….
सभी की आँखों पर पट्टियाँ बांध दी जाती है…..ये फ्रेंच किस राउण्ड है…….मैं एकदम अपने आप को काबू से बाहर पता हूँ………..अगले पांच मिनट मैं अलग अलग सुंदरियों के लगातार होंठ चूसने को मिलेंगे….ऐसा पहले कभी अनुभव नहीं किया था…..इस राउण्ड में मनोज और अलका को बहुत ज्यादा मदद करनी पड़ेगी क्योंकि किस करते वक़्त कोई भी अपने पार्टनर को छू नहीं सकता है वरना पत्नी के होंठ कोनसे हैं ये आसानी से पता चल जायेगा………..तो हम सब मर्द लाइन में खड़े हो गए और शायद पहले मनोज एक भाभी को पकड़ के पहले मेम्बर के पास ले गया लिप टू लिप चुम्मे के लिए….दूसरी को अलका मदद कर रही थी…….अचानक मेरे सर पर किसी का हाथ आता है और वो सर को आगे की दिशा मैं धकेलता है…..और अचानक मेरे होंठ एक बेहद नाज़ुक होंठो से जुड़ जाते हैं …..मेरे दोनों हाथ पीछे हैं……मैं उन नर्म और मुलायम लबों को चुसना चालू करता हूँ…..बेहद उत्तेजना महसूस होने लगती है …..अब मेरी जीभ उसके मुंह में प्रवेश करती है तो वो भी अपनी जीभ को बाहर लाती है और फिर दोनों एक दुसरे की जीभ को बुरी तरह से चूसने लगते हैं……..तभी सामने से मेरी पार्टनर को हटा दिया जाता है ……और फिर तुरंत ही एक नाज़ुक हाथ मेरे गालों को खींचता है और एक और नए लिप्स पर मेरे लिप्स टिक जाते हैं…….इस बार एक नयी और ताज़ा खुशबू का अहसास होता है…..मैं फिर पूरी तन्मयता से उन होंठो को चूमने लगता हूँ……..बड़ा ही मज़ा आ रहा था……….ऐसे ही एक एक करके हर बार नए होंठो का रसपान ……जब लास्ट पार्टनर का नुम्बर आया तब तक मेरा लंड बहुत ही बेकाबू होने लगा था…….जेसे ही चूमा चाटी शुरू हुई मुझे एकदम लगा कि साली को कस के दबोच लूं और निचे पटक के ठोक दूं……..और अपने आप ही मेरे दोनों हाथ उसकी तरफ पकड़ने को उध्यत होने लगे……..परन्तु छूने से ठीक पहले किसी ने मेरे दोनों हाथो को पकड़ के जोर से बोला ………….ऐ मिस्टर, गेम से आउट होना है क्या……..अपने लंड को समझाओ कि आराम आराम से गेम खेले………..क्या तुम्हे पता नहीं कि कितने शानदार इनाम रखे गए हैं …………और अचानक मेरे हाथों को ब्रेक लगा और मैंने फिर से अपने हाथ पीछे खिंच लिए…………….. अलका के याद दिलाते ही मैंने मन को समझाया गेम में बने रहो…….और फिर उन अंतिम होंठो को चूसने में खो गया…………जेसे ही चुम्बन ख़तम हुआ मैंने अलका के कान में संभावित नुम्बर बताया जो मेरी पत्नी के होंठ हो सकते थे…..उसने नुम्बर शीट में अंकित किया और मैंने अपनी पट्टी खोल दी…….रोमा इस वक़्त सलीम के होंठो को चूसने में तन्मय थी……..मैं उनके नज़दीक आ गया और नज़ारा देखने लगा………सलीम बड़ा ही उन्मत्त होकर मेरी बीवी के होंठो से रसपान कर रहा था………शायद उसे रोमा के होंठो का अहसास हो गया था…….उसने करीब करीब अपना पूरा मुंह रोमा के मुंह मैं घुसा दिया था…लग रहा था कि रोमा को सांस लेने में कुछ तकलीफ होने लगी थी…..पर तभी मनोज ने रोमा के दोनों चुच्चों को पकड़ा और धकेल कर अगले सदस्य के होंठो से जोड़ दिए…….अच्छा…..ये मादरचोद मनोज इस तरह से सहायता कर रहा है……….मैंने देखा वो रोमा के ठीक पीछे एकदम चिपक के खड़ा है…..उसका लंड ठीक गांड के ऊपर टिका हुआ है और दोनों हाथ अभी भी रोमा के दोनों कबूतरों पर हौले हौले मचल रहे हैं……..मैंने कुछ और चुम्बन रत जोड़ों पर निगाह डाली बड़ा ही शानदार नज़ारा था………….अनजान का चुम्बन ज्यादा उत्तेजना देता है और उसी के वशीभूत हमारे सभी दोस्तों कि हालत दुसरे दौर में ही ख़राब होने लगी…………..मेरा लंड बहुत ज्यादा फट पड़ने की स्थिति में आ चूका था…………मैंने देखा मेरी अब फ्री हो चुकी थी और अपनी पट्टी खोल रही थी……..मैं भाग कर उसकी और पहुंचा और उसे दबोच लिया …….और उसके अंगो का मर्दन करने लगा…..चूँकि बोलने कि इज़ाज़त नहीं थी इसलिए वो मुझे धक्के देकर दूर हटाने लगी परन्तु मैंने उसे उठा लिया और थोड़ी दूर सजे दस शयन शैया वाले सेक्शन की ओर ले जाने लगा और फिर एक बिस्तर पर उसे पटक दिया और मैं भी उसके ऊपर लगभग कूद पड़ा…..अब मैंने अपने दोनों हाथों और पैरों से लगभग पूरा दबा दिया और अपने होंठों से उसके होंठ दबा दिए ….वो गूं गूं करके छटपटाने लगी……….मैं अपने शरीर को उसके शरीर पर बुरी तरह से मसलने लगा…………तभी राउण्ड पूरा हो गया और कुछ दोस्तों का ध्यान हमारी तरफ गया………..जेसे ही उन्हें माज़रा समझ में आया कुछ लोग हमारी और आये और हमें अलग किया………जेसे ही सबको देखा मुझे एकदम होश आया………साडी महिलाएं मेरी बेसब्री को देख कर हंसने लगी और तरह तरह के कमेंट्स आने लगे…..अलका और मनोज मेरे पास आये कि क्या मैं गेम को छोड़ना चाहता हूँ तो फिर अभी सारी लेडिस मिलकर तुम्हारे लंड का कीमा बना देगी…………बोलो क्या करना है………..रोमा मेरे पास आई …..रवि, हमें गेम के आखिर तक रहना है ……..जरा अपने पर काबू करो…………जेकपोट नहीं जीतना है क्या……………..अब तक मैं काफी हद तक नोर्मल हो चूका था………..मैं वाटर कुलेर कि और बड़ा और ठंडा पानी पीकर एक कुर्सी पर बैठ गया……………..मैंने देखा कि बाकि सभी मर्दों कि हालत भी मेरे जेसी ही हो रही थी…..परन्तु सभी जेसे तेरे अपने पर काबू किये हुवे थे………अब में थोड़े तनाव में था कि यही हाल रहे तो आखिर तक टिके रहना बड़ा मुश्किल हो जायेगा……..चलो देखते हैं क्या होता है…..ये सोचकर मैं फिर से सभी कि ओर बड़ चला…..

Updated: May 14, 2018 — 11:16 pm
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