गुलाबी गांड वाली कॉलेज की चालू लड़की

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 21 साल है. इस कहानी में आपको मेरी लाईफ का पूजा के साथ का सबसे हसीन पल बताने जा रहा हूँ. में एक सामान्य लड़का हूँ, लेकिन मेरा लंड किसी को निराश नहीं करता है. ये कहानी मुंबई के एक बहुत फेमस फैशन इन्स्टिट्यूट से शुरू होती है, मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने उसके कॉलेज गया तो में भी साथ में चला गया, क्योंकि मैंने उस कॉलेज की सुन्दरता के बारे में बहुत सुना था. अब जब मेरा दोस्त अपनी आईटम के साथ व्यस्त था तो मैंने नोटीस किया कि कुछ लड़कियां मुझे देखकर हंस रही थी. में बचपन से ही बहुत बेशर्म हूँ तो में उनके पास चला गया और पूछा कि आप लोग मेरे बारे में बात कर रहे है? वो तीनो लड़कियां काफ़ी हॉट थी, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वहाँ से चल दी, लेकिन उनमें से एक लड़की ने पीछे मुड़कर स्माइल दी और चली गयी.

फिर मैंने अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड से कहा कि वो बीच वाली लड़की से सेटिंग करा दे यार तो उसने रिप्लाई दिया कि वो इस कॉलेज की सबसे चालू लड़की है उससे बचकर रहना. फिर मैंने कहा कि में क्या कम चालू हूँ? तू बस एक बार बात करवा दे तो उसने कहा कि वो कोशिश करेगी. फिर कुछ दिन के बाद मेरे मोबाईल पर एक अंजान नंबर से मैसेज आया “हाय” तो मैंने पूछा कि आप कौन? तो उसका रिप्लाई आया पूजा और उसने अपने कॉलेज का नाम बताया. अब मेरा तो उसका नाम सुनकर ही खड़ा हो गया था. फिर मैंने तुरंत उसका नंबर डायल किया और हमने आधे घंटे बात की और बातों में पता चला कि वो सच में बहुत चालू थी.

फिर कुछ दिनों में हमने गंदी बातें करनी शुरू कर दी और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम वर्जिन हो? तो वो हंसी और बोली कि तुम्हें क्या लगता है? तो मैंने बोला कि ओह तेरी इतनी डायरेक्ट. फिर उसने बोला कि अभी तो शुरुवात है, फिर मैंने बोला कि आज मेरा घर खाली है, तो वो बोली कि उसका घर तो हमेशा खाली रहता है . फिर मैंने बोला कि कुछ करने का इरादा है? तो उसने बोला कर पाओगे? तो मैंने कहा कि में कोशिश करूँगा. फिर मैंने बाइक निकाली और सीधा उसके घर चला गया, अब वो एक ब्लेक शॉर्ट्स और टाईट टॉप पहने थी और उसकी हाईट 5 फुट 10 इंच थी. वो बहुत गोरी और उसका फिगर 34-30-36 था. फिर दरवाजा बंद करते ही मैंने उसको टाईट हग दिया और अब उसके टाईट निप्पल उसके पतले टॉप में से साफ दिख रहे थे.

अब मेरा खड़ा लंड मेरे शॉर्ट्स में एक टेंट बना रहा था और फिर उसने मेरे शॉर्ट्स में हाथ डाला और मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर कहा कि तुम्हारा बहुत अच्छा है. फिर मैंने उसके निप्पल को पिंच किया और कहा कि ये भी बहुत अच्छे है तो वो हंसने लगी और मुझे अपने कमरे में ले गयी. अब हम दोनों उसके बेड पर बैठे थे और उसका ऊपर का होंठ थोड़ा मोटा था और बिल्कुल पिंक था. फिर मैंने उसकी गर्दन को पकड़कर अपनी तरफ खींचा और उसको किस करने लगा.

अब उसका हाथ मेरे लंड को सहला रहा था और में उसके चेहरे को दोनों हाथ से पकड़कर उसके होंठो को चूसे जा रहा था. अब उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में घुसा दी और अब में उसको पागलों जैसे चूसने लगा, फिर मैंने उसको बेड पर लेटने को कहा और उसके ऊपर चढ़ गया. अब में मेरा खड़ा लंड उसके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसकी चूत पर रगड़ने लगा और उसके बूब्स को उसके टॉप के ऊपर से ही चूस रहा था. अब वो मेरा सिर अपने बूब्स पर दबा रही थी और साथ ही साथ धीरे-धीरे मौन कर रही थी.

अब मैंने उसका टॉप उतार दिया और अब में उसके बूब्स को थोड़ी देर तक देखता रहा और धीरे-धीरे उसके बूब्स पर हर जगह किस किया और अपनी जीभ लगा कर गीला कर दिया. फिर उसने मेरा सिर ऊपर लेकर मुझे फिर से एक भूखी शेरनी की तरह किस करना चालू किया. फिर उसने मेरे दोनों होंठ अपने होंठो के अंदर ले लिए और चूसने लगी. अब में उसके निप्पल से खेल रहा था और उन्हें बार-बार पिंच कर रहा था, उस चिकनी के शरीर पर बिल्कुल बाल नहीं थे.

फिर मैंने अपनी टी-शर्ट और शॉर्ट निकाल दिया और उसका शॉर्ट भी निकाल दिया. अब वो बिल्कुल नंगी मेरे सामने थी. फिर मैंने उसकी चिकनी चूत पर अपना हाथ घुमाया तो उसके मुँह से, आह्ह्ह निकल गयी और अब उसकी गीली चूत बिल्कुल पिंक थी. फिर मैंने उसकी जांघ पर किस किया और जीभ फैरते हुए आगे बढ़ा और मैंने अपनी जुबान उसकी गीली चूत पर लगा दी. उसने तेज आहें भरी और फिर मैंने उसकी चूत में उंगली डालने की सोची, लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी.

फिर मैंने उससे कहा कि क्या तुम वर्जिन हो? तो उसने बोला कि वहाँ उंगली मत डाल बस जीभ लगा ले. फिर मैंने उसे चाटना स्टार्ट किया, अब वो और तेज हम्म्म्म आहह्ह्ह्ह की आवाज़े निकालती रही. फिर अचानक से उसने अपनी गांड को हिलाना चालू किया और मेरा सिर अपनी चूत में दबाने लगी और थोड़ी देर में ही उसकी आवाज़े बढ़ने लगी और उसके चूत से बहुत माल भी निकला और वो झड़ गयी. फिर वो थोड़ी देर तक लेटी रही. अब में उसके बाजू में लेट गया और मेरा लंड एक केले के जैसा है और 6 इंच का होगा और काफ़ी मोटा भी है. अब वो मेरे खड़े लंड पर हाथ फेरने लगी और कहा कि अब मेरी बारी है. फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे बाहर निकालकर उस पर जीभ फेरने लगी, अब में तो सातवें आसमान पर पहुँच गया था.

फिर उसने अपने दांत धीरे से मेरे टोपे पर फैरे और फिर से मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया. अब वो एक रांड के जैसे चूस रही थी. अब में 10 मिनट में उसके मुँह में झड़ गया तो उसने मेरे लंड का पानी थोड़ा सा अंदर लिया और बाकी थूक दिया. अब हम दोनों थक कर लेटे हुए थे. फिर उसने बताया कि वो वर्जिन है, लेकिन बस आगे से और वो अपने भविष्य में कोई शिकायत नहीं चाहती है.

मैंने उसको बताया कि मेरी भी यही इच्छा है. फिर वो हवा में अपनी गांड लेकर उल्टी लेट गयी और अब में एक कुत्ते की तरह उसकी गांड पर टूट पड़ा. फिर मैंने उसके दोनों कूल्हों पर किस किया और उन्हें काटा भी, फिर मैंने उसकी गांड को फैलाकर देखा तो उसकी गांड का छेद भी पूरा गुलाबी था. फिर मैंने उस पर जीभ फैरना चालू किया तो वो मौन करने लगी थी.

फिर मैंने अपनी जीभ अंदर तक डाली और उसकी गांड को अपनी जीभ से चोदने लगा. फिर में अपनी एक उंगली अंदर डालने लगा और उसकी गांड थोड़ी टाईट थी, लेकिन मेरी उंगली उसकी गांड में अंदर चली गयी. फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर उसका पानी लगाया और अपना लंड उसकी गांड में घुसाया. अब वो थोड़ा चीखी, लेकिन फिर शांत हो गयी. अब वो अपनी गोल और चिकनी गांड गोल-गोल घुमाने लगी. फिर मैंने उसकी गांड को पकड़ा और जितना तेज हो सकता था उतनी तेज उसे चोदने लगा.

अब वो चिल्लाती रही और तेज अहह ह्म्‍म्म्ममम और साथ ही साथ अपनी चूत मसलती रही. फिर मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा और फिर में उसकी गांड में ही झड़ गया और वो भी 2 मिनट के बाद झड़ गयी. फिर मैंने उसके ऊपर आकर किस लिया और लेट गया. मैंने उस दिन 2 बार और उसकी गांड मारी.

Updated: February 25, 2016 — 8:55 am
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme

Fatal error: Uncaught exception 'Exception' with message 'Cache directory not writable. Comet Cache needs this directory please: `/home/mgk/public_html/wp-content/cache/comet-cache/cache/http/merigandikahani-com`. Set permissions to `755` or higher; `777` might be needed in some cases.' in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php:367 Stack trace: #0 [internal function]: WebSharks\CometCache\Classes\AdvancedCache->outputBufferCallbackHandler('<!DOCTYPE html>...', 9) #1 /home/mgk/public_html/wp-includes/functions.php(3721): ob_end_flush() #2 [internal function]: wp_ob_end_flush_all('') #3 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(298): call_user_func_array('wp_ob_end_flush...', Array) #4 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(323): WP_Hook->apply_filters('', Array) #5 /home/mgk/public_html/wp-includes/plugin.php(453): WP_Hook->do_action(Array) #6 /home/mgk/public_html/wp-includes/load.php(677): do_action('shutdown') #7 [internal function]: shutdown_action in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php on line 367