जब छोटा लंड बड़ा हो गया -1

hindi sex stories हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम गुड्डू है। मेरी उम्र 28 साल है, में दिल्ली का रहने वाला हूँ, में नियमित पाठक हूँ। मेरी फेमिली में मेरे पेरेंट्स के अलावा मेरा एक भाई है, जो मुझसे 3 साल छोटा है। हम लोग जहाँ रहते थे, वो जगह आधी शहर और आधी गाँव जैसी थी। हमारे एक चाचा थे, जो कि शहर में रहते थे, वो कभी-कभी हमारे घर आया-जाया करते थे, उनके एक ही बेटी है जिसका नाम रिंकी है और वो मुझसे 5 साल बड़ी है, वो बहुत ही स्मार्ट और सुंदर लड़की है। ये तब की घटना है जब मेरी उम्र 17-18 साल होगी। एक बार चाचा जी हमारे घर आए, तो उन्होंने मेरे पेरेंट्स से कहा कि गुड्डू के स्कूल की छुट्टियाँ है तो क्यों ना इस बार वो मेरे साथ चलकर शहर घूम आए? अब चाचा जी की इस सिफारिश के पीछे में ही था, मैंने ही उनसे बहुत बार कहा था कि मुझे शहर देखना है, लेकिन मेरे पेरेंट्स राज़ी नहीं हो रहे थे, लेकिन इस बार ज्यादा ज़ोर ज़बरदस्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी और वो लोग मान गये।

फिर 2 दिन के बाद में चाचा जी के साथ उनके घर शहर आ गया। में पहली बार यहाँ आया था तो इसलिए मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। चाचा जी का मकान एक बहुत बड़े कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर था, तो मैंने उस कॉम्प्लेक्स के अंदर देखा कि स्विमिंग पूल, बाज़ार सब है। चाचा जी के मकान में दो बेडरूम, एक किचन, एक ड्रॉईग रूम और दो बाथरूम थे। फिर जब में वहाँ पहुँचा तो तब रिंकी दीदी घर में मौजूद थी तो उन्होंने मुझे देखते ही ख़ुशी में दौड़कर गले लगा लिया, अब चाची जी भी बहुत खुश थी। फिर चाचा जी ने मेरा सामान रिंकी दीदी के कमरे में रखवा दिए। अब शाम भी हो गयी थी और सफ़र की वजह से मुझे नींद भी आ रही थी इसलिए थोड़ी देर बातचीत करने के बाद में खाना ख़ाकर सो गया।

फिर अगले दिन सुबह उठकर फ्रेश होकर मैंने और रिंकी दीदी ने फिर से गपशप करना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर के बाद रिंकी दीदी उठ गयी तो मैंने पूछा कि तुम कहाँ जा रही हो? तो उन्होंने कहा कि स्विमिंग के लिए जा रही हूँ। में हर बार छुट्टी होने पर स्विमिंग के लिए जाती हूँ, तू भी मेरे साथ चलना, तो में भी तुरंत राज़ी हो गया। फिर रिंकू दीदी ने ड्रेस चेंज करके अपनी स्कूटी निकाली और मुझे पीछे बैठाकर एक स्विमिंग क्लब आ गयी और अंदर जाकर उन्होंने मुझे एक जगह बैठने के लिए कहा और खुद अपनी बैग लेकर एक रूम के अंदर चली गयी। अब बाहर 7-8 लड़के लडकियाँ घूम रहे थे, उन लड़कियों ने सिर्फ़ ब्रा-पेंटी जैसी छोटी ड्रेस पहनी हुई थी और वो लड़के सिर्फ़ छोटी चड्डी पहने थे।

फिर थोड़ी देर में रिंकी दीदी भी बाहर निकल आई, उन्होंने भी नीले कलर की एक छोटी सी ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, उनके सफेद बूब्स उनकी छोटी सी ब्रा से बाहर आ रहे थे और उनकी छोटी सी पेंटी ने उनकी चूत को ही किसी तरह से ढक रखी थी, में पहली बार उनको इस तरह देख रहा था। फिर वो मेरे पास आई और कहा कि चलो स्विमिंग देखने, उन्होंने अपने बदन पर तेल जैसा कुछ लगाया हुआ था, उनका बदन कुछ चिकना सा लग रहा था और उनकी नाभि से तेल जैसा कुछ बाहर आ रहा था। फिर में उनके पीछे-पीछे चला और पूल के पास एक जगह पर जाकर बैठ गया और वो स्विमिंग करने चली गयी। अब वहाँ कई लड़के, लडकियाँ स्विमिंग कर रहे थे और कोई-कोई मेरी तरह पूल के पास बैठा था। फिर करीब आधे घंटे के बाद वो स्विमिंग कंप्लीट करके आई और कुछ लड़कियों के साथ एक बाथरूम में घुस गयी। फिर कुछ देर के बाद वो एक टावल लेकर मेरे पास आकर बैठ गयी और फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि कैसी लगी मेरी स्विमिंग? तो मैंने हंसकर कहा कि एकदम बढ़िया।

फिर कुछ देर तक बैठने के बाद हम दोनों घर जाने लिए निकले। फिर वो पहले वाले रूम में आई और उन्होंने रूम में जाकर अपनी ड्रेस चेंज करके अपनी जीन्स और शर्ट पहनकर आ गयी और में नहाने चला गया और नाहकर एक आधी पेंट पहनकर बाहर आकर जब मेरे यानि की रिंकी दीदी के कमरे में गया तो मैंने देखा कि वो दरवाज़े की तरफ अपनी पीठ करके अपना पजामा पहन रही थी और उन्होंने अंदर कोई पेंटी भी नहीं पहनी थी और अपने बदन के ऊपर के हिस्से पर उन्होंने अपनी टॉप पहले ही पहन ली थी, तो में थोड़ी देर तक चुपचाप वहाँ दरवाज़े के पास खड़ा रहा। फिर जब वो अपने पजामा का नाड़ा बाँधने लगी, तो तब मैंने एक हल्की सी आवाज़ दी, तो वो अपना नाड़ा बाँधते-बाँधते ही मेरी तरफ घूमी और मुझे देखकर बोली कि अरे तू खड़ा क्यों है? अंदर आजा। तो में बिस्तर पर जाकर बैठ गया और वो भी मेरे पास आकर बैठ गयी और मुझे हंसकर बोली कि ये पाजामा का नाड़ा बाँधना भी बहुत झंझट का काम है। में ज्यादातर ऐसा पजामा नहीं पहनती, लेकिन मेरी दोनों इलास्टिक वाली पेंट की इलास्टिक एकदम खराब हो गयी है।

फिर थोड़ी देर के बाद हम लोगों ने एक साथ लंच किया और फिर में और रिंकी दीदी हमारे रूम के बिस्तर पर लेटकर बातें करने लगे। पहले कुछ इधर उधर की बातें होने के बाद अचानक से रिंकू दीदी ने मुझसे पूछा कि तेरा तीसरा पैर कितना बड़ा हुआ रे? तो में कुछ समझ नहीं पाया और पूछा कि मतलब। तो उन्होंने हंसकर मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड के ऊपर अपना एक हाथ रखकर बोली कि में इसके बारे में बोल रही हूँ। तो में शर्मा गया और कहा कि पता नहीं तो उन्होंने कहा कि क्या बात है तुझे तेरे अपने अंग के बारे में पता नहीं है? चल मुझे दिखने दे और उन्होंने खुद उठकर मेरे कुछ बोलने से पहले ही मेरी पेंट का बटन खोल दिया। में अंदर अंडरवेयर नहीं पहनता हूँ, तो उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया।

फिर उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हँसते हुए कहा कि हाए रे ये तो कितना छोटा है? और फिर कहा कि ठीक है में तेरे लंड को एकदम फिट बना दूँगी और फिर उन्होंने खुद ही उसे मेरी पेंट के अंदर घुसाकर मेरी पेंट का बटन लगा दिया। फिर उसके बाद उन्होंने अपने हॉस्टल की पिकनिक की एल्बम निकाली और उसमे से एक-एक करके तस्वीर दिखाने लगी, वो हॉस्टल की कुछ लड़कियों के साथ कही पिकनिक करने गयी थी, उसमें उसकी भी तस्वीरें थी। उसमें पिकनिक की जगह के पास ही जंगल और झरने की रिंकी दीदी और उनकी सहेलियों की नहाने की तस्वीर भी थी। तो मैंने तस्वीर में देखा कि सभी लडकियाँ बिल्कुल नंगी होकर नहा रही थी।

फिर मैंने रिंकू दीदी से कहा कि तुम्हारी सहेलियों को शर्म नहीं आती है क्या? इस तरह खुले में नंगी होकर नहा रही है। तो मेरी बात सुनकर रिंकू दीदी हंस पड़ी और उन्होंने कहा कि वहाँ तो हम सब लडकियाँ ही थी, तो इसमें शरमाना क्या? तो मैंने पूछा कि क्या तुम भी वहाँ नंगी नहा रही थी? लेकिन तुम्हारी तस्वीर तो नहीं है। तो तब उन्होंने कहा कि मैंने ही तो ये तस्वीर खीची है, तो में कैसे तस्वीर में आती? और मेरी तस्वीर मेरी दूसरी सहेलियों के पास है। तो मैंने कहा कि फिर भी अगर कोई तुम लोगों को उस तरह देख लेता तो। तो रिंकू दीदी ने कहा कि देख लेता तो क्या होता? तुझे पता नहीं जब हम उस दिन नंगी होकर जंगल में घूम रहे थे तो एक ठंडी सी हवा पूरी सिर से लेकर पैर तक बदन के हर हिस्से को छू रही थी तो तब एक अजीब सी सनसनी महसूस हो रही थी। तो में बाकी की तस्वीर देखने लगा और फिर एल्बम देखने के बाद हम दोनों सो गये और फिर शाम को हम लोग थोड़ी देर तक नज़दीक के पार्क में घूमे और फिर वापस आकर चाचा जी के साथ बैठकर टी.वी देखने लगा।

Updated: January 12, 2019 — 12:31 am
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