कच्ची कली की जबरदस्त चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राकेश है और मेरी उम्र 29 साल है. में लुधियाना पंजाब से हूँ और एक प्राईवेट कम्पनी में नौकरी करता हूँ. दोस्तों आज में भी आप सभी लोगो के सामने अपनी लाईफ की एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ जिसमें मैंने एक कच्ची कली को चोदा, वैसे इसे हम घटना तो नहीं कह सकते, लेकिन इसे एक अनोखा सेक्स अनुभव जरुर कह सकते है तो में इस प्यारे से अनुभव को आपके साथ शेयर कर रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि आप इसको ज़रूर पसंद करोगे.

दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब में एक प्राइवेट कंप्यूटर टीचर था और में उस समय लड़को और लड़कियों की कंप्यूटर क्लास सुबह और शाम को लेता था. दोस्तों लड़कियों में तो सब लड़कियाँ एक से बढ़कर सुंदर थी, लेकिन मुझे उनमे से एक लड़की बहुत ही अच्छी लगी थी. उसकी उम्र 22 साल के आसपास थी और दोस्तों में आपको उसके जिस्म के बारे में क्या बताऊँ, जैसे वो कोई कच्ची कली की तरह थी और उसका चेहरा एकदम गोरा था, पतली सी कमर, हिरनी जैसी आखें, बहुत सेक्सी गांड और बूब्स जिनको देखकर क्लास का हर एक लड़का सिर्फ उसी पर नजर रखता था.

मेरी पढ़ाई में उन्हें कोई रूचि नहीं थी, लेकिन दोस्तों मैंने कभी भी उसे सेक्स की नज़र से नहीं देखा था और वो भी मुझे पसंद करती थी, वो हर एक सवाल को मुझसे ही पूछती थी और हर पल मेरी तरह देखकर मुस्कुराती रहती थी. एक दिन में कंप्यूटर नोट बुक चेक कर रहा था तो तभी मैंने उसकी नोटबुक में उसके घर का फोन नंबर देखा और मैंने उससे पूछा कि यह क्या है? तो उसने मुझसे बहुत धीमी आवाज़ में कहा कि सर यह आपके लिए है आप जल्दी से इसे अपने पास लिखकर रख लो, लेकिन मैंने जल्दबाज़ी में ठीक से वो नंबर देखा नहीं था और ना ही उसकी उस बात का इतना कोई गलत मतलब निकाला था और फिर चार दिन बाद उस लड़की की कंप्यूटर क्लास थी और वो दो घंटे पहले ही आ गई.

फिर मैंने उससे कहा कि आप इतनी जल्दी क्यों आई हो? तो उसने मुस्कुराकर कहा कि बस में आपके लिए आ गई. फिर मैंने उसे बैठने के लिए कहा और दस मिनट के बाद वो कहने लगी कि आप भी मेरे साथ बैठ जाइए तो में समझ गया कि इसके मन में कुछ बात ज़रूर है. अब में उससे थोड़ा दूर होकर बैठ गया, लेकिन तभी उसने एक बार फिर से कहा कि सर आप मुझसे इस तरह डर क्यों रहे हो? आप थोड़ा मेरे पास आकर बैठो ना, तो में कुछ सोचने लगा, लेकिन कुछ ही मिनट के बाद उसके पास जाकर बैठ गया और अब उसने मुझसे कुछ नहीं बोला बस वो मेरी तरफ देखकर अब भी मुस्कुरा रही रही. में भी अब बिल्कुल चुपचाप बैठा हुआ था.

तभी मैंने सही मौका देखकर एकदम से उसके हाथ को पकड़ कर चूम लिया तो उसने अपनी दोनों आखें बंद कर ली और में अब अपने हाथ से इतना अच्छा मौका ना गंवाते हुए मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और वो तो मधहोश होकर मेरी बाहों में झूलने लगी और मैंने अपने होंठ उसके होंठो से मिला दिए और लिप किस कर लिया और फिर मैंने एक हाथ उसकी ब्रा में डालकर उसके निप्पल को बाहर निकाला दोस्तों में क्या बताऊँ? उसके वो गुलाबी रंग के छोटे छोटे बहुत सुंदर निप्पल, वाह दोस्तों मैंने हाथ लगाकर धीरे से दबाकर देखा, उसके क्या टाईट बूब्स थे? अब जैसे ही मैंने कुछ देर दबाने, मसलने के बाद उसके बूब्स के मुलायम निप्पल को अपने मुहं में डाला तो उसके मुहं से अचानक आहहह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह आईईईईइ की आवाज निकलने लगी और में ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को चूस रहा था और मसल रहा था और वो ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्हह आईईईई कर रही थी, लेकिन अब मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं कोई स्टूडेंट ना आ जाए, लेकिन फिर भी मेरा दिल नहीं मान रहा था उसे छोड़ने को और में लगातार अपने काम में लगा रहा.

अब मैंने सही मौका देखकर एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और मेरा हाथ उसकी गरम चूत पर लगते ही उसके मुहं से तो एक चीख सी निकल गई वो आईईईईइ माँ उह्ह्ह्हह्ह्ह अब वो और भी गरम, मदहोश होकर मेरे लंड को हाथ लगाने लगी, वो अब मेरे लंड को धीरे धीरे सहलाने लगी थी और उसके स्पर्श से मेरे लंड ने अपना आकार बदल लिया और अब वो तनकर खड़ा हो गया. फिर इतने में मैंने घड़ी में टाईम तो हमारे पास अब सिर्फ़ आधा घंटा बचा हुआ था जिसमे हमे सब कुछ करना था.

फिर मैंने उसे अपने से अलग करके ठीक किया और हम दोनों ने कपड़ो को ठीक किया और फिर मैंने कंप्यूटर को चालू करके उसे बैठा दिया और फिर कुछ देर में दूसरे बच्चे भी आ गए और अपनी क्लास खत्म करके उसने मुझे अपने घर पर जाकर फोन किया. फिर उसने मुझसे कहा कि मुझे ऐसा लगता है सर आप तो सिक्सर मारने के चक्कर में बहुत जल्दी में हो? अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर एकदम बहुत चकित रह गया और मैंने ना जाने क्यों उसकी इस बात को टाल दिया? और कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा. एक दिन सुबह ही उसका फोन आया और उसने कहा कि राकेश सर मेरे कंप्यूटर में वाईरस आ गया है और मुझे उसको चलाने में बहुत दिक्कत हो रही है, प्लीज़ सर आप एक बार अभी इसी समय मेरे घर पर आकर उसे ठीक कर दो ना.

में उसकी पूरी बात सुनकर अपना एक सीडी का बेग साथ में लेकर उसके घर पर उसी वक्त चला गया और मैंने वहां पर पहुंचकर देखा कि वो नहाकर तैयार हो रही थी, मैंने उससे पूछा कि कंप्यूटर कहाँ पर रखा हुआ है? तो वो मुझे बेडरूम में ले गई और उसने मुझे कंप्यूटर दिखाकर कहा कि सर यह रहा कंप्यूटर और साथ ही वो मुझसे कहने लगी कि सर मेरे सॉफ्टवेर में भी बहुत सारे वाईरस है प्लीज आप इसे भी एक बार जरुर ठीक कर दो. अब मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे घर के बाकी लोग कहाँ है? तो उसने तुरंत कहा कि आपको उनसे क्या काम है? दोस्तों अब में वो पूरा माजरा समझ गया और मैंने भी सही मौका देखकर उसे पकड़कर अपनी बाहों में जकड़ लिया और में उसे अब फ्रेंच किस करने लगा था और उसके मुहं में अपनी जीभ को डालकर इधर उधर घुमा रहा था और अब में अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था और वो ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्हह्ह आईईईईईईइ सिसकियाँ ले रही थी.

मैंने धीरे धीरे अब उसके सारे कपड़े उतार दिए और वो मेरे सामने एकदम नंगी पड़ी हुई थी, वाह दोस्तों क्या मस्त, हॉट, सेक्सी जिस्म था उसका और उसके वो हल्के गुलाबी रंग के बूब्स जिनके बारे में सोचते ही मेरा लंड अभी भी तन जाता है. फिर में जैसे ही बूब्स चूसने, दबाने को लगा तो वो एकदम से जोश में आकर गरम हो गई और अब वो मेरे सर को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से अपने बूब्स पर अपना पूरा ज़ोर लगाकर दबा रही थी. अब में धीरे धीरे उसके जिस्म को चूमता चाटता हुआ नीचे की तरफ चला गया और मैंने उसकी चूत को जैसे ही हाथ लगाया वो एकदम मचल सी गई. फिर मैंने कुछ देर बाद मौका देखकर अपनी जीभ को चूत पर छू दिया और जिसके स्पर्श से वो अब बिल्कुल पागल सी ही गई और ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी. फिर मैंने सही मौका देखकर अपनी जीभ को पूरा उसकी चूत में डाल दिया वाह क्या स्वाद था बिल्कुल नमकीन में तो उसे चखकर सातवें आसमान पर था और अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर तक धकेल रहा था और वो मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर दबा कर रही थी.

अब मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और चूत का छेद बहुत छोटा होने के कारण उसे ऊँगली के अंदर जाने की वजह से बहुत दर्द हो रहा था वो आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह माँ मर गई सर आप यह क्या कर रहे हो कहने लगी? तो मैंने कहा कि तुम्हारे अंदर तो बहुत सारे वाईरस है और में उन्हें बाहर निकाल रहा हूँ, वो अब बिल्कुल चुप थी और मैंने थोड़ा सा तेल लगाकर अपनी एक उंगली को चूत के अंदर डालकर अपनी उंगली को अंदर बाहर करने लगा. पहले उसे थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन कुछ देर के बाद में उसे भी मज़ा आने लगा था और उसका दर्द अब मज़े में बदल गया था और अब मैंने वो तेल की बॉटल ही उसके जिस्म पर डाल दी. अब में उसके पूरे जिस्म को सेक्सी मसाज करने लगा और उसे बहुत ही मज़ा आ रहा था और कुछ देर के बाद मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिए कहा तो उसने मुझे साफ मना कर दिया और मैंने देर ना करते हुए अपनी पोज़िशन सेट की और मैंने उसके दोनों पैरों को फैलाया. फिर अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और एक हल्का सा धक्का मारा तो मेरा लंड फिसल गया.

अब वो हंसने लगी और मुझसे कहने लगी कि सर अब आप रहने दो, यह आज नहीं होगा, आप बाकी काम कल कर लेना तो में उसके मुहं से यह बात सुनकर अब और भी जोश में आ गया और मैंने उससे कहा कि नहीं आज ही करना है. मैंने एक बार फिर से कोशिश की और मैंने उसकी दोनों टांगो को फैलाया और लंड पर तेल लगाकर चूत में भी थोड़ा तेल लगाया. अब फिर से एक और ज़ोर का धक्का मारा तो लंड आधा चूत के अंदर चला गया और वो ज़ोर से चीख पड़ी और अब वो रोने लगी, वो मुझे पीछे धकेल रही थी और दर्द से छटपटा रही थी.

दोस्तों मैंने करीब 30 सेकण्ड तक उसके पूरी तरह शांत होने का इंतजार करने के बाद धीरे धीरे लंड को अंदर करने लगा और अब आगे, पीछे करने लगा. अब वो भी कुछ देर बाद मेरे साथ सेक्स का आनंद लेने लगी थी और अब उसे भी अपनी चुदाई का मज़ा आने लगा था अब उसने अपनी आखे बंद कर ली थी और मैंने अपनी चोदने की स्पीड को और भी तेज़ कर लिया और लंड को तेज़ी से आगे पीछे करने लगा. फिर वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी कि और ज़ोर से राकेश और तेज़ उह्ह्ह्ह हाँ आईईईइ थोड़ा और अंदर जाने दो उईईईईईई माँ मर गई, लेकिन इतने में उसने मुझे अचानक से बहुत ज़ोर से पकड़ लिया और वो चीखती चिल्लाती हुई झड़ गई, लेकिन में अभी भी तेज़ तेज़ धक्को के साथ उसकी चुदाई कर रहा था और कुछ देर ताबड़तोड़ चुदाई करने के बाद मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दिया और अब में उसके ऊपर लेटकर बूब्स को धीरे धीरे सहलाता रहा.

फिर कुछ देर बाद हम एक दूसरे से अलग हुए तो उसने देखा कि बेड शीट पूरी तरह खून, वीर्य से गंदी हो गई थी जिसको देखकर वो अचानक से डर गई. फिर मैंने उसे समझाया और उससे कहा कि यह सब पहली बार चुदाई करते समय जरुर होता है और ऐसा हर एक लड़की के साथ होता है. फिर उसने मेरी बात को सुनकर उस बेड शीट को बदल दिया और में भी अपने कपड़े ठीक करके उसके घर से निकल पड़ा और कुछ देर बाद में अपने घर पर पहुंच गया था. तभी उसका फोन आया और उसने मुझसे कहा कि मेरे जाने के तुरंत बाद ही उसकी मम्मी आ गई थी. मैंने उससे पूछा कि क्यों कोई बात तो नहीं हुई? तो उसने कहा कि नहीं, ऐसी कोई डरने की बात नहीं है में सब कुछ सम्भाल लूंगी और अब में भी उसकी यह बात सुनकर बिल्कुल बेफिक्र हो गया और दोस्तों इस तरह में उसको चोदने लगा, कभी कंप्यूटर सेंटर में तो कभी उसके घर पर.

Updated: March 26, 2016 — 8:58 am
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme

Fatal error: Uncaught exception 'Exception' with message 'Cache directory not writable. Comet Cache needs this directory please: `/home/mgk/public_html/wp-content/cache/comet-cache/cache/http/merigandikahani-com`. Set permissions to `755` or higher; `777` might be needed in some cases.' in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php:367 Stack trace: #0 [internal function]: WebSharks\CometCache\Classes\AdvancedCache->outputBufferCallbackHandler('<!DOCTYPE html>...', 9) #1 /home/mgk/public_html/wp-includes/functions.php(3721): ob_end_flush() #2 [internal function]: wp_ob_end_flush_all('') #3 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(298): call_user_func_array('wp_ob_end_flush...', Array) #4 /home/mgk/public_html/wp-includes/class-wp-hook.php(323): WP_Hook->apply_filters('', Array) #5 /home/mgk/public_html/wp-includes/plugin.php(453): WP_Hook->do_action(Array) #6 /home/mgk/public_html/wp-includes/load.php(677): do_action('shutdown') #7 [internal function]: shutdown_action in /home/mgk/public_html/wp-content/plugins/comet-cache/src/includes/traits/Ac/ObUtils.php on line 367