लंड खड़ा हो गया-2

hindi sex story फिर धीरे धीरे सब सोने लगे हम कुछ लोग थे पीछे वो जाग रहे थे मैने भाभी को पीछे बुला लिया और पास में बिठा करके अंतराक्षरी खेलने लगे अब मैने शुरू किया उसको दबाना मेरे पास ये अच्छा चान्स था तो में अपनी कोहनी से उसके बोबे को दबा रहा था और में उसके पूरे शरीर पर हाथ फेर रहा था दो तीन घंटे ऐसा ही चला पर मज़ा आ रहा था बाद मे भाभी भैया के पास चली गयी सुबह सुबह हम बिच पर पहुचे मैने सोचा असली मजा तो अब शुरू होगा वो नाइटी पहन कर आई नहाने जाना था इसलिये तो मे बोला उसके कान मे बहनचोद ये क्या पहना है. कुछ चड्डी जैसा तो पहना था. तो वो चल हट करके वो तो नहाने चली गई में भी गया.
अब मेने प्लान बदला मे अपने भैया के पास चला गया उसको तो आना ही था फिर क्या था हम भी उसको भिगोने लगे किसी को शक भी नही होना था क्योकी भैया साथ मे थे मैने कई बार अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ा कई बार उसके बूब्स टच किये एक बार तो पानी मे अंदर जा कर उसकी चूत को भी मसल दी अब वो भी मस्त हो रही थी जब जब बड़ी ल़हर आती वो मुझे भी पकड़ती भैया के साथ साथ दो बार तो मेरे लंड को भी मसल दिया पर कुछ आगे नही हो पा रहा था 5-6 बजे (शाम को) तक तो यही हो रहा था अब रात होने को थी हम सब होटल मे थे मे जानबुझ कर दारू ले आया. भैया को खूब पिलाई पर वो भी साला होश मे ही रहता था भाभी मस्त सी लेंग्थ शॉर्ट नाइटी मे थी धीरे धीरे मैने भाभी को टच करना शुरू किया एक दो बार उसकी जांघ को भी सहलाया फिर भाई बोले चलो अब सो जाते है मुझे अपने रूम मे जाना पड़ा.
रात के 3 बजे थे मुझे तो नींद नही आ रही थी अब मुझसे नही रहा जा रहा था तो मैने भाभी के फोन पर रिंग की उसने फोन नही उठाया दूसरी बार की इस बार भैया ने उठाया मेने सोचा अब मर गया मैने तुरन्त कहा की भैया मुझे बुखार है और ठण्ड लग रही है. तो क्या में आप के रूम में चादर लेकर आ जाऊ क्या. भैया ने कहा आ जाओ तो तब जाकर शान्ति आई में रूम में गया तो भाभी ने मुझको चेक किया और कुछ दवाई दी और भैया भाभी बेड पर सो रहे थे और में भाभी के पास नीचे सो गया भाभी ने मुझसे कहा तुम्हे बहुत बुखार है तो में दवाई खा कर सो गया और करीब 20 मिनिट के बाद मैने भाभी के पैर को टच किया और धीरे धीरे उपर चलता गया और में उनके पेट पर हाथ फेरने लगा वो तो मज़ा ले रही थी.
फिर बूब्स दबाना शुरू किया मस्त थे निपल गुलाबी थे में चूसने लगा वो भी मस्त होने लगी थी पर वो बेड के उपर थी और मे नीचे में उसकी चूत को दबा रहा था और वो भी मेरे लंड को मसल रही थी पर नीचे नही आ रही थी अब क्या करे भैया को कैसे साइड मे करे. फिर मैने हिम्मत की और खड़े हो कर भाभी को टायलेट मे ले गया वही पर पूरी नंगी की और जल्दी से लंड उसे हाथ मे दिया उसने तुरंत लंड को चूत के पास रखा मैने धीरे धीरे लंड को चूत में डालने लगा थोड़ी देर मे लंड पूरा घुस गया और मैने भाभी को धीरे धीरे चोदना शुरू किया क्या मज़ा था विदेशी टायलेट पर बैठ कर चोदने का मज़ा आ रहा था.
में भाभी को जोर से झटके मार रहा था और भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी मैने भाभी की चूत में अपना लंड 10 मिनिट तक अन्दर बाहर करता रहा भाभी एक बार झड़ चुकी थी और में भी झड़ने वाला था तो मैने भाभी की चूत में ही झटके मार कर लंड का पानी निकाल दिया और लंड को चूत मे से निकाल कर अपनी दो उंगलियों को मैने उसकी चूत मे डाली और एकदम स्पीड मे अन्दर बाहर करने लगा थोड़ी देर बाद वो फिर झड़ गई और मुझ से लिपट गई और हम वापस जाकर अपनी जगह पर सो गये .

Updated: September 3, 2019 — 11:40 pm
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme
error: