मामी की चुदाई की इच्छा-2

hindi sex stories फिर मामी जी बोली कि मैंने आज तक इतने मोटे लंड से कभी नहीं चुदवाया था, मेरे पति का और मेरे पड़ोसी का लंड 5 इंच ही लंबा था। फिर राकेश ने अपना लंड खड़ा हो जाने के बाद मामी जी की चूत को चाटना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने मामी जी को डॉगी स्टाइल में हो जाने को कहा, तो मामी जी कालीन पर ही डॉगी स्टाइल में हो गयी और में मामी जी के पीछे आ गया और उनकी चूत के लिप्स को फैलाकर अपना लंड का सूपड़ा बीच में रख दिया। फिर राकेश मामी जी के मुँह के पास आ गया और उसने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया और चूसने को कहा। तो मामी जी राकेश का लंड चूसने लगी, तो तभी मैंने मामी जी की कमर को पकड़कर थोड़ा ज़ोर लगाया तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया। अब मामी जी को बहुत तेज़ दर्द होने लगा था और उनके मुँह से चीख निकल गयी और बोली कि दीनू अपना लंड बाहर निकालो, मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई गर्म-गर्म लोहा मेरी चूत में घुसेड रहा हो।

अब मामी जी के मुँह से चीख निकलते ही राकेश ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया, तो मामी जी की चीख दबकर रह गयी। तो तभी मैंने उनकी कमर को ज़ोर से पकड़कर एक जोरदार धक्का मारा, तो इस बार मामी जी को बहुत तेज़ दर्द हुआ। लेकिन राकेश ने उनके मुँह में अपना लंड डाल रखा था इसलिए उनके मुँह से कोई आवाज़ नहीं निकली। अब मामी जी दर्द से तड़पने लगी थी, अब मामी जी के चेहरे पर पसीना आ गया था और उनकी टागें तर-तर काँपने लगी थी। फिर में बोला कि अभी तो 2 इंच बाकी है कि अचानक से मैंने फिर से एक धक्का मारा इस बार मेरा धक्का बहुत ही ज़ोर का था, तो मामी जी अपने आपको संभाल नहीं पाई और राकेश को धकेलते हुए आगे गिर पड़ी और राकेश का लंड उनके मुँह से बाहर निकल गया और मामी जी दर्द के मारे चीखने लगी। तो तभी राकेश संभला और उसने फिर से अपना लंड मामी जी के मुँह में डाल दिया और बोला कि अब ज़्यादा चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, अब केवल 1 इंच ही बाकी है।

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया। अब थोड़ी देर में मामी जी का दर्द भी कुछ कम हो गया था। अभी 5 मिनट भी नहीं बीते थे की आज मामी जी ने झड़ना शुरू किया और जब उनकी चूत गीली हो गयी, तो मैंने फिर से एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया। अभी मेरा लंड उनकी चूत में आराम से अंदर बाहर नहीं हो रहा था, अभी 10 मिनट ही और बीते थे की मामी जी दूसरी बार झड़ गयी, अब उनका दर्द भी कुछ कम हो चुका था। अब 2 बार झाड़ जाने से उनकी चूत एकदम गीली हो गयी थी, अब मेरा लंड उनकी चूत में कुछ आराम से अंदर बाहर होने लगा था। अब मैंने अपनी स्पीड भी तेज़ कर दी थी, अब मामी जी को बहुत मज़ा आने लगा था। अब में बहुत ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाते हुए मामी जी को चोद रहा था। अब मामी जी भी अपने पूरे जोश के साथ राकेश का लंड चूस रही थी।

फिर 15 मिनट की चुदाई के बाद मामी जी तीसरी बार झड़ गयी, लेकिन मेरा लंड अभी तक थका नहीं था और उनकी कमर पकड़कर कस-कसकर चोद रहा था। अब मामी जी भी अपने चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने मामी जी से पूछा कि अब आपको कैसा लग रहा है? तो उन्होंने कहा कि अब मुझे मज़ा आने लगा है, तुम इसी तरह मुझे चोदते रहो। फिर 10 मिनट तक और चोदने के बाद जब मैंने महसूस किया कि मेरे लंड का पानी निकलने वाला है तो मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाल लिया और अपने लंड का सारा पानी उनकी गांड पर निकाल दिया और उसके बाद में हट गया और उनके सिर की तरफ आकर बैठ गया। फिर राकेश मामी जी के पीछे आ गया और वो अपना लंड उनकी चूत में डालकर चोदने लगा, राकेश का लंड मेरे लंड से छोटा था और चूत भी 3 बार झड़कर गीली और चौड़ी हो गयी थी, तो राकेश का लंड आसानी से अंदर घुसता चला गया। अब राकेश ने भी बहुत तेज़ धक्के लगाते हुए मामी जी को चोदना शुरू कर दिया था।

फिर में उनके सिर के पास 10 मिनट तक बैठा रहा और फिर मैंने अपना लंड मामी जी के मुँह में डाल दिया। अब मामी जी मेरा लंड चूसने लगी थी और उधर राकेश बहुत तेज़ी के साथ मामी जी को चोद रहा था। अब मामी जी भी खूब मज़े से चुदवा रही थी, अब राकेश को मामी जी को चोदते हुए 15-20 मिनट हो चुके थे। फिर मामी जी ने भी जोश में आकर मेरा लंड तेज़ी के साथ चूसना शुरू कर दिया, अब मेरा लंड भी फिर से खड़ा होकर एकदम टाईट हो चुका था। अब राकेश मामी जी को आँधी की तरह चोद रहा था, अब लगभग 10 मिनट और चोदने के बाद राकेश भी झड़ने वाला था तो उसने मामी जी की कमर को पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए थे। फिर 2 मिनट में ही उसने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और सारा पानी उनकी गांड में ही निकाल दिया।

फिर में उठकर अपने कमरे में जाकर वैसलिन लाया और उनकी टागों के बीच में आकर ढेर सारी क्रीम उनकी गांड के छेद पर लगा दी। फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उनकी गांड के छेद पर रखा और अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा, मेरा लंड इतना लंबा और मोटा था की आसानी से उनकी गांड में नहीं जा रहा था। फिर 10 मिनट की कोशिश के बाद में अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल पाया और मेरा पूरा लंड उनकी गांड में घुसाने के बाद मैंने बहुत तेज़ी के साथ उनकी गांड मारनी शुरू कर दी। अब पहले तो मामी जी को काफ़ी दर्द हुआ, लेकिन फिर बाद में वो भी मज़े के साथ अपनी गांड मरवाने लगी। इस तरह हम दोनों मामी जी को शाम तक चोदते रहे और जब राकेश जाने लगा, तो मैंने पूछा कैसी लगी चुदाई? तो मामी जी बोली कि तकलीफ़ तो बहुत हुई, लेकिन मज़ा भी खूब आया, तुम दोनों ने मुझे इतनी बुरी तरह से चोदा है कि में तो अब ठीक से चल भी नहीं पा रही हूँ। फिर उस दिन से लेकर में जितने दिन भी वहाँ रहा खूब जमकर चुदाई की, अब मामी जी मेरे लंड के कारण पड़ोस वाले अंकल को भी नहीं बुलाती थी।

Updated: January 1, 2019 — 12:20 am
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