मैडम ने मुझे पहचान लिया-3

sex stories in hindi अब मेडम मेरे मुहं से वो बात सुनकर हंस पड़ी और वो बोली कि तू तो बहुत जल्दी समझदार हो गया, हाँ इसी तरह से गालियाँ दे मुझे बहुत मज़ा आता है चुदाई के समय यह सब सुनकर में मन खुश हो जाता है। अब मेरा लंड पूरी तरह से तनकर खड़ा था, यह देखकर मेडम कहने लगी कि अब चाटने का कार्य बंद करके चोदन कार्य का शुभारंभ किया जाए और वो हंस पड़ी। फिर में उनके ऊपर से हट गया, तभी मेडम मुझसे कहने लगी कि तू मेरे दोनों पैरों के बीच में आजा। अब में उनके पैरों के बीच में आकर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा, तभी मेडम बोली कि जालिम क्यों तू मुझे इस तरह से तड़पा रहा है? अब अंदर डाल भी दे। अब मेडम की इस तड़प से मुझे एक अलग तरह का विचार मिला। फिर में अंदर ना डालकर उनकी चूत पर अपने लंड को रगड़ता रहा, तब मेडम दोबारा से कहने लगी कि अंदर डाल जल्दी से में पिछले सात साल से लंड के लिए तड़प रही हूँ मादरचोद कुत्ते जल्दी से अंदर डाल दे। अब मुझे भी अंदर डालने की इच्छा हो रही थी और जैसे ही मैंने अपने लंड का टोपा मेडम की चूत के मुख्य दरवाजे पर रखकर अंदर किया, मेडम की साँसे रुक गयी। अब उनके मुँह से श्श्ससस्शह की आवाज निकल रही थी। फिर मेडम बोली कि धीरे-धीरे कर सात साल से मेरी चूत में एक उंगली के अलावा कुछ नहीं गया।

अब मैंने इतना सुनकर एक झटका और लगा दिया जिसकी वजह से मेरा तीन इंच लंड मेडम की चूत में चला गया। अब मेडम दर्द से तड़पती हुई मुझसे कह रही थी कि बस कर कुत्ते कमीने अब तू इसको बाहर निकाल दे मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने कहा कि अभी तो तुम्हे मेरा लंड खाने की बहुत जल्दी थी और अब क्या हुआ? और यह बात कहते हुए मैंने एक और ज़ोर का झटका लगा दिया जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड मेडम की चूत में समा गया और मेडम कबूतरी की तरह फड़फडाने लगी और वो कुछ देर बाद दर्द से मचलते हुए कहने लगी ऊह्ह्ह ऊईईई माँ फाड़ दिया साले कुत्ते तुने मेरी चूत को, निकाल ले अब तू जल्दी से इसको बाहर निकाल ले मुझे बहुत तेज दर्द और जलन हो रही है ऊईईईईइ माँ में मर गई अब देखता क्या है? तू जल्दी से निकाल ले, लेकिन मैंने फिर भी अपने लंड को बाहर नहीं निकाला और में मेडम की चूत की तरफ देखने लगा। अब मैंने देखा कि मेडम की चूत के होंठ मेरे लंड के साथ चूत के अंदर दबे हुए थे, उनकी चूत बहुत ही टाईट थी और गरम भी थी। फिर कुछ देर तक ऐसे ही रहने के बाद मेडम धीरे धीरे पहले की तरह शांत हो गयी और वो अपने आँसू साफ करने लगी थी, शायद उनका दर्द अब पहले से ज्यादा कम हो चुका था।

अब मैंने अपने लंड को बाहर खीचना शुरू किया और लंड का टोपा बाहर लाकर मैंने सही मौका देखकर एक ज़ोर का धक्का मारते हुए अपना पूरा लंड मेडम की चूत में जड़ तक डाल दिया। फिर मेडम मेरे उस धक्के की वजह से एक बार फिर से तड़प गयी और वो कहने लगी कि बस कर अब तू इसको निकाल ले बाहर, लेकिन में नहीं माना और में हल्के-हल्के धक्के लगाता रहा। फिर कुछ देर के बाद मेडम भी शांत हो गयी, यह सब देखकर मैंने अपने धक्के और भी तेज कर दिए। अब मेडम को मेरे साथ मज़ा आने लगा था, वो अपने मुँह से सिसकियों की आवाजे निकाल रही थी और मुझसे कह रही थी आह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ ऐसे ही चोदो मुझे मेरे राजा आज तुम फाड़ दो मेरी चूत को और तेज़ करो ऊह्ह्ह्हह हाँ मेरे राजा आह्ह्ह उमम्मम्म ऊऊईईईईईई और में उनकी वो बातें सुनकर अपनी तरफ से धक्के लगाता रहा। फिर कुछ देर बाद मेडम बोली कि अब दूसरी तरह से करते है और में यह बात सुनकर उनके ऊपर से हट गया। अब मेरे हटते ही मेडम तुरंत मेरे सामने कुतिया की तरह झुककर अपनी गांड को हिलाने लगी और कहने लगी कि अब तुम जल्दी से डालो। फिर में अपने घुटनों पर बैठकर मेडम के पीछे आ गया, मेडम ने नीचे झुककर अपने बूब्स को बिस्तर से लगा लिया और अपनी गांड को ऊपर उठा लिया, जिसकी वजह से मेडम की चूत मेरी आँखों के सामने पूरी तरह से खुल गयी।

फिर मैंने मेडम की चूत पर बहुत सारा थूक लगाया और में अपना लंड मेडम की चूत के अंदर डालने लगा, जिसकी वजह से मेडम अपने मुहं से बड़ी ही मादक आवाजे निकाल रही थी और में मेडम की चूत में अपने लंड को डालकर उनको चोदने का मधुर आनंद ले रहा था। अब इस बीच मेडम शायद दो बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद मैंने मेडम से कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ। अब मेडम कहने लगी कि मेरे मुँह में झाड़ दो और वो तुरंत अपनी चूत से मेरा लंड बाहर निकालकर कुतिया की तरह अपना पूरा मुँह खोलकर बैठ गयी और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़कर अपने मुँह में भरकर चूसने लगी। फिर उसी समय मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और मेडम उसको बड़े मज़े से पी गयी और फिर हम दोनों वहीं पर एक दूसरे को अपनी बाहों में भरकर लेट गये। फिर मेडम मुझसे बोली कि आदित्य मेरे राजा आज मज़ा आ गया है, मुझे ऐसा मज़ा कभी मेरे पति भी नहीं दे पाए तुम मुझे हमेशा ऐसे ही चोदते रहना, आज से में तुम्हारी रंडी हूँ और तुम मेरे मालिक हो। अब मैंने कहा कि मेडम आपने मुझे पहली बार चूत के दर्शन करवाए है, हाँ में आपको हमेशा ऐसे ही चुदाई के मज़े दूंगा जब भी आप मुझसे कहोगी में चला आऊंगा।

अब मेडम बोली कि मुझे तुम मेडम मत कहो मेरा नाम सरिता है, आज से तुम मुझे सिर्फ सरिता कहकर बुलाओ। फिर मैंने बोला कि हाँ मेरी जान सरिता तुम यहाँ जितने दिन रहोगी, मेरी रंडी बनकर ही रहोगी और में तुम्हें हमेशा चोदूंगा क्या तुम्हे मंजूर है? तब सरिता ने अपना सर हाँ में हिला दिया, मैंने अपनी एक उंगली को सरिता की चूत में डाल दिया जिसकी वजह से सरिता उछल पड़ी। फिर उस रात को मैंने मेडम को एक बार और चोदा, अब तक सुबह के चार बज चुके थे, इसलिए मेडम मुझसे कहने लगी कि अब हम थोड़ी देर सो लेते है और फिर हम दोनों नंगे ही सो गये और सुबह दस बजे साथ-साथ उठे। फिर हम लोगों ने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने और फिर हाथ मुँह धोकर मेडम ने हमारे लिए चाय बनाई और फिर हम दोनों ने चाय पी और उसके बाद में अपने घर चला आया। फिर तीन-चार दिन तक तो में हर रात को मेडम के घर में रुका, लेकिन फिर घरवालों को जवाब देने की वजह से हमारा वो खेल अब दिन में शुरू हो गया, लेकिन में महीने में एक या दो रात तो मेडम के साथ रुकता हूँ और हर दिन में जब सरिता स्कूल से पढ़ाकर आती है, जब उसको चोदता हूँ और बड़े मज़े लेता हूँ।

Updated: January 23, 2019 — 11:10 pm
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