मेरी वाइफ बिनल-3

kamukta

तुम्हारे ये शब्दो को सुनकर वो जरा रुक जाता है। और तूम्हारे करीब आकर कहता है “ देखो राजकुमारी जी मेरा ऐसा कोई मतलब नही है, में आपको किसी भी तरह की हानि नही पोहचने वाला”

उसकी आदरपूर्वक बात से तुम स्थिर हो जाती हो और उसकी तरफ देखी हो।

और उन्हें गुस्से से लाल होकर कहती हो “ मेरे राजकुमार के साथ अपने क्या किया? अगर उन्हें कुछ हुआ तो आप को मेरी ऐसी बद्दुआएं लगेगी की आपको नर्क में भी जगह नही मिलेगी”

तुम्हारा मेरे लिए इतना प्यार देख राजा और भी आश्चर्य में पड़ जाता है। और मन ही मन सोचता है कि में इस राजकुमारी के जिस्म को तो पा सकता हु लेकिन उसके प्यार को नही पा सकता, लेकिन मुजे इस राजकुमारी का प्यार चाहिए। मन मे ही वो एक युक्ति सोचता है। और तुमसे कहता है।

“राजकुमारी मेने राजकुमार को हाथी के पैरों तले कुचलवाने का आदेश दिया है, लेकिन वो बच सकता है अगर तुम में जो कहूं उसका स्वीकार कर लो।” राजा बड़े ही आराम कहता है।

“में कुछ भी कर सकती हूं लेकिन उन्हें छोड़ दो” तुम जैसे दया की भीख मांगते हुए राजा से कहती हो।

(रात के 2 बज गए थे लेकिन हमारी कहानी शरू ही थी “ बिनल बीच बीच मे” फिर क्या हुआ “ ऐसा पूछ पूछ के कहानी को बहुत ही दिलचस्पी से सुन रही थी।)

कहानी को आगे बढ़ाते हुए।

फिर राजा समीर तुमसे पूछते है कि “में आपके सामने एक प्रस्ताव रखना चाहता हूं उसका तुम्हे स्वीकार करना होगा।”

तुम आश्चर्य से राजा समीर को पूछती हो “ कैसा प्रस्ताव”

राजा समीर अपना प्रस्ताव तुम्हारे सामने रखते हुए कहता है “में तुम्हारे राजकुमार को मौत से तो मुक्ति दे दूंगा लेकिन उसे बंदी बनके तो रहना ही होगा, और तुम्हे मेरी रानी बनकर मेरे साथ रहना होगा।” “ बोलो इसका स्वीकार करती हो या नही?”

“में ऐसा हरगिज़ नही करूँगी” तुम गुस्से में आकर राज समीर को जवाब देती हो।

 

“देखो में तुम्हे एक रात का समय देता हूं तुम इसके बारे में सोच लो , या तो राजकुमार की मौत और या तो तुम अपने ही राज्य में मेरी रानी बनकर जैसे पहले थी वैसे ही शाही जीवन जी सकती हो, नही तो कल सुबह मेरे राज्याभिषेक के बाद भरी सभा मे राज्यकी जनता और तुम्हारी आँखों के सामने तुम्हारे राजकुमार को मेरे हाथी पैरो के तले कुचल कर मार देंगे।”

“नही नही आप उनके साथ ऐसा नही कर सकते” तुम रोते हुए राजा समीर को कहती हो।

राजा समीर जाते हुए तुम्हे कहता है “ फैसला तुम्हारे हाथ मे है आज रात का समय है सोच लो “

इतने में तुम राजा समीर को रोकते हुए कहती हो “ रुक जाओ मेरी भी एक शर्त है।”

राजा समीर तुमसे पूछता है “क्या शर्त है बताओ”

“मुजे आज की रात मेरे पति मेरे राजकुमार से बात करने दो उनसे मिलने दो ।” तुम राजा के सामने प्रस्ताव रखती हो।

राजा अपने एक सैनिक जो पहरेदारी कर रहा था उसे बुलाता है और आदेश देता है “ राजकुमारी को राजकुमार के कारावास में ले जाओ सिर्फ आज की रात के लिए और ध्यान रहे राजकुमारी को आज की रात जरा भी तकलीफ़ न उठानी पड़े” इतना कहके राजा समीर चला जाता है।

सैनिक तुम्हे मेरे पास लाता है, तुम आते है मुजे गले लगा लेती हो। मेरे दोनो हाथ बधे हुए है तुम उस सैनिक को मुझे छोड़ने के लिए कहती हो लेकिन राजा का आदेश है कि इन्हें ना खोल जाए ऐसा कहकर वो अपनी जगह पर फिर से खड़ा हो जता है।

तुम मुजे राजा समीर के प्रस्ताव के बारे में सारी बाते बताती हो, की राजाके मेरी जान के बदले में तुम्हारे सामने कैसा प्रस्ताव रखा है,

फिर तुम मुझे पूछती ही कि मुझे क्या करना चाहिए?

में कहता हूं कि “तुम ऐसे बंदी बनकर जिओ में ये बर्दाश्त नही कर सकता”

“में भी आपको मरते हुए नही देख सकती लेकिन में क्या करूँ मुजे कुछ समझ नही आ रहा” तुम निराशा होकर मुजे कहती हो।

बहुत सोचने के बाद में तुम्हे जवाब दे पाता हूं और कहता हूं “ मुझे मौत से कोई डर नही है लेकिन मेरे मरने के बाद भी राजा तुम्हारे साथ क्या करेगा इन सब से में और तुम , दोनों वाकिफ है”, तो में चाहता हु की तुम राजा समीर के प्रस्ताव का स्वीकार कर लो और पहले की तरह रानी बनके रहो” ,”अगर तुम और में दोनों जिंदा रहे तो कमसे कम एक दूसरे से कभी कभी मिल भी सकेंगे और तुम्हे ज्यादा तकलीफ भी नही उठानी पड़ेगी क्यों कि तुम एक राजकुमारी से रानी बन जाओगी।”

पूरी रात सोचने के बाद हम दोनो नें राजा के प्रस्ताव को स्वीकार करने का फैसला किया।

दूसरे दिन राजा फिर से हमारे पास आया और तुमसे पूछा “ अच्छा तो तुमने क्या तय किया राजकुमारी बिनल?

तुमने कहा “ राजा जी आपका प्रस्ताव स्वीकार करने को तैयार हूं लेकिन मेरी भी एक शर्त है।” की तुम हफ्ते में एक बार मुजे राजकुमार से मिलने की अनुमति दोगे।”

राजा समीर ने कहा “ बस इतनी सी बात ? अच्छा मुजे ये सब मंजूर है और खुशी है कि तुमने मेरे प्रस्ताव का स्वीकार किया।”

फिर राजा ने दासीओ को बुला के आदेश दिया कि हमारी होनेवाली रानी को बड़ी ही आराम से उकने कक्ष में ले जाया जाए और उन्हें नए वस्त्रो और गहनों से सजाया जाए।

फिर वो मेरे सामने से तुम्हे ले जाते है और में तुम्हे आंसू भरी आंखों से अंत तक देखता रहता जाता हूं।

(इतने में बिनल ने मुझसे कहा “अर्रे रात के 4 बज गए अब हमें सोना चाहिए नही तो कल जॉब आफिस भी मुजे नींद आ जायेगी।”)

मेने कहा “ ओह्ह स्टोरी कहते कहतेे तो मुजे भी पता नही चला , ओक डार्लिंग तुम सो जाओ बाकी की स्टोरी कल करेंगे , और हां तुमने बताया नही ये कहानी तुम्हे कैसी लगी?

बिनल ने कहा “ बहुत ही इंटरेस्टिंग तुम भी मेरी तरह एक स्टोरीटेलर बन गए क्या बात है” आगे की स्टोरी सुनने के लिए में पूरे दिन – रात होने का इंतजार करूँगी लव यू डार्लिंग”

“ अच्छा तो गुड नाईट “ ऐसा कहते ही बिनल ने कॉल रख दिया।

में भी आगे की कहानी कैसी होगी क्या क्या होगा वो सोच कर एक बार हस्तमैथून कर के सो गया।

Updated: June 27, 2018 — 10:58 pm
Meri Gandi Kahani - Desi Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme
error: