पंजाबन भाभी के साथ चुदाई की रात

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शेखर है, मेरी इस साईट पर ये पहली कहानी है और में रोजाना इस साईट की सेक्स स्टोरी पढ़ता हूँ. जब भी में स्टोरी पढ़ता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है और में मुठ मारता हूँ. मेरी उम्र 25 साल है, मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है, में जिम जाता हूँ और मेरे लंड का साईज़ 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है, मेरे लंड का कलर काला है और में पंजाब का रहने वाला हूँ.

ये स्टोरी मेरी और मेरे घर के बगल में रहने वाली भाभी की है, जिसकी उम्र अब 30 साल है, हाईट 5 फुट 6 इंच है, वो देशी पंजाबन है, सेक्सी बदन भरा हुआ, बूब्स 34 साईज के है, गांड भी मोटी है और उसका फेस कट एकदम मस्त है, कलर गोरा है. भाभी के एक 2 साल का लड़का है, उसके पति एक कंपनी में मार्केटिंग का जॉब करते है और दिन में वो बस अकेली रहती है और कई बार उसके पति को कंपनी बाहर भेजती है, तो वो मेरी माँ को कहकर जाते है कि ध्यान रखना.

ये बात साल पिछली की सर्दियों की है. एक दिन में छत पर सुबह धूप ले रहा था. जब धूप अच्छी थी, तभी भाभी छत पर कपड़े सुखाने के लिए आई, जब भाभी ने सलवार सूट पहन रखा था. अब में उनकी छत की तरफ़ मुँह करके बैठा हुआ था और उन्हें कपड़े तार पर डालते हुए देख रहा था, वो मस्त सेक्सी लग रही थी. उन्हें भी पता था कि में उन्हें देख रहा हूँ और उनकी सलवार गीली थी और सूट एकदम टाईट था, जिसकी वजह से उनके बूब्स का शेप एकदम मस्त दिख रहा था. अब उन्हें देखकर मेरे दिमाग़ में कुछ चल रहा था कि भाभी कितनी सेक्सी है, भाई साहब को तो बहुत मज़ा आता होगा. ये सब सोच ही रहा था कि भाभी नीचे चली गई. इसके बाद अब तो मुझ पर जैसे भाभी का नशा चढ़ गया हो. अब जब भी सेक्स की बात दिमाग़ में आती तो मेरे ख्यालों में बस भाभी नज़र आती. मैंने कई बार तो उनके नाम की मुठ भी मारी और अब तो मुझे जब भी मौका मिलता तो में भाभी को घूरने लगता था.

एक रविवार को भाभी छत पर बैठी हुई स्वेटर बुन रही थी, तो में भी छत पर गया. अब हम बातें कर रहे थे कि बातों ही बातों में मैंने पूछा कि भैया नहीं दिख रहे कहाँ गये है? तो उन्होंने बताया कि वो 10 दिन के लिए कल से ही मुंबई गये हुए है.

फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर ऐसे ही नार्मल बातें हो रही थी, इस वक़्त में भाभी की आँखो में अपनी आँखे डालकर बात कर रहा था. अब भाभी भी स्माईल कर रही थी और फिर तभी भाभी ने मुझसे पूछ ही लिया कि क्या बात है शेखर आजकल तुम मुझे घूरते क्यों हो? अब मुझे तो जैसे साँप सूंघ गया हो. अब में उनसे आँखे नहीं मिला रहा था और चुप हो गया.

फिर थोड़ी देर की खामोशी के बाद भाभी बोली कि तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने कहा कि पहले थी, लेकिन अब नहीं है. फिर उन्होंने पूछा कि क्या बात है, अब क्यों नहीं? तो मैंने उन्हें बताया कि वो अब दूसरी सिटी में चली गई है और अब हमारी बात भी नहीं होती है. अब हमारी यहीं सब बातें हो रही थी कि मुझे माँ ने बुलाया और में नीचे चला गया.

फिर शाम को जब में आया तो खाना खाने के बाद जब में सोने लगा तो माँ ने कहा कि आज तू कुलदीप के यहाँ सो जा, तेरी भाभी अकेली है. फिर मैंने कहा कि पहले भी तो अकेली रहती थी, तो माँ ने कहा कि जशन जो उनका लड़का है उसकी तबियत थोड़ी खराब है तो इसलिए. फिर मैंने कहा कि ठीक है. फिर मैंने रात 10 बजे भाभी का दरवाजा खटखटाया. फिर भाभी ने दरवाजा खोला और बोली कि अंदर आ जाओ, उनके घर में दो बेडरूम है, एक में वो लोग सोते है और दूसरा रूम खाली ही रहता है.

फिर में अंदर गया तो भाभी मुझे अपने बेडरूम में लेकर गई, वहाँ उनका लड़का सोया हुआ था. फिर मैंने पूछा कि कैसी तबियत है इसकी? तो उन्होंने कहा कि अब तो काफ़ी ठीक है. फिर में बेड पर बैठ गया. फिर भाभी ने पूछा कि खाना खाओगे या खाकर आए हो? तो मैंने कहा कि में खाकर आया हूँ भाभी. फिर वो थोड़ी देर में नाईटी पहनकर आई, वो लाल कलर की नाईटी पहनकर आई थी.

फिर वो बेड पर पैर रखकर बैठ गई और मुझसे बोली कि मैंने ही आंटी को तुम्हें यहाँ भेजने को कहा था कि अगर अकेले रात में कोई प्रोब्लम हुई तो दिक्कत आ जायेंगी. फिर मैंने कहा कि हाँ मम्मी बता रही थी. फिर वो बोली कि नींद आ रही है क्या? तो मैंने कहा कि नहीं अभी तो नहीं, तो वो बोली कि तो बैठो बातें करते है. जब ठंड का मौसम था तो उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया था और इस पर मेरे दिमाग़ में एक बात आई कि में सोऊंगा कहाँ? फिर वो आई और रज़ाई में पैर डालकर बैठ गई और मुझसे बोली कि तुम भी बैठ जाओ, तो में भी बैठ गया और फिर हमारी इधर उधर की बातें होने लगी.

फिर वो बोली कि शेखर आज बताओं कि तुम मुझे घूरते क्यों हो? अब मेरी फटने लगी थी. फिर वो बोली कि शरमाओ मत और बोलो तुम्हें मुझमें ऐसा क्या दिखता है? तो मैंने कहा कि भाभी आप बहुत खूबसूरत हो तो नज़र तो वैसे ही चली जाती है. फिर उन्होंने कहा कि चलो ठीक है, अच्छा ये बताओं जो तुम्हरी गर्लफ्रेंड थी उसके साथ कुछ किया था या नहीं?

अब में तो उनका मुँह देखता ही रह गया. फिर वो बोली कि बताओं? अब में समझ नहीं पाया कि क्या बोलूं? फिर मैंने कहा कि नहीं कुछ नहीं. फिर वो बोली कि झूठ तो मत बोलो, अब क्या करते हो, जब कुछ करने का मन करता है? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं भाभी और अब में चला सोने. फिर उसने कहा कि यहीं सो जाओ, तो अब बीच में उनका लड़का और हम दोनों अलग-अलग साईड में सो गये. फिर भाभी ने लाईट ऑफ कर दी और सोने के लिए रजाई में आ गई, अब वो और उनका लड़का एक रजाई में और उन्होंने मेरे लिए एक अलग रजाई दी थी.

अब मुझे तो नींद नहीं आ रही थी. अब में बस भाभी के बारे में ही सोच रहा था और मेरा लंड एकदम टाईट था. अब करीब रात के 11 बजे होगे. फिर भाभी उठी और लाईट जलाई और मेरे बगल में आकर बैठ गई. अब में तो जाग रहा था और सोने का नाटक कर रहा था. तभी भाभी ने मुझे जगाना शुरू किया और फिर थोड़ी देर में दो बार बुलाने पर में जाग गया.

फिर वो बोली कि उन्हें नींद नहीं आ रही थी, चलो बातें करते है. अब नींद तो मुझे भी नहीं आ रही थी तो मैंने कहा कि ठीक है. फिर वो बोली कि चलो दूसरे रूम में चलते है, हमारी आवाज़ से बच्चा जाग जायेगा. अब वो रूम की तरफ़ मेरे आगे- आगे चली और में भी उनके पीछे-पीछे चला गया. उस रूम में सोफा लगा हुआ था और एक बेड था. अब में सोफे पर जाकर बैठ गया और भाभी बेड पर रजाई में पैर डालकर बैठ गई. फिर थोड़ी देर तक बात करने के बाद वो बोली कि वहाँ क्यों बैठे हो? रज़ाई में आ जाओ, ठंड लग जायेगी, वैसे मेरे पैरों पर ठंड तो लग रही थी तो में भी रजाई में चला गया.

अब ऐसे ही इधर उधर की बातें करते हुए भाभी गली में एक औरत की बात करने लगी, जो कई लड़को से चुद चुकी थी, वो दिखने में भी ठीक थी. फिर भाभी ने पूछा कि उसके बारे में क्या जानते हो? तो मैंने कहा कि बस ज्यादा नहीं, यहीं कि वो अच्छी औरत नहीं है. तभी भाभी ने बताया कि वो तो हर रोज किसी ना किसी के साथ सेक्स करती है.

जब भाभी ने ये बातें शुरू की तो मेरा लंड खड़ा होने लग गया और मेरी नज़र थोड़ी नीचे हो गई. इस पर भाभी ने कहा कि शरमाओ मत यार तुम मेरे दोस्त हो और फिर भाभी ने अपना पैर मेरे पैर के साथ टच किया, जो बहुत ही ठंडा था. फिर वो बोली कि तुम्हारा पैर कितना ठंडा है, इतनी देर से अभी तक गर्म नहीं हुआ. अब वो अपने पैर को मेरे पैर से रगड़ने लगी थी, अब मुझे एहसास हो चुका था कि भाभी कुछ करना चाहती है.

फिर थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद भाभी बोली कि शेखर में तुम्हें कैसी लगती हूँ? तो मैंने कहा कि ठीक हो, आप खूबसूरत हो. फिर वो बोली कि और क्या अच्छा लगता है मुझमें? तो मैंने कहा कि आप अच्छी लगती हो. फिर वो ये सुनकर मेरे और करीब आई और बोली कि तो ये बताओ जब तुम मुझे घूरते हो तभी तुम्हारी पेंट क्यों टाईट हो जाती है? तुम मेरे बारे में क्या सोचने लगते हो? तो मैंने भी सोचा कि अब तो शरमाना नहीं है.

फिर मैंने कहा कि भाभी आप बहुत सेक्सी हो, आपका पूरा बदन बहुत सेक्सी है, मेरा दिल करता है कि चूम लूँ और सोचता हूँ कि भैया की किस्मत कितनी अच्छी है, जिसको इतनी सेक्सी पत्नी मिली है, आप तो उन्हें हर रात खुश कर देती होगी ना. फिर इस पर वो बोली कि हाँ वो तो खुश हो ही जाते है, लेकिन वो करते ही कभी-कभी है, उन्हें तो बस पैसे कमाने है और इतना कहने के बाद वो मेरे करीब आ गई और अपने होंठो से मेरे होंठो को चूसने लगी. अब में भी जोश में आ गया था और उनका साथ देने लगा था. दोस्तों सच में वो बहुत मस्त स्मूच कर रही थी.

अब में उनके बूब्स को भी दबा रहा था. फिर करीब 5 मिनट तक चूमने के बाद वो बोली कि तुम्हें ये बूब्स पसंद है ना, तो मैंने कहा कि हाँ. फिर वो बोली कि तो इन्हें चूस लो ना, तो फिर मैंने उसकी नाईटी उतार दी और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी.

फिर मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसके बूब्स को चूसने लगा, क्या मस्त बूब्स थे उसके? और काले कलर के निप्पल थे और बड़े-बड़े बूब्स थे. अब उसके मुँह से मूऊुआहह की आवाज़े आ रही थी. अब मैंने उसे अपनी बगल में गोद में बैठाया और उसे किस करने लगा. फिर में अपना एक हाथ उसकी चूत तक ले गया और उसकी पेंटी में हाथ डालकर सहलाने लगा. अब वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी. अब उसकी आँखे बंद हो चुकी थी और वो बस-बस बोले जा रही थी. अब में उसके होंठो को चूस रहा था, ऐसी सेक्सी लेडी वो क्या मस्त कयामत लग रही थी? अब उसका चेहरा तो नंगा होने पर और सेक्सी हो गया था.

फिर थोड़ी देर तक किस करने के बाद मैंने उसके बूब्स को फिर से चूसना शुरू किया, अब वो मेरे लंड को अपने हाथ से सहला रही थी. अब मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए एकदम टाईट खड़ा था. फिर मैंने उसके पैरों को फैलाया और उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया तो वो सिहर सी गई और उसके मुँह से आह्ह्ह्ह की आवाज़ आई.

फिर थोड़ी देर तक में उसकी चूत को चाटता रहा. फिर में उठा और उसकी टांगो को फैलाया और फिर अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. अब वो मुझे बहुत ही कातिल नज़र से देख रही थी और अपनी आँखो से ही कह रही थी कि अब बस डाल दो, चोद दो उसकी चूत को और हमारी आँखे एक दूसरे की आँखो से कुछ कह रही थी.

तभी मैंने एक ज़ोर का धक्का मारा तो उसने अपनी आँखे टाईट से बंद करके आह्ह्ह्ह की आवाज़ निकाली. फिर मैंने एक और धक्का मारा तो मेरा लंड उसकी चूत में पूरा चला गया. अब मेरा लंड उसकी चूत में डालने के बाद मैंने उसको किस किया और फिर धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए.

अब मेरा लंड अंदर बाहर चूत में जाने आने लगा था और अब में उसके चेहरे को देख रहा था, तो वो भी इतनी सेक्सी निगाहों से मुझे देख रही थी मानो सेक्स की देवी हो. अब में उसे चोदे जा रहा था और वो आह्ह्हह्ह उह्ह्ह्ह की आवाज़े निकालती जा रही थी. अब में उसको उसी पोज़िशन में करीब 10 मिनट तक चोदता रहा. अब वो मेरे लंड के धक्को को महसूस कर रही थी और आह्ह्ह उईईईईइ की आवाज़े निकाल कर, वो मुझसे कह रही थी कि और ज़ोर से करो, तो में भी अपने धक्को की स्पीड तेज करता जा रहा था.

फिर करीब 15 मिनट तक चोदने के बाद अब मेरा निकलने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड और तेज कर दी और ज़ोर-ज़ोर से उसे चोदने लगा. अब वो भी मेरा साथ दे रही थी और आह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह उईईई की आवाज़े निकाल रही थी. फिर करीब 1 मिनट के बाद मेरा निकलने वाला था, तो मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालना चाहा, तो उसने मेरी कमर को जकड़ लिया और बोली कि अंदर ही निकालना.

फिर मैंने भी ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए, अब वो आअहह आआअहह आअहह आअहह आअहह ऊओह कर थी. फिर कुछ ज़ोर के धक्को के साथ मेरे लंड ने अपना सारा पानी उसकी चूत में डाल दिया. अब वो अपनी आँखे बंद करके मेरे लंड से निकले पानी को महसूस करने लगी थी. फिर में भी अपना लंड उसकी चूत में डाले ही उसके ऊपर आ गया.

अब हम दोनों की साँसे ज़ोर-ज़ोर से चल रही थी. फिर 10 मिनट के बाद में उठा तो हम दोनों की नज़र एक दूसरे से मिली और फिर हम दोनों ही मुस्कुराए और फिर मैंने उसे एक जोर की स्मूच की. फिर में उसकी साईड में आया और हम दोनों ने रजाई ओढ़ ली.

फिर उसने अपना एक हाथ मेरे लंड पर रखा और सहलाते हुए बोली कि अच्छा सेक्स करते हो तुम, जैसा सेक्स आज किया वैसा मैंने अभी तक शादी के बाद नहीं किया था. तुम्हारा लंड भी बहुत मजबूत है और फिर उसने मुझे किस किया.

फिर बोली कि एक बात कहूँ तो मैंने कहा कि बोलो. फिर वो बोली कि आज से मुझे भाभी मत कहना तुम मुझे सिमरन नाम से बुलाना, तो मैंने कहा कि ठीक है. फिर वो बोली कि मेरे बॉयफ्रेंड बनोगे? तो मैंने कहा कि अभी भी कोई शक है.

फिर वो बोली कि ठीक है, अब जब तुम्हारे भैया जायेंगे तो में तुम्हें बुलाउंगी तो तुम आ जाया करना, हम बहुत मजा करेंगे, लेकिन किसी को हमारे बारे में बताना मत. फिर मैंने कहा कि चिंता मत करो. फिर हमने किस किया और वो देखने गई कि उसका लड़का सो रहा है या नहीं और फिर वापस आई. उसके बाद हमने उस रात 3 बार सेक्स किया और पूरी रात मजा किया. फिर उसके बाद तो जब भी मौका मिलता है तो में उसे चोदता हूँ.

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