रांड भाभी को पूरे मज़े देकर चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रवि है और में हैदराबाद का रहने वाला हूँ. मुझे  सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और आज में अपनी भी एक सच्ची घटना आप लोगों के लिए लेकर आया हूँ. में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी, क्योंकि यह कोई झूटी कहानी नहीं है, बल्कि मेरी अपनी घटना है. अब में उसको सुनाने से पहले अपना परिचय आप सभी को दे देता हूँ. दोस्तों मेरी उम्र 23 साल है और मेरी लम्बाई 5.9 है.

में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़कर उनके बहुत मज़े ले रहा हूँ और ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है और इस वजह से मेरी सेक्स में रूचि दिनों दिन बढ़ने लगी थी. यह सब मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था और इन सबके लिए में बिल्कुल पागल होने लगा था और कई बार में अपने लंड को मुठ मारकर शांत भी करता था. दोस्तों आज में जो कहानी आप लोगो को सुनाने जा रहा हूँ. यह कहानी मेरे पहले सेक्स अनुभव की है जो मेरी भाभी के साथ की एक सच्ची घटना है, इसको सुनाने से पहले में अपनी भाभी का आप सभी से परिचय करवा देता हूँ.

दोस्तों मेरी भाभी की उम्र 27 साल है और उनका नाम स्नेहालता है, उनका कलर साँवला, फिगर का आकार 32-30-34 है, वो दिखने में सुंदर और उनका व्यहवार बहुत अच्छा, वो हंसमुख स्वभाव कि है. दोस्तों मुझे पहले मेरी भाभी में इतनी रूचि नहीं थी, लेकिन यह उन दिनों की बात है जब उस घटना से मेरा जीवन एकदम बदल गया, जब शादी के दो महीने के बाद मेरे भैया ऑस्ट्रेलिया चले गये तब से मेरी कहानी शुरू हो गई है और जब में अपने कॉलेज के बाद घर पर लौटा तो मैंने देखा कि मेरा घर बहुत अच्छी तरह से सजाया हुआ था और फिर मुझे पता चला कि उस दिन मेरी भाभी का जन्मदिन है और यह बात सुनकर में बहुत खुश था.

फिर मैंने मन ही मन सोचा कि क्यों ना में भी उसको जन्मदिन की बधाईयाँ दे दूँ और फिर में बधाई देने उनके कमरे में गया तो उस समय कमरे में कोई भी नहीं था. मेरी आँखे वो सब देखकर एकदम चमक गई और में उनको ऐसे ही लगातार घूर घूरकर देखने लगा. उनको देखकर मेरे अंदर करंट बढ़ने लगा और मेरा लंड भी अब मचलने लगा. उस समय वो पंजाबी सूट में थी और वो कपड़े बहुत टाइट थे, जिसकी वजह से बूब्स भी बहुत कसे हुए थे और वो बहुत हॉट सेक्सी दिख रही थी. मेरी नजर उनके ऊपर से हटने को तैयार नहीं थी और में एकदम हैरान होकर देख रहा था.

फिर मैंने मन ही मन सोच लिया कि यह मेरी ब्लूफिल्म की हिरोइन है, वाह क्या सेक्सी बदन क्या मस्त बूब्स है और गांड दिख रही थी. मैंने मन ही मन में सोच लिया कि कैसे भी करके मुझे इस साली को अब चुदाई करने के लिए राज़ी करना है.

फिर में उसके उस सेक्सी गदराए बदन बड़े आकर के बिल्कुल गोलमटोल बूब्स को देखता ही रह गया और कुछ देर बाद होश में आकर मैंने उससे कहा कि भाभी आपको जन्मदिन मुबारक हो और मैंने उनको मन ही मन में कहा कि आपको बूब्सदिन मुबारक हो. फिर उस दिन से में उनसे बहुत करीब हो गया और हम दोनों बहुत ज्यादा बातें करने लगे और में मौका ढूँढ रहा था कि में कब और कैसे उसकी चूत को देखूं? वैसे मेरी भाभी भी एक ऑफिस में नौकरी करती है जो उनके घर से बहुत दूर था और एक दिन मेरी अच्छी किस्मत से वो मौका मुझे मिल ही गया और वो रविवार का दिन था, जब मैंने उनके साथ वो सब किया.

उस दिन घर में कोई भी नहीं था, बस में और मेरी भाभी ही थे. सुबह 10:00 सब लोग बाहर चले गये और मैंने भी कहा कि मुझे भी बाहर जाना है और में घूमने चला गया. मुझे पता था कि शाम तक कोई भी घर पर नहीं आएगा, इसलिए में दो घंटो में ही घूम फिरकर घर वापस आ गया और तब मैंने देखा कि मेरी भाभी नारंगी कलर की मेक्सी में थी और वो उस समय टीवी देख रही थी और टाइम 12:00 का था. में भी उनके पास बैठ गया और टीवी देखने लगा.

फिर मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर डाल दिया, लेकिन लता ने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और कुछ देर बैठने के बाद वो उठकर किचन में काम करने चली गयी और में भी थोड़ी देर बाद उनके पीछे चला गया और अब में उनके गरम बदन को देखता रह गया. उनकी बड़ी गांड को देखकर रोक ना सका और मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया. में उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया और मैंने तुरंत अपने हाथों से भाभी को पीछे से पकड़कर दबोच लिया और फिर में उनके बूब्स को दबाने सहलाने लगा और मेरा खड़ा लंड उनकी गांड में कपड़ो के ऊपर से ही गांड में घुस गया, वो एकदम चकित हो गयी और अब वो मेरा विरोध करने लगी और मेरी बाहों में मचलने लगी और मुझसे कहने लगी कि प्लीज छोड़ो मुझे, तुम यह क्या कर रहे हो अह्ह्हह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ छोड़ दो मुझे.

फिर मैंने कुछ देर बाद उनको छोड़ दिया और वो मेरी तरफ पलटकर मुझे बहुत गुस्से से देखकर कहने लगी कि यह सब क्या है? मैंने कभी नहीं सोचा था कि तू ऐसा है तेरी मुझ पर इतनी गंदी नजर है तू मुझे इस नजर से देखता या तेरे मन में मेरे लिए यह सब कुछ चल रहा है? वो यह बात कहने हुए रोने लगी और फिर वो सीधी जाकर उनके बेडरूम में बेड पर लेट गयी.

मैंने भी जल्दी से सभी दरवाजे अच्छी तरह से बंद कर दिए और अब में भी उनके पीछे पीछे बेडरूम में चला गया. दोस्तों तब मैंने उनसे अपने मन की वो बात सीधी सीधी कह डाली कि भाभी मुझे आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मुझे आपको चोदना है, में कब से आपको अपना बनाने का इंतजार कर रहा हूँ इस दिन के लिए मैंने कितने सपने देखे थे, प्लीज भाभी मान जाओ, में आपको बहुत प्यार करता हूँ.

फिर भाभी कुछ देर बाद कहने लगी कि वो सब तो ठीक अगर किसी को पता चल गया तो क्या होगा? तब मैंने कहा कि क्या होगा? कुछ नहीं होगा, यह बात हम दोनों के बीच में रहेगी और किसी को कैसे पता चलेगा, में यह बात कहकर उनके बेड पर आ गया और वो अब हल्की सी मुस्कुराने लगी और लेट गयी. फिर मैंने देखकर महसूस किया कि तब उनका इतना गुस्सा भी नहीं था और वो अब धीरे धीरे बिल्कुल शांत होने लगी और बातें करने लगी.

दोस्तों यह मेरा पहला अनुभव था और मैंने धीरे से उनकी मेक्सी के हुक को एक एक करके खोल दिया और उसके बाद मैंने उनको अपनी बाहों में लेकर उनकी पूरी मेक्सी को खोलकर उतार दिया और अब उन्होंने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली. फिर मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए तुरंत अपने पूरे कपड़े उतार दिये और मैंने देखा कि हम दोनों पसीने में गीले हो चुके थे.

फिर मैंने उनको धीरे से बिस्तर पर लेटा दिया और मैंने उनसे कहा कि अब आप सब कुछ मुझ पर छोड़ दो, वो मेरे कहने पर अपने बदन को मेरे ऊपर छोड़कर चुपचाप लेटी रही. दोस्तों वैसे मेरी भाभी का बदन साँवला है, लेकिन है बहुत कामुक और पूरा गरमा गरम, जिसको देखकर हर किसी का लंड चुदाई के लिए तुरंत खड़ा हो जाए.

अब मैंने उनकी ब्रा के हुक को खोलकर ब्रा को उतारकर फेंक दिया, वो बहुत शरमा रही थी और उनके बूब्स मेरे सामने थे जिनको खा जाने का मन कर रहा था. उसने बाद में उनकी काली कलर की पेंटी को उतारने लगा और वो अब मुझे देख रही थी. पेंटी को उतारने के बाद मैंने देखा कि उनकी चूत काले रंग के बहुत सारे बालों से ढकी हुई थी, तभी मैंने मुस्कुराते हुए उनसे कहा कि मेरा लंड उसे ढूँढ लेगा, वो मुझे देख रही थी और में अब पूरे जोश में आ गया था और फिर मैंने उनके होंठो को स्मूच किया.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी. फिर कुछ देर बाद में सही मौका देखकर थोड़ा सा नीचे आ गया और अब में भाभी के पपीते के आकार के बूब्स को अपने दोनों हाथों में लेकर दबाने लगा, जिसकी वजह से वो बहुत गरम हो गई और अब भाभी सिसकियाँ लेने लगी, वो आफफफ आह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से चूसो आईईईइ वो मेरा सर अपनी छाती पर दबाने लगी तो में पूरे पांच मिनट तक उनके बूब्स को चूसता दबाता उनका रस निचोड़ता रहा. फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे कहा कि साली रंडी तूने अब तक कितनो से अपनी चुदाई करवाई है? लेकिन वो कुछ नहीं बोली और पड़ी हुई हंसने लगी. में ज़ोर से निप्पल को चूसने काटने लगा और तभी उसने आईईईईइ स्सीईईईईईईई माँ मर गई कहकर मेरा मुहं अपनी छाती पर पूरा ज़ोर लगाकर दबा दिया और वो मुझसे काटने के लिए मना करने लगी और कहने लगी कि प्लीज मुझे ऐसे मत काटो, बहुत दर्द होता है.

फिर में कुछ देर बूब्स को चूसकर अब थोड़ा सा नीचे आ गया और मैंने उनके पूरे गरम बदन का ऊपर से लेकर नीचे तक पसीना चाटकर साफ किया, वो मुझे देखती रही और वो अब उनके बदन का हर एक अंग मुझे देने लगी.

अब में नीचे सरकते हुए उनकी चूत पर हाथ लगाने लगा और में उनकी चूत को सहलाने लगा. मेरे हाथ लगाते ही वो आह्ह्हह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ सिसकियाँ लेने लगी. फिर मैंने तुरंत अपना मुहं चूत के पास ले जाकर में उनकी गरम चूत को चाटने लगा और चूत के दाने को जीभ से टटोलने लगा और अपनी भाभी की रसीली चूत को चूस चूसकर उसके मज़े लेने लगा, वो एकदम से मचल गई और उन्होंने मेरा सर अपनी चूत के मुहं पर दबा रखा था और वो मुझसे कह रही थी उईईईईइ हाँ खा जाओ आज तुम इसको आह्ह्ह वाह मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और कुछ देर मैंने अपना 6 इंच का लंड उनके मुहं पर रख दिया.

भाभी लंड को अपने मुहं में लेकर बड़े मज़े से चूसने लगी और करीब दस मिनट तक लगातार चूसने के बाद भी वो लंड को बाहर निकालने का नाम ही नहीं ले रही थी, वो तो लंड को किसी अनुभवी भूखी रंडी की तरह लोलीपोप समझकर बार बार अंदर बाहर करके चूसे जा रही थी. फिर कुछ ही देर में उसने मेरा बहुत बुरा हाल कर दिया था.

फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी अब में ज्यादा देर नहीं रुक सकता और मेरा लंड अब आपकी रसीली चूत के अंदर जाना चाहता है, प्लीज अब लंड को छोड़ दो. तभी उन्होंने कहा कि देवर जी तो अब आप मूर्ति बने मुझे क्या देख रहे है? मुझे जल्दी से आपके लंड का मज़ा तो दीजिए जिसके लिए में इतने समय से तड़प रही हूँ, प्लीज अब जल्दी से मुझे अपना बना लो और फिर वो अपने दोनों पैरों को फैलाकर लेट गई.

मैंने उनकी चूत के बालों को अपनी एक ऊँगली से हटाया और फिर अपने लंड को सेट करके उनकी काली चूत में धीरे से धक्का देकर अंदर डालने लगा और उनके बूब्स को दबाकर मज़े लूट रहा था. अब मेरी भाभी जोश में आकर गरम होकर आईईईईई आहहह मर गई करने लगी और मैंने हल्के धक्के देने शुरू कर दिए. फिर कुछ देर बाद में धीरे से अपने लंड को चूत से बाहर लेकर आया और फिर एकदम से ज़ोर से धक्का देकर पूरा लंड चूत के अंदर डाल दिया.

फिर वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी और दर्द से तड़पने लगी और कहने लगी आह्ह्ह्ह उईईईईइ माँ में मर गई प्लीज धीरे से करो, क्या बात है आज आप मुझे मार ही डालोगे क्या आह्ह्ह्हह हाँ ऐसे ही तुम मेरी जान निकाल दोगे? तो मैंने धक्के देते हुए कहा कि भाभी अब आपकी चूत तो फट गई है और अब तेरी गांड की बारी है और फिर भाभी की गांड में अपना लंड डालकर मैंने उस रंडी को पूरी तरह मज़े देकर करीब दो घंटो तक चोदा और उसके बाद मैंने अपना वीर्य उसकी गांड में डाल दिया और कुछ देर थककर उसके ऊपर पड़े रहने के बाद में उठ गया और मैंने अपने कपड़े पहन लिए, लेकिन वो अब भी पूरी नंगी थी. अब जब भी मौका मिलता है तो में उनके साथ चुदाई के मज़े लेता हूँ.

Updated: October 9, 2016 — 7:45 am
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