रूपम की पत्नी की चुदाई-2

antarvasna तभी वो बोली कि जी आप मेरे दर्द को कम कर रहे है, इसमे गलत क्या है? क्या मेरा आप पर कोई हक नहीं है? और फिर उसने मुझसे कहा कि मेरा दर्द से बुरा हाल है और आप सही गलत के बारे में सोच रहे हो प्लीज। अब में बिल्कुल चुपचाप बैठा रहा, मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि में उसको क्या कहूँ? दोस्तों अपने छोटे भाई की बीवी के निप्पल को अपने मुँह में लेकर उसका दूध पीना मेरे लिए एक बहुत बड़ी बात थी। अब उसने उसी समय अपने ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए और उसने दोबारा से कहा कि प्लीज, लेकिन में अपनी जगह से नहीं हिला। तभी वो बोली कि जाइए आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है, आप अपने रूढ़िवादी विचारों से घिरे बैठे रहिए, चाहे में दर्द से मर ही जाऊं, कहकर उसने वापस से अपने स्तनों को अपने आँचल से ढक लिया और अपने हाथ आँचल के अंदर करके अपने ब्लाउज के बटन बंद करने की कोशिश करने लगी, लेकिन दर्द से उसके मुँह से चीख निकल गयी आहह। तभी मैंने उसके बूब्स को थामकर उसके ब्लाउज से बाहर निकाल दिए और फिर एक झटके में उसके आँचल को उसकी छाती से हटा दिया, तभी उसने मेरी तरफ देखा। फिर मैंने अपनी जगह से उठकर कैबिन के दरवाजे को लॉक किया और में उसके पास में आ गया।

अब उसने अपना ब्लाउज उतार दिया था, उसके नंगे बूब्स जो कि मेरे भाई की अपनी अमानत थी, अब मेरे सामने मेरे होंठो को छुने के लिए बेताब थे। फिर में अपनी एक उंगली को उसके एक बूब्स के ऊपर से फैरते हुए उसके निप्पल के ऊपर लाया। अब मेरी उंगली का स्पर्श पाकर उसके निप्पल अंगूर के आकार के हो चुके थे। अब में उसकी गोद में अपना सर रखकर लेट गया, उसके बड़े-बड़े दूध से भरे हुए बूब्स मेरे चेहरे के ऊपर लटक रहे थे। फिर उसने मेरे बालों को सहलाते हुए अपने बूब्स को नीचे झुकाया, अब उसका एक निप्पल मेरे होंठों को छु रहा था, मैंने अपनी जीभ बाहर निकालकर उसके निप्पल को छुआ। फिर उसने ऊफफफ्फ जेठ जी, अब आप मुझे इतना मत सताओ, प्लीज इनका रस चूस लो कहकर उसने अपनी छाती को मेरे चेहरे पर टीका दिया। फिर मैंने अपने होंठ खोलकर सिर्फ़ उसके निप्पल को अपने होंठो में लेकर बहुत जमकर चूसा, मीठे दूध की एक तेज धार से मेरा मुँह पूरा भर गया। फिर मैंने उसकी आँखों में देखा, तो उसकी आँखों में शरम की परछाई तैर रही थी। फिर मैंने अपने मुँह में भरे दूध को एक घूँट में अपने गले के नीचे उतार दिया आहहहह। फिर उसने अपने सर को एक झटका दिया, मैंने फिर से उसके निप्पल को ज़ोर से चूसा और फिर से उसके दूध का एक घूँट दूध पीया। अब में उसके दूसरे निप्पल को अपनी उंगलियों से कुरेदने लगा था।

अब उसके मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी ऊह्ह्ह हाँ आह्ह्ह ज़ोर से चूसो और ज़ोर से प्लीज मेरे निप्पल को दाँतों से दबाओ बहुत खुजली हो रही है। अब वो मेरे बालों में अपनी उंगलियाँ फैर रही थी। फिर मैंने अपने दाँतों से उसके निप्पल को ज़ोर से दबाया जिसकी वजह से वो ऊऊईईईईइ की आवाज निकालकर उठ गयी। अब वो अपने बूब्स को मेरे चेहरे पर दबा रही थी, अब उसके हाथ मेरे बालों से होते हुए मेरी गर्दन से आगे बढ़कर मेरी शर्ट के अंदर घुस गये थे। अब वो मेरी बालों से भरी छाती पर अपना एक हाथ फैरने लगी थी और फिर उसने मेरे निप्पल को अपनी उंगलियों से कुरेदा, मैंने उसको पूछा तुम यह क्या कर रही हो? तब उसने कहा कि वही जो तुम मेरे साथ कर रहे हो। अब मैंने उसको छेड़ा और उसको कहा कि में तुम्हारे साथ क्या कर रहा हूँ? उसने कहा कि अपने छोटे भाई की बीवी के बूब्स से दूध पी रहे हो। अब मैंने कहा कि बहुत मीठा है, उसने धत कहकर अपना हाथ मेरी शर्ट से बाहर निकाल लिया और मेरे चेहरे पर झुक गयी। अब इससे उसका निप्पल मेरे मुँह से बाहर निकल गया और फिर उसने झुककर मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और मेरे होंठो के कोने पर लगे दूध को अपनी जीभ से साफ किया। फिर उसने अपने हाथों से वापस से अपने निप्पल को मेरे होंठो पर रख दिया।

अब मैंने अपने मुँह को पूरा खोलकर उसके निप्पल के साथ उसके बूब्स का एक पूरा भाग अपने मुँह में भर लिया और वापस से उसके दूध को चूसने लगा था। फिर कुछ देर के बाद उसके स्तन से दूध आना कम हो गया, तब उसने अपनी निप्पल को दबा दबाकर जितना हो सकता था अपना दूध निचोड़कर मेरे मुँह में डाल दिया और बोली कि अब दूसरा चूसो। अब मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया और फिर अपने मुहं को उसके दूसरे निप्पल के नीचे सेट किया और उसके दूसरे बूब्स को पीने लगा। अब उसके हाथ मेरे पूरे बदन पर चल रहे थे, जिसकी वजह से अब हम दोनों ही बहुत उत्तेजित हो चुके थे। फिर उसने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर मेरी पेंट की चैन पर रख दिया और मेरे लंड पर कुछ देर तक अपना एक हाथ ऐसे ही रखे रखा और फिर उसको अपने हाथों से दबाकर लंड के आकार का जायजा लिया और फिर उसने शरमाते हुए कहा कि बहुत तन रहा है। अब मैंने उसको कहा कि तुम्हारी जैसी सुंदर परी पास में इस अंदाज में बैठी हो तो एक बार तो विश्वामित्र की भी नियत बिगड़ जाए। तभी उसने मेरी पेंट की चैन को खोलते हुए पूछा कि एम्म्म अच्छा और आप? आपके क्या हाल है? फिर मैंने कहा कि तुम इतने कातिल मुड में हो तो मेरी हालत ठीक कैसे रह सकती है?

तभी उसने अपना एक हाथ मेरी पेंट में अंदर करके मेरी अंडरवियर को हटाया और मेरे तने हुए लंड को बाहर निकालते हुए कहा कि देखूं तो सही कैसा लगता है दिखने में? तो वो मेरे मोटे लंड को देखकर बहुत खुश हुई और बोली कि अरे बाप रे कितना बड़ा लंड है आपका? दीदी कैसे लेती है इसे? फिर मैंने उसको कहा कि आ जाओ तुम्हे भी दिखा देता हूँ कि इसे कैसे लिया जाता है? तो उसने शरमाकर कहा कि धत मुझे कुछ नहीं देखना आप बड़े वो हो, लेकिन उसने अपना हाथ हटाने की कोई जल्दी नहीं की थी। फिर मैंने उसके सर को पकड़कर अपने लंड पर झुकाते हुए उसको कहा कि इस पर एक बार चुम्मा तो करो। अब उसने झिझकते हुए मेरे लंड पर अपने होंठ टीका दिए, अब तक उसका दूसरा स्तन भी खाली हो गया था, उसके झुकने की वजह से मेरे मुँह से उसका निप्पल बाहर आ गया। फिर मैंने उसके सर को हल्के से दबाया, उसने अपने होंठो को खोलकर मेरे लंड को जगह दे दी, जिसकी वजह से अब मेरा लंड उसके मुँह में चला गया। फिर उसने दो-तीन बार मेरे लंड को अंदर बाहर किया और फिर उसको अपने मुँह से बाहर निकाल लिया और बोली कि ऐसे नहीं, ऐसे मज़ा नहीं आ रहा है।

Updated: January 29, 2019 — 10:37 pm
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