रूपम की पत्नी की चुदाई-3

hindi sex story अब मैंने उसको कहा कि हाँ अब हमे अपने बीच की इन दीवारों को हटा देना चाहिए, मैंने अपने कपड़ों की तरफ इशारा किया और फिर मैंने उठकर अपने कपड़े उतार दिए। फिर उसको अपनी बाहों में पकड़कर उठाया और उसकी साड़ी और पेटिकोट को उसके बदन से अलग कर दिया, जिसकी वजह से अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे, तभी किसी ने दरवाजे को खटखटा दिया। अब मैंने सोचा कि कौन हो सकता है? फिर हम दोनों ने हड़बड़ी में अपने-अपने कपड़े एक थैली में भर लिए और निशा बर्थ पर सो गयी और मैंने उसके नंगे शरीर पर एक चादर को डाल दिया और इस बीच दो बार दरवाजा बजा। फिर मैंने दरवाजा खोला, तो देखा कि बाहर टी.टी खड़ा हुआ था, उसने अंदर आकर हमारा टिकट चैक किया और कहा कि यह दोनो सीटें खाली रहेंगी, इसलिए आप चाहें तो अंदर से लॉक करके सो सकते है और फिर वो बाहर चला गया। फिर मैंने दरवाजा बंद किया और निशा के बदन के ऊपर से चादर को हटा दिया। अब निशा शरम से अपनी जांघो के जोड़ को और अपने बूब्स को ढकने की कोशिश कर रही थी, मैंने उसके दोनों हाथों को पकड़कर हटा दिया, उसने अपने शरीर को सिकोड़ लिया और कहा कि प्लीज मुझे शरम आ रही है। फिर मैंने उसके ऊपर चढ़कर उसकी चूत पर अपना मुँह रखा, मेरा लंड उसके मुँह के ऊपर था और अब हम दोनों 69 के आसन में थे।

फिर उसने अपने मुँह और पैरों को खोला, तो मेरा लंड एक साथ उसके मुँह में अंदर चला गया और उसकी चूत पर मेरे होंठ सट गये। तभी उसके मुँह से जोर की एक सिसकी निकली आह्ह्ह शिवम जी, आप यह क्या कर रहे हो? मेरा बदन जलने लगा है, पंकज ने कभी इस तरह से मेरी चूत पर अपनी जीभ नहीं डाली है। अब उसके पैर छटपटा रहे थे, उसने अपने दोनों पैरों को हवा में उठा दिया था और मेरे सर को उत्तेजना में अपनी चूत पर दबाने लगी थी। अब में उसके मुँह में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा था, मेरे होंठ उसकी चूत की फांकों को अलग कर रहे थे और मेरी जीभ उसकी चूत के अंदर घूम रही थी। अब वो पूरी तन्मयता से अपने मुँह में मेरे लंड को जितना हो सकता था उतना अंदर ले रही थी। अब बहुत देर तक इसी तरह से 69 आसन में एक दूसरे के साथ मुख मैथुन करने के बाद हम दोनों आखिर में एक साथ खल्लास हो गये थे। अब उसका मुँह मेरे रस से पूरा भर गया था, उसके मुँह से छुकर मेरा रस एक पतली धार के रूप में उसके गुलाबी गालों से होता हुआ उसके बालों में जाकर खो रहा था। फिर में उसके शरीर के ऊपर से उठा, तब वो भी उठकर बैठ गयी।

अब हम दोनों एकदम नंगे थे और हम दोनों का शरीर पसीने से लथपथ था, दोनों एक दूसरे से लिपट गये और हमारे होंठ एक दूसरे से ऐसे चिपक गये थे, मानो अब कभी भी ना अलग होने की कसम खाली हो। फिर हम दोनों कुछ मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे के होंठो को चूमते रहे, हमारे होंठ एक दूसरे के बदन पर घूमने लगे थे। तभी मैंने निशा से कहा कि अब आ जाओ, वो बोली कि जेठ जी थोड़ा संभलकर, अभी अंदर नाज़ुक है और आपका बहुत मोटा है, कहीं कोई जख्म ना हो जाए। फिर मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है, चलो बर्थ पर अपने हाथों और पैरों के बल झुक जाओ इससे ज़्यादा अंदर तक जाता है और दर्द भी कम होता है। तभी निशा तुरंत उठकर बर्थ पर अपने हाथों और पैरो के बल हो गयी, मैंने पीछे से उसकी चूत पर अपना लंड सटाकर एक हल्का सा धक्का मार दिया। अब उसकी चूत गीली तो पहले से ही हो चुकी थी, मेरे एक धक्के में ही मेरे लंड के आगे का टोपा अंदर घुस गया। अब एक बच्चा होने के बाद भी उसकी चूत बहुत टाईट थी, वो दर्द से आआहह कर उठी थी। फिर में कुछ देर के लिए उसी पोजिशन में शांत खड़ा रहा, कुछ देर के बाद जब उसका दर्द कम हुआ तब निशा ने ही अपनी गांड को पीछे धकेला ताकि मेरा लंड पूरा अंदर चला जाए।

तभी उसने कहा कि डालो ना, रुक क्यों गये? फिर मैंने कहा कि तुम्हें दर्द हो रहा है इसलिए। अब उसने कहा कि इस दर्द का मज़ा तो कुछ और ही होता है, आख़िर इतना बड़ा है तो दर्द तो करेगा ही। अब वो भी मेरे धक्कों का साथ देते हुए अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी थी, में पीछे से शुरू-शुरू में संभल संभलकर धक्के मार रहा था, लेकिन कुछ देर के बाद में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा था। अब मेरे हर धक्के से उसके दूध से भरे स्तन उछल-उछल जाते, मैंने उसकी पीठ पर झुकते हुए उसके दोनों स्तनों को अपने दोनों हाथों से थाम लिया, लेकिन मसला नहीं, नहीं तो उसके दूध की धार से पूरा बर्थ भीग जाता। फिर बहुत देर तक उसको वैसे ही लगातार धक्के मारने के बाद उसने अपने सर को ज़ोर-ज़ोर से झटकना चालू किया आहह, शिवम तुम इतने दिनों से कहाँ थे? ऊऊह्ह्ह्ह आईईई में मर जाउंगी, मुझे मार डालो ऊओफ्फ्फ्फ़ मुझे मसल डालो। अब उसकी चूत से रस की पिचकारी निकलने लगी थी, कुछ देर तक धक्के मारने के बाद मैंने उसको सीधा लेटा दिया और अब में ऊपर से धक्के मारने लगा था। तभी उसने कहा कि अह्ह्ह अब मेरा गला सूख रहा है, उस समय उसका मुँह खुला हुआ था और उसकी जीभ लगातार अंदर बाहर हो रही थी।

फिर मैंने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर पानी की बोतल उठाई और उसको दो घूँट पानी पिलाया, उसने पानी पीकर मेरे होंठो पर एक चुम्मा किया और बोली कि चोदो शिवम और जोर से चोदो, जी भरकर चोदो मुझे आज तुम मेरी इस आग को शांत कर दो कर दो इसको आज तुम पूरी तरह से ठंडा इसने मुझे बड़ा परेशान किया है। अब में ऊपर से जोर-जोर से धक्के लगाने लगा, बहुत देर तक धक्के मारने के बाद मैंने रस में डूबे अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और सामने वाली सीट पर अपनी पीठ के बल लेट गया और उसको बोला कि आजा मेरे ऊपर। फिर निशा उठकर मेरी बर्थ पर आ गयी और उसने अपने घुटने मेरी कमर के दोनों तरफ रखकर अपनी चूत को मेरे लंड पर सेट करके धीरे-धीरे मेरे लंड पर बैठ गयी। अब वो मेरे लंड की सवारी कर रही थी, मैंने उसके निप्पल को पकड़कर अपनी तरफ खींचा, वो मेरे ऊपर झुक गयी। फिर मैंने उसके निप्पल को सेट करके दबाया, तब उसके बूब्स से दूध की एक धार मेरे मुँह में जा गिरी। अब वो मुझे चोद रही थी और में उसका दूध निचोड़ रहा था और बहुत देर तक मुझे चोदने के बाद वो चीखकर मुझसे कहने लगी कि शिवम मेरा अब निकलने वाला है, तुम मेरा साथ दो, मुझे भी अपने रस से भीगो दो और फिर हम दोनों साथ-साथ झड़ गये।

फिर वो बहुत देर तक मेरे ऊपर लेटी हुई लंबी-लंबी साँसे लेती रही उसका पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था और हम दोनों ही बड़े थके हुए थे। फिर जब वो कुछ देर बाद शांत हुई तब वो उठकर सामने वाली सीट पर लेट गयी। दोस्तों हम दोनों पूरे रास्ते नंगे ही एक दूसरे को प्यार करते रहे, लेकिन उसने दुबारा से मुझे उस दिन और चोदने नहीं दिया। अब उसकी बच्चेदानी में हल्का-हल्का दर्द हो रहा था, लेकिन उसने मुझे आश्वासन दिया कि आज तो में आपको दोबारा अपनी चुदाई करने का मौका नहीं दे सकती, लेकिन मुझे दुबारा जब कभी भी कोई अच्छा मौका मिलेगा, तब में आपको अपने अंदर निचोड़ लूँगी और हाँ अगली बार मेरे पेट में देखते है दोनो भाइयों में से किसका बच्चा आता है? फिर उस यात्रा के दौरान कई बार मैंने उसके दूध की बोतल पर जरूर अपना हाथ साफ किया और बड़े मज़े से उसके निप्पल को चूस चूसकर खाली किया मैंने उस पूरे सफर में उसके साथ बड़ा मज़ा किया। दोस्तों मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालों को मेरा यह सच्चा चकित कर देने वाला सेक्स अनुभव जरुर पसंद आएगा और अब मुझे जाने की आज्ञा दे में दोबारा जरुर आप सभी के लिए अपना दूसरा अनुभव लेकर जरुर आऊंगा ।।

Updated: January 29, 2019 — 10:37 pm
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