सुनील की सेक्स कहानी-2

hindi sex story क्या में इसे थोड़ा सहलाके देखूं और कितना बड़ा हो सकता है?”यह बोलकर माँ ने झट से मेरा लंड अपने हाथ मे ले लिया और उसे घिसने लगी जिससे की वो बिल्कुल खड़ा हो गया. अब माँ बोली, “ बेटा तेरा लंड क्या हमेशा इतना बड़ा रहता है? में बोला, नही माँ तेरी गांड देख कर ऐसा हो गया है. माँ अरे शैतान तेरा लंड अपनी माँ की गांड देख कर बड़ा हो गया है. में तुझे मज़ा चखाती हूँ. यह बोल माँ ने मेरा लंड अपने मुँह के पास ले गयी और लंड की टोपी को चूसने लगी. में तड़प उठा. माँ हंसकर बोली, “तुझे आज में पूरा मज़ा चखाती हूँ.”फिर माँ ने मेरे पूरे लंड को अपने मुहँ मे ले लिया और धीरे धीरे चूसने लगी साथ ही मेरे अन्डो (बॉल्स) को हाथों से मसलने लगी. अब माँ ने मेरा पूरा लंड अपने मुहँ मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से अपना मुहँ ऊपर नीचे करने लग गई. में अपना लंड माँ के मुहँ से बाहर आते और अंदर जाते हुए देखने लगा. फिर माँ ने मेरे लंड को निकाल कर मेरे अन्डो से खेलने लगी और उन्हे चाटने लगी फिर अचानक से पुरे थैले को मुँह मे लेकर चूसने लगी. में सुख से कराह उठा. थोड़ी देर ऐसा ही चलता रहा और फिर माँ मेरे पास लेट गयी और मैने उसके बोबो को मुहँ मे लेकर चूसना शुरू कर दिया. साथ ही मैने अपना दूसरा हाथ माँ के साड़ी के अंदर डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा. माँ की चूत से पानी निकल रहा था. माँ बोली, “अरे बेटे मेरे लाल ज़रा मेरे नीचे वाले होठों को चूस कर मुझे मज़ा दे मेरी जवानी का चल अपनी माँ की साड़ी उतार कर नंगा कर दे.

मुझसे रहा नही गया और मैने झट से उसकी साड़ी उतार दी और उसे नंगा कर दिया. माँ ने अपने पैर फैला दिए थे और मेरा सर उसकी चूत की तरफ खिचने लगी. में जल्दी से उसकी चूत को चाटने लगा. उसकी चूत बहुत फूली हुई थी और उसकी चूत के होठ एकदम खुले हुए थे. उसमे से उसका रस भी निकल रहा था. मैने अपना मुहँ उसकी चूत पर लगा दिया और उसके चूत के होठों को फैला कर उसकी चूत के अन्दर भी अपनी जीभ घुसा दी और उसे अपनी जीभ से चोदने लगा. माँ को बहुत मज़ा आ रहा था. उस पर बाल नही थे मैने पूछा माँ तुम्हरे बाल क्यो नही है बेटा ऐसे ही नहीं हे इस पर घास नहीं उगती, तुम्हारी माँ की ये सड़क भी तो चलती ही रहती है.
थोड़ी देर बाद माँ बोली, अब तू लेट जा और में तेरी सवारी करती हूँ. में जल्दी से लेट गया और माँ मेरे दोनो तरफ अपने पैर फैला कर मेरे लंड के ऊपर धीरे धीरे बैठने लगी. जल्दी ही मेरा तना हुआ लंड माँ की चूत मे था. उसकी गरम चूत मुझे बहुत गर्म कर चुकी थी. इसके बाद माँ धीरे धीरे मेरी सवारी करने लगी और आगे पीछे होने लगी. दस मिनिट तक माँ मुझे चोदती रही और फिर झड़ गयी. अब मैने माँ को लिटाया और जल्दी से उसकी चूत मे अपना लंड डाल दिया और उसे घपाघप चोदने लगा. माँ अपनी गांड उछाल उछाल के मेरा साथ देने लगी. माँ ने अपने पैर पूरे फैला दिये जिससे की में पूरी तरह उसकी चूत मे लंड डाल सकूँ. मेरा थैला उसकी चूत से टकराने लगा और माँ मज़े से चुदवाती रही. करीब बीस मिनिट तक लंड पेलने के बाद मुझे लगा में झड़ने वाला हूँ और माँ भी समझ गयी तो उसने मुझे अपने अंदर ही झड़ने के लिये बोल दिया और में वैसे लंड पेलते हुए उसके अन्दर झड़ गया.

फिर में माँ से पूछने लगा की किस किस से चूत ढीली करवाई है तो माँ बोली एक तो तेरे नाना जब में 14 साल की थी वो धमाधम चोदते थे. मेरे चारो भाई और जब में मार्केट जाती तो एक या दो से ढीली करवा आती वो मुझे याद नही, पर बेटा आज तक एक भी दिन नही गया जब मेरी चूत में कुछ ना गया हो लंड नही तो मूली,
फिर मैने माँ से पूछा कभी गांड मरवाई है, माँ नही वो मरवानी भी नही. मैने कहाँ में मारना चाहता हूँ वो बोली मुझे मेरे पिया की कसम कभी नही करना वैसा मुझे, में बोला.में तो बस ऐसे ही पूछ रहा था माँ

2 दिन बाद में और माँ सेक्सी मूवी देख रहे थे उसमें लड़का लड़की को उल्टा कर उसके हाथ बेड की एक साइड बाँध दिया फिर उसकी चुदाई की तभी मेरे दिमाग़ में आइडिया आया माँ की गांड की धज्जियाँ उड़ा दुगां. मैने माँ को वैसे ही सेक्स करने को कहाँ वो तो तैयार बैठी थी, मैने माँ के हाथ बेड के आगे और पैर पीछे बांध कर उसे फ्लाईगं सूपरमैन की पोज़िशन में किया ताकि में गांड मार सकूं, मेंने माँ की चूत में उंगली डाली गीली थी में वहाँ से ही पानी उस की गांड में लगाने लगा और बीच की उंगली घप से डाल दी. माँ को चाल समझ आ गई बोली, कुत्ते गांड का ख्याल दिमाग से निकाल दे, मै लंड पर तेल की मालिश करने लगा माँ की आँखों में डर के आंसू आ गये. 8 इंच का लंड गांड का छेद सदा के लिये खोल देगा,

मैने कहाँ लंड के लिये रेडी हो जा माँ, नही बेटा ऐसा नहीं करते, में लंड को छेद पर रख कर एक तूफ़ानी झटका मारा और अन्डो तक मेरा लंड माँ की गांड मे धँस दिया, वो चिड़िया की तरह झटपटा उठी उसके मुहँ से खुल के चीख निकली आआआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई में सारा लंड माँ की गांड में डाल कर 16 मिनिट तक वैसे ही लेटा रहा और माँ के चुप होने का इंतज़ार करता रहा, 15 मिनिट बाद वो सिर्फ धीरे धीरे ही रो रही थी फिर में धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, वो फिर रोने लगी मैने 1 घंटे तक माँ की गांड मारी जब मेरा होने वाला होता तब में थोड़ी देर रुक जाता और अपनी उंगली डाल देता जब मैने गांड से लंड बाहर निकाला मुझे माँ पर तरस आ गया माँ की गांड का छेद 2 रुपये के सिक्के जितना बड़ा हो गया था. और बेड पर थोड़ा खून भी गिर रहा था. उस रात माँ की 6 बार गांड मारी माँ ने पेशाब भी बेड पे ही कर दिया. 3 दिन तक माँ टॉयलेट नही जा पाई 2 दिन तक छेद पर उंगली रखती और कहँती हराम के देख कितनी खोल के रख दी. मैने कहाँ सॉरी माँ, फिर धीरे धीरे माँ को भी गांड चुदवाने में मजा आने लगा.धन्यवाद …

Updated: March 23, 2019 — 10:42 pm
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