थ्रीसम का मजा लिया

antarvasna हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कर्तिका है, में 22 साल की हूँ और बेंगलूर में काम करती हूँ। मेरी ये कहानी बेंगलूर से दिल्ली संपर्क क्रांति ट्रेन में घटती है, ये कहानी काफ़ी हद तक सच्ची है लेकिन में इस स्टोरी को थोड़ी और इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए कुछ एक्सट्रा भी जोड़ रही हूँ। ये घटना मेरी, ट्रेन के स्ट्रेंजर और मेरे कज़िन भाई के बीच में घटती है। ये ट्रेन बेंगलूर से रात को चलती है और दिल्ली अगले से अगले दिन सुबह पहुँचती है। अब में आपका समय ख़राब ना करती हुई सीधी कहानी पर आती हूँ मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है, रंग गोरा, फिगर साईज 36-28-38 है। उस स्ट्रेंजर का नाम आयुष है और वो 6 फुट का था और उसका लंड 8 इंच का था और उसकी उम्र 20 साल थी। मेरे कज़िन का नाम अक्षत है, उसकी उम्र 18 साल है, उसने अभी 12वीं पास की थी, उसकी हाईट 5 फुट 5 इंच है, उसका लंड 6 इंच का है।

में सफ़र करते समय थोड़ा रिलेक्स रहना पसंद करती हूँ तो मैंने एक टॉप और नीचे लॉन्ग स्कर्ट पहना था और उन दोनों लड़को ने जीन्स और टी-शर्ट पहना हुआ था। हमारा कोच IInd ए.सी में था, संपर्क क्रांति में एक कोच में आधे Ist क्लास ए.सी होते है और आधे में IInd क्लास ए.सी होते है, हमारा कोच वही वाला था। मेरा टॉप ब्लेक कलर का था और स्कर्ट ब्लू कलर की थी, अब हम लोग सब ट्रेन में बैठ चुके थे। फिर ट्रेन स्टार्ट हुई तो सब लोनों ने सबसे पहले अपना खाना खाया और तभी सबसे थोड़ी बातचीत हुई। ये लड़का आयुष मेरे ही कॉलेज का था और अभी अपना IIIrd ईयर कंप्लीट करके वापस जा रहा था, अब हम दोनों के बीच में कॉलेज की बहुत बातें होने लगी थी।

अब करीब रात के 11 बजे पूरी ट्रेन के यात्री सो चुके थे बस हम दोनों जागकर बातें कर रहे थे। हम दोनों का ही लोवर बर्थ था, अब मेरा भाई भी सो चुका था, अब हम दोनों को ही बातें करने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर करीब रात के 12 बजे हम दोनों को ही बहुत ठंड लगने लगी तो हमने सोचा कि कंबल ओढ़ लेते है। अब हम दोनों एक ही कंबल लेकर बैठने लगे तो कंबल ओढ़ते समय उसका हाथ मेरे बूब्स पर टच हो गया, तो उसने तुरंत सॉरी बोला, तो में उसे स्माइल देने लगी। वो लड़का हॉट था और मुझे अच्छा भी लगने लगा था, अब उसके बाद हम और बातें कर रहे थे। फिर करीब 1 बजे हमने सोचा कि अब लेटकर बातें करते है तो हम दोनों एक ही बर्थ पर लेट गये। अब लेटने से मेरा टॉप उसके नीचे दब गया था और थोड़ा नीचे खींच गया था, जिससे मेरी क्लीवेज दिखने लगी और मेरी ब्रा स्ट्रेप्स भी दिखने लगी थी, मैंने पिंक कलर की ब्रा पहनी थी।

फिर उसने तब तो ध्यान नहीं दिया, लेकिन थोड़ी देर के बाद शायद हल्की लाईट आई जब उसे दिखा तो वो बोला कि वाऊ, तो में फिर से उसे स्माइल देने लगी। तब उसने मुझे एकदम से हग किया और अपना मुँह मेरी गर्दन पर रगड़ने लगा। तो मैंने भी पॉज़िटिव रेस्पॉन्स दिया और अपना एक हाथ उसकी पीठ पर ले जाकर रख दिया और अपना दूसरा हाथ उसके सिर पर रखा और अपनी तरफ पुश किया। अब बहुत करीब होने के कारण में उसका लंड महसूस कर पा रही थी और गर्म भी हो रही थी। फिर हम दोनों ने स्मूच करना स्टार्ट किया, अब उसने मेरी लॉन्ग स्कर्ट को मिनी स्कर्ट बना दिया था। अब उसे मेरे बूब्स दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था, फिर उसके बाद उसने मेरी टी-शर्ट के अंदर से ही मेरी ब्रा को अनहुक कर दिया और मेरी ब्रा थोड़ी नीचे कर दी। फिर उसने मेरे टॉप को नीचे खींचा और मेरा एक बूब्स बाहर निकालकर चाटने लगा। अब मेरी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी, फिर मैंने भी उसकी टी-शर्ट पूरी खोल दी और उसकी जीन्स भी उतार दी, अब वो सिर्फ़ चड्डी में था।

फिर उसके बाद हम दोनों कंबल में आ गये और फिर उसने अपनी चड्डी भी उतार दी। अब मेरी स्कर्ट पूरी ऊपर थी और मेरा एक बूब्स बाहर निकला हुआ था। फिर उसने मेरी पेंटी के ऊपर अपना लंड रगड़ना शुरू किया। अब मेरी पेंटी बहुत गीली हो चुकी थी, फिर मैंने उससे पूछा कि अगर कंडोम है तो लगा लो प्लीज। तो उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि ट्रेन में मेरी जैसी हॉट मिलने वाली है और मेरे पास कंडोम भी नहीं है। फिर उसने मेरी चड्डी को थोड़ा साईड में किया और अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया। वो वर्जिन था, उसने पहली बार अपना लंड घुसाया तो वो एकदम एग्जाइटेड हो गया और अपना लंड काफ़ी देर तक बाहर नहीं निकाला। फिर फाइनली 45 सेकेंड के बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला और फिर से मेरी चूत में घुसाया। में तो इससे पहले भी कई बार सेक्स कर चुकी थी। फिर करीब 7-8 धक्को के बाद ही उसका स्पर्म निकल गया। लेकिन में अभी तक सॅटिस्फाइड नहीं हुई थी तो हमने सोचा कि यहाँ सेक्स करना तो मुश्किल है और इसलिए हम लोगों ने फिर टायलेट में जाकर सेक्स करने का डिसाइड किया।

फिर हम दोनों टायलेट में जाकर पूरे नंगे हो गये। फिर उसने मुझे घुमाया और मेरी गांड पर ज़ोर से स्पॅंक किया और फिर मुझे दीवार से चिपका दिया और पीछे से अपना लंड घुसाया। इस बार वो थोड़ा ज़्यादा देर तक टिक पाया था, लेकिन अभी भी मुझे संतुष्टी नहीं मिल पाई थी तो हमने वैसे ही एक और राउंड किया और इस बार मुझे उससे पहले ऑर्गॅज़म आ गया। फिर उसके बाद उसने मेरी चूत में बहुत फिंगरिंग की और मैंने स्क्वर्ट कर दिया, अब बस मुझे थोड़ा प्रेग्नेंट होने का डर लग रहा था। फिर अगले दिन सुबह-सुबह हम लोग उठे और उसके बाद हमने वॉशरूम किया और फिर हम बातें करने लगे। फिर करीब 11 बजे हमें पता चला कि Ist ए.सी का एक कैबिन पूरा खाली है, तो फिर हम दोनों पूरा प्लान बनाकर 1 बजे के आस पास वहाँ चले गये।

फिर हम दोनों ने किस किया और वो मेरे ऊपर लेटकर मुझे स्मूच करने लगा। अब उसके बाद वो मेरी स्कर्ट में अपना मुँह घुसाकर मेरी चूत चाट रहा था और अब उसने मेरी पेंटी ज़मीन पर गिरा दी थी। अब उसकी जीभ मेरी चूत में थी और अपनी एक उंगली मेरी गांड में अंदर बाहर कर रहा था और अब मेरे बूब्स कल की तरह मेरे टॉप से बाहर थे। फिर उसी समय मेरा भाई मुझे ढूंढता हुआ वहाँ आ गया और उसने हमें वहाँ देख लिया। अब वो गुस्सा होने लगा था और बोला कि ताऊ जी और ताई जी को और घर में सबको बताऊंगा। तो अब में बहुत डर गई और रोने लगी थी, फिर आयुष ने भी उसे काफ़ी समझाया लेकिन वो नहीं मान रहा था। फिर आयुष ने गुस्से में उसका गला पकड़ लिया और उसे धक्का दे दिया और सीट पर गिरा दिया और बोला कि तू भी चोद ले नाटक क्यों कर रहा है? अब वो मुझे देखने लगा था।

फिर मैंने सोचा कि अब बचाव का यही तरीका है तो में उसके पास जाकर बैठ गई। अब वो मेरे बूब्स दबाने लगा था, अब मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था लेकिन मज़ा भी आ रहा था। फिर हम दोनों खड़े हो गये और वो मुझे स्मूच करने लगा। अब मेरा भाई मेरे आगे था और आयुष पीछे से मेरे बूब्स दबा रहा था। फिर उन दोनों ने मेरे पूरे कपड़े उतार दिए, तो मैंने भी उन दोनों के पूरे कपड़े उतार दिए थे। फिर में नीचे ज़मीन पर बैठ गई और उन दोनों के लंड चूसने लगी। अब में एक बार भाई का लंड, तो एक बार आयुष का लंड चूस रही थी और अपने दोनों हाथों से उनकी बॉल्स से खेल रही थी। फिर मेरे भाई ने 2 मिनट में ही अपना स्पर्म निकाल दिया और आयुष का स्पर्म निकलने में 6-7 मिनट लगे। अब मेरे पूरे मुँह पर उन दोनों का स्पर्म था। फिर उसके बाद उन दोनों ने मिलकर मुझे खूब चोदा। अब उस दिन और रात मिलाकर मैंने 10 बार सेक्स किया और फिर आयुष ने मेरी ब्रा और पेंटी अपने पास ही रख ली और हम तीनों ने पूरे सफ़र में खूब मजे लिए।

Updated: October 30, 2018 — 10:59 pm
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