ट्रेन में हुई तीन बार चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सन्नी है और में पंजाब से हूँ, मेरी उम्र 24 साल है और मेरा लंड 7 इंच का है और मुझे 18 से 50 साल तक की लेडीस को चोदने में मज़ा आता है, ख़ासकर कि शादीशुदा औरतों को चोदने में ज्यादा मजा आता है. अब बिना देर किए हम कहानी पर आते है, ये बात अब से एक महीने पहले की है. में ट्रेन में अपने फ्रेंड्स के साथ एक टूर पर जा रहा था और कुछ 2-3 स्टेशन के बाद एक लड़की ट्रेन में चढ़ी और मेरे पास आकर खड़ी हो गई, क्योंकि वहाँ पर बैठने के लिए सीठ नहीं थी, लेकिन फिर अगले ही स्टेशन पर मेरे सामने वाली सीठ खाली हो गई और वो उस पर बैठ गई, उसके साथ उसकी एक छोटी बेटी भी थी जो कि करीब 3-4 साल की होगी.

फिर थोड़ी देर के बाद उसकी बेटी मेरे साथ खेलने लगी और में भी उसके साथ खेलने लगा और इसी दौरान मेरी उससे बातचीत शुरू हुई और पता चला कि उसे मुझसे भी बहुत दूर जाना है. फिर थोड़ी देर हम यूँ ही इधर उधर की बातें करते गये और बातों-बातों में पता चला कि उसके पति की 2 साल पहले मौत हो चुकी है और वो अपने मायके से ससुराल जा रही थी. फिर थोड़ी देर के बाद जब शाम ढलने लगी और मुझे भूख भी लग रही थी, तो मैंने उससे कुछ खाने के बारे में पूछा.

फिर उसने कहा कि नहीं में खाना घर से ही बनाकर लाई हूँ, वैसे अगर आप चाहो तो आप भी मेरे साथ ही खाना खा सकते हो तो फिर हमने साथ ही में खाना खाया, जो वो घर से बनाकर लाई थी. फिर जब रात हुई तो वो इधर उधर सोने के लिए सीठ देखने लगी तो मैंने अपने दोस्तों से कहा कि वो अपनी सीठ छोड़ दें, क्योंकि उसे अपनी बेटी को वहाँ पर सुलाना है तो मेरे दोस्तों ने सीठ खाली कर दी.

फिर अब वो मेरे सामने वाली सीठ पर अपनी बेटी के साथ ही लेट गई और अब में भी अपनी आखें बंद करके अपनी सीठ पर ही लेट गया. फिर थोड़ी देर के बाद जब में बाथरूम करने गया तो मैंने बाथरूम का दरवाज़ा खोलते ही मेरी आखें ये नज़ारा देखकर फटी की फटी रह गई कि वो बाथरूम में बिना लॉक लगाये कपड़े चेंज कर रही थी.

उस वक्त वो ब्रा और पेंटी में थी और उसको इस हालत में देखकर मेरा मन मचलने लगा. अब मैंने पीछे से जाकर धीरे से दरवाज़ा लॉक कर दिया और उसे पकड़ लिया. पहले तो वो थोड़ा सा घबरा गई, फिर वो कहने लगी कि ये क्या कर रहे हो, ये ग़लत है? लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी ब्रा खोल दी और उसके बूब्स को चूसने लगा. अब उसने मुझे ज़ोर से पकड़ रखा था, लेकिन जैसे ही मैंने उसकी चूचीयों को अपने मुँह में लिया तो अब उसकी पकड़ धीरे-धीरे कमज़ोर होने लगी, मानो अब उसे मज़ा आ रहा हो.

फिर भी वो धीमी आवाज़ में कहने लगी आआआआआआआआहह ये क्या कर रहे हो? छोड़ दो कोई देख लेगा, आआआआआहह कहीं कोई आ ना जाए? लेकिन फिर मैंने उसकी पेंटी को उतारा और उसकी चूत को चाटने लगा. अब में अपनी ज़ुबान को उसकी चूत पर रगड़ रहा था और अंदर बाहर कर रहा था. उसको तो अब मानो सेक्स चढ़ गया था.

अब वो धीमी सी आवाज़ में कहने लगी कि धीरे-धीरे थोड़ा धीरे आआहह आआआआहह, अब थोड़ी ही देर में वो झड़ गई. फिर में उसकी चूचीयों को दबाने लगा और अब वो आहें भरने लगी थी ऊऊहह आआआअहह. आज से पहले कभी मुझे इतना मज़ा नहीं आया था और फिर उसने अपने हाथों से मेरे कपड़े उतारे और अब में सिर्फ़ अंडरवियर में वहाँ पर खड़ा था. तभी उसने अपना हाथ मेरी अंडरवेयर में डालकर मेरा लंड बाहर निकाला, जो अब तक बाहर आने के लिए झटपटा रहा था और जैसे ही ये उसकी आखों के सामने आया तो वो मेरा लंड हाथ में पकड़ कर बोली, वाऊ ये तो कितना बड़ा है? आज ये बुझायेगा मेरी प्यास और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, वाह क्या मज़ा आ रहा था?

अब उसके नर्म होंठ मेरे लंड को मसाज दे रहे थे. फिर थोड़ी देर के बाद में उसकी चूत में उंगली डालकर हिलाने लगा और वो सिसकियाँ भरने लगी और कहने लगी आआआहह बस्सस्स अब और मत तड़पाओ, अब मुझे चोद दो और नहीं रहा जाता, आज की रात ये जिस्म तुम्हारी गुलामी करेगा. फिर मैंने अपनी पेंट की जेब में से कंडोम निकाला और लंड पर चढ़ाकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब मेरा लंड उसकी चूत में था और ये मेरी ज़िंदगी का एक बेहतरीन अनुभव था, अब मेरा लंड एक ऐसी लड़की की चूत में था जो ट्रेन में सफ़र कर रही थी और उसकी चूत की गर्मी मेरा जोश बढ़ा रही थी. अब वो सिसकियाँ भर रही थी, आममममममममम आज तक तुम कहाँ थे? आआआआआहह और ज़ोर से और ज़ोर से आआआआहह.

अब में उसे पूरे जोश के साथ चोद रहा था और साथ-साथ उसकी चूचीयों को भी दबा रहा था. फिर थोड़ी ही देर के बाद वो ज़ोर-ज़ोर से आहें भरने लगी हममम्मम्मम आआआअहह आआआआआहह और ज़ोर से और जोर से आआआअहह और फिर वो झड़ गई. अब वो मेरा लंड भूखी शेरनी की तरह चूसने लगी थी, अब वो मेरा लंड ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगी और फिर उसने कहा कि इसे अब मेरी गांड में डाल दो, तो फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में डाल दिया और उसको पीछे से चोदने लगा. एक बार तो वो चिल्ला उठी. अब उसका मुँह बंद करने के लिए मैंने पहले उसके मुँह पर हाथ रख दिया और फिर उसके होंठो को चूसने लगा. अब में उसे और जोश से चोदने लगा था और अब वो भी अपनी गांड उठा-उठा कर चुदवा रही थी, आआआअहह आआआआआहह फाड़ दो इसे आआअहह, अब में झड़ने वाला था.

फिर उसने कहा कि में इसे पीना चाहती हूँ तो मैंने अपने लंड का सारा का सारा माल उसके मुँह में निकाल दिया. फिर उस रात मैंने 3 बार उसकी चुदाई ट्रेन में ही की.

Updated: July 23, 2016 — 8:21 am
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