वकील की बीवी की चाबी

हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम सूरज है और एक बार फिर से आप सभी के सामने एक और कहानी लेकर आया हूँ.. में अपने पाठकों को बता दूँ कि मेरा नाम सूरज है और में मुंबई का रहने वाला हूँ.. मेरी उम्र 21 साल है और में एक कॉलेज से इंजिनियरिंग कर रहा हूँ.

दोस्तों यह बात कुछ 6 महीने पहले की है हर रोज़ में सुबह 8:30 बजे कॉलेज के लिए निकल जाता हूँ और फिर शाम को 04:00 बजे आता हूँ. मेरे सामने के फ्लेट में मिस्टर शर्मा रहते है और वो पेशे से एक वकील है और उनकी एक मस्त सेक्सी सी वाईफ है उसका नाम नेहा है जो कि उनकी दूसरी वाईफ है. शर्मा जी की उम्र लगभग कोई 40 के पास होगी और भाभी जी की उम्र कोई 25 के पास होगी. वो बड़ी ही प्यारी सी सेक्सी सी है और कॉलोनी के ही एक स्कूल में टीचर है.. वो सुबह 8:00 बजे स्कूल जाती है और 1:00 बजे घर पर लौटकर आ जाती है. जब वो सुबह स्कूल जाती है तो रोज़ में उनको देखता हूँ और वो एक बार मुझे देखकर हल्की सी मुस्कान ज़रूर देती है और लगातार पिछले एक साल से ऐसा ही चल रहा था.

फिर एक दिन जब वो सुबह स्कूल जा रही थी तो में अपने गेट पर खड़ा हुआ था और वो अपने गेट पर ताला लगा रही थी. तभी मेरा टावल खुल गया और मैंने टावल के अंदर कुछ नहीं पहना हुअ था. तो वो मुझे देखकर हल्का सा मुस्कुराई और चली गयी.. लेकिन उस दिन के बाद कुछ दिन तक मेरा और उनका कोई आमना सामना नहीं हुआ. फिर एक दिन मेरे कॉलेज की छुट्टी थी तो में घर पर आराम से सोकर उठा और सिगरेट पीने के लिए बिल्डिंग से बाहर जा रहा था. तो मैंने देखा कि वो बाहर झाड़ू लगा रही है.. शायद उस दिन उनकी नौकरानी काम पर नहीं आई थी और उसने एक छोटी सी टी-शर्ट और छोटी वाली जीन्स पहन रखी थी.

फिर जब वो झुककर झाड़ू लगा रही थी तो उसके मस्त बूब्स साफ साफ दिखाई दे रहे थे और जब मैंने उनको देखा तो देखता ही रह गया.. उस वक़्त वो बहुत मस्त लग रही थी. तभी में उसको छूता हुआ वहां से निकल गया और उसने मुझे एक हल्की सी मुस्कान दी. तो मुझे लगा कि यहाँ पर मेरा कुछ काम बन सकता है और कुछ दिन के बाद एक दिन में दोपहर को कलेज से घर पर आया तो भाभी जी अपने फ्लेट के बाहर खड़ी थी.. मैंने उनको पूछा कि क्या हुआ भाभी जी? तो उन्होंने कहा कि मेरे फ्लेट की चाबी कहीं पर खो गयी है और आपके भाई साहिब भी किसी कंपनी के काम से नेनिताल गये है. तो मैंने उनको बोला कि आप मेरे फ्लेट में आ जाओ.. में कुछ देर के बाद किसी चाबी वाले को ले आऊंगा और तब वो मेरे घर में आ गई. फिर हम दोनों ने एक साथ मिलकर कोल्ड ड्रिंक पी और उसके बाद में बाथरूम में चला गया. तभी भाभी जी ने टीवी चालू कर दिया.. उसमे मैंने सीडी पर ब्लूफिल्म लगा रखी थी.

फिर टीवी चालू करते ही ब्लूफिल्म शुरू हो गयी और जब में बाथरूम से बाहर आया तो मैंने देखा कि भाभी जी वो ब्लू फिल्म बड़े ध्यान से देख रही है और वो मुझे देखते ही बोली कि यह कैसी कैसी फिल्म देखते हो? फिर में उनको सॉरी बोला और टीवी को बंद कर दिया और मार्केट से एक चाबी बनाने वाले को लेकर आया और उनका ताला खुलवा दिया. फिर उसी शाम को भाभी जी ने मेरी डोर बेल बजाई तो मैंने दरवाजा खोला और उनको अंदर आने को कहा.. वो अंदर आकर सोफे पर बैठ गई. फिर वो बोली कि सूरज आज शाम को तुम क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं बस खाना खाकर सोना ही है. तभी वो बोली कि आज शाम का खाना आप मेरे साथ ही खा लो.. आप भी अकले हो और में भी अकेली हूँ.. हो सकता है मुझे आपका कुछ साथ मिल जाए. तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर में उनके फ्लेट पर चला गया और वो कुछ देर मुझसे इधर उधर की बातें करने के बाद किचन में खाना बनाने चली गई. में ड्रॉयिंग रूम में बैठा था और चुपके से उनको देख रहा था.

तभी वो पीछे मुड़कर मुझे देखते हुए बोली कि सूरज क्या देख रहे हो? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं? तो उन्होंने कहा कि क्यों खाना खाने से पहले कुछ ड्रिंक्स हो जाए? तो मैंने कहा कि ठीक है यह बहुत अच्छा आईडिया है.. में अभी लेकर आता हूँ. तो वो बोली कि आपके भाई साहब की रखी है.. तुम रुको में लाकर देती हूँ और उन्होंने मेरे सामने एक ठंडी बियर लाकर टेबल पर रख दी. फिर मैंने कहा कि क्यों आप नहीं पीओगी? तो उन्होंने कहाँ कि नहीं में यह सब नहीं पीती हूँ.. लेकिन में तुम्हारे साथ सॉफ्ट ड्रिंक पी सकती हूँ और हम दोनों ने साथ में पीते हुए बहुत सारी बातें की.. तब में धीरे धीरे उनसे सटने लगा और बिल्कुल उनके पास बैठ गया और एक हाथ को उनकी कमर में डाल दिया. तो वो बोली कि सूरज तुम यह क्या कर रहे हो? चलो खाना खाते है वरना वो ठंडा हो रहा है. मैंने बोला कि कुछ देर बैठो फिर चलते है और फिर में उसके साथ मस्ती करने लगा था और मस्ती मस्ती में उनको छेड़ रहा था और वो मुझसे कह रही थी कि सूरज बस करो यार सब ठीक नहीं है.. लेकिन में अपने काम में लगा रहा और फिर वो भी धीरे धीरे गरम होने लगी.

तभी उसने मेरी पेंट पर हाथ रख दिया और मेरा लंड तन गया लंड और बुरी तरह से बाहर निकलने को तड़पने लगा.. भाभी जी पेंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी. तो मेरा लंड बाहर निकलने को तैयार हो गया और वो मेरी पेंट की ज़िप खोलकर मेरी पेंट को उतारने लगी और फिर मैंने अपनी पेंट को निकाल दिया और अंडरवियर को भी उतार दिया.. जब उन्होंने मेरे 9 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड देखा तो वो उस पर टूट पड़ी और लंड को धीरे धीरे मुहं में लेकर चूसने लगी. तो में भी उसे पकड़कर किस करने लगा और धीरे धीरे उसे चूमता चाटता रहा और जब मुझे एहसस हुआ कि वो पूरी तरह से गरम हो चुकी है. तो मैंने उसके भी कपड़े एक एक करके उतारने शुरू किए और उसके कपड़े उतारने के बाद उसकी कोमल नाज़ुक जवानी देखकर में थोड़ी देर दंग सा रह गया. उसका फिगर बहुत सुंदर था.. उसका फिगर का साईज यही कोई 30-28-30 था और उसके बूब्स तो छोटे छोटे और गोरे गोरे थे.. लेकिन उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और गुलाबी रंग बड़ी रसीली चूत थी.

फिर मैंने मेरे सभी कपड़े उतार दिए और मेरा लंड उसके मुहं में डालकर चुसवाने लगा और वो मेरे लंड को मुहं में लेकर बड़े आराम से करीब 20 मिनट तक चूसती रही और वो यह सब पहली बार कर रही थी क्योंकि शर्मा जी ने कभी भी उसके साथ ऐसा नहीं किया था.. लेकिन फिर भी वो किसी अनुभवी लड़की की तरह यह सब कर रही थी और उसके लंड चूसने में ही मेरे लंड ने अपना वीर्य बाहर निकाल दिया. तो में उसके सर को पकड़कर अपने लंड को उसके मुहं में ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा और फिर पूरा लंड शांत होने के बाद मैंने उसके सर को छोड़ दिया और में उसको वैसे ही खड़ा करके उसकी चूत को चाटने, चूसने लगा. तो वो इस असहनीय दर्द से छटपटाने लगी और में अपनी जीभ को उसकी चूत में डालकर उसे जीभ से चोदने लगा और अब मेरा लंड फिर से लोहे की तरह सख़्त हो गया था.

तो मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और अपने लंड को उसकी चूत पर रखकर धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिश कर रहा था.. लेकिन वो अंदर नहीं जा रहा था. फिर थोड़ी देर धीरे धीरे कोशिश करने के बाद मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ रखकर उसे किस करने लगा और सही मौका देखकर एक ज़ोर का झटका दिया और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में अंदर डाल दिया. तो उसके मुँह से एक चीख निकल गयी.. लेकिन वो मेरे मुँह के अंदर दब गयी. तो में थोड़ी देर उसकी टाईट और रसीली चूत में मेरा बड़ा और मोटा लंड डाले हुए बिना हीले डुले उसके ऊपर पड़ा रहा और बारी बारी से उसके एक एक बूब्स को दबाता रहा और उसे किस करता रहा.

फिर थोड़ी देर बाद उसे जब अच्छा लगने लगा तब मैंने लंड को धीरे धीरे झटके देने शुरू किए और में उसकी मस्त चूत में मेरा बड़ा और मोटा लंड अंदर बाहर करके उसे चोदे जा रहा था और वो भी नीचे से उसके कूल्हे उठा उठाकर मज़े लेकर मुझसे चुदवा रही थी. तो उसके मुँह से बड़ी अज़ीब सी आवाज़ें आ रही थी शायद वो मोन कर रही थी और मुझसे कह रही थी और ज़ोर से चोदो अपनी रानी को सूरज आईईईईईईईई अह्ह्ह इतनी ज़ोर से करो कि पूरा मज़ा आ जाए.. आज तुमने मुझे एक सुहागन का मज़ा दिया है.. अब तो में और तुम रोज़ इसी तरह से रोज़ चुदाई करेंगे.. फाड़ दो आज अपनी रानी की चूत को. उसके मुँह से ऐसी बातें सुनकर मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ. फिर करीब 20-25 मिनट ताबड़तोड़ धक्के देकर उसे चोदने के बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया और उस पूरी रात हम दोनों एक दूसरे के साथ चिपककर नंगे ही सो गए और फिर में सुबह 05:00 बजे उठा और फिर से एक बार और जबरदस्त चुदाई की और फिर हम सो गए.

फिर सुबह 08:00 बजे मेरी नींद खुली तो हम लोग जल्दी से फ्रेश होकर अपने अपने काम पर निकल गए और शाम को मिलने का वादा किया और अगली शाम को हमारा प्रोग्राम शुरू हुआ. तो उस रात को मैंने उसे बाथरूम में चलने का इशारा किया और वो उठकर बाथरूम में आ गयी. तो में भी बाथरूम में गया और अंदर जाकर मैंने उसे पीछे से ज़ोर से पकड़कर उसके बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.. उस दिन उसके बूब्स बहुत सख्त थे. फिर उसने अपनी दोनों आँखे बंद कर दी और में उसके बूब्स को टी-शर्ट के ऊपर से दबाने लगा. तभी थोड़ी देर बाद एक हाथ से उसकी केप्री को निकाल दिया और उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया और उस उंगली से उसकी चुदाई करने लगा. तभी थोड़ी देर बाद मैंने उसके सारे कपड़े निकालकर उसको बिल्कुल नंगी कर दिया और अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. तो मैंने अपनी पेंट की ज़िप खोलकर अपना लंड बाहर निकाला.. तो मेरा लंड देखकर वो फिर से पागल हो गयी और एक हाथ से ज़ोर से मेरे लंड को पकड़ लिया.

फिर अपने कोमल कोमल हाथों से वो मेरे लंड को सहलाने लगी और उसके बाद में नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी और अपनी जीभ से वो मेरे लंड को चाट रही थी और धीरे धीरे उसने मेरे लंड को अपने मुहं में लेना शुरू कर दिया. तो मेरा लंड बहुत सख्त और बड़ा था उसके मुहं में पूरा नहीं आ रहा था.. मैंने उसके बाल पकड़कर एक ज़ोर का धक्का लगाया.. आधा लंड उसके मुहं में चला गया और उसकी आखों से पानी बाहर निकल आया. फिर धीरे धीरे ज्यादा से ज्यादा लंड वो मुहं में रखकर चूसने लगी.. करीब 15-20 मिनट बहुत लंड चुसवाने के बाद मैंने उससे घोड़ी बनाने के लिए कहा और वो अपनी दोनों टाँगे मोड़कर घोड़ी बन गयी. दोस्तों इस तरह चुदाई करवाने में औरत को बहुत मज़ा आता है और में भी घुटनों के बल बैठ गया और पीछे से अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और दोनों हाथों से उसके बाल पकड़ कर एक ज़ोर का धक्का लगाया.. उसके मुहं से बहुत ज़ोर से चीख निकल गयी और में अपना लंड उसकी चूत में ऐसे ही डालकर उसके बूब्स दबाता रहा और जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा.

तो वो धीरे से बोली कि आज मेरी सारी प्यास बुझा दो प्लीज. फिर मैंने कहा कि आज तो तुझे ऐसे चोदूंगा कि सारी उम्र तू मेरा लंड याद रखेंगी और उसे मेरे सख्त लंड का मज़ा आ रहा था में उसे तेज़ी से धक्के देकर चोदे जा रहा. फिर वो अब अपने पति को गलियाँ देने लगी कि उसके लंड में दम नहीं है और उसने कहा कि तुम मुझे एक बार मेरे पति के सामने भी चोदना.. कम से कम उसे भी यह तो पता चल जाएगा कि चुदाई कैसे करते है? फिर इस तरह से में उसे बहुत तेज रफ़्तार से चोदे जा रहा था और वो बड़बड़ा रही थी सिसकियाँ ले रही थी अपने नाख़ून से मेरे शरीर पर निशान कर रही थी.

दोस्तों सही में उसकी चूत का मज़ा मेरे लंड को जो आया वो ना किसी की चूत में नहीं था और 25 मिनट तक उसकी चूत का कचूमर निकालने के बाद मैंने सारा वीर्य उसकी गरम गरम चूत में निकाल दिया और फिर मैंने लंड को बाहर निकालकर उसके मुँह में दे दिया मेरा और उसकी चूत का जो रस मेरे लंड पर चिपका हुआ था.. उसे वो आइस्क्रीम की तरह से चाटने लगी. उस रात को मैंने उसे 3 बार अलग अलग तरीके से चोदा और उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता.. हम एक दूसरे में समां जाते. आज तक मैंने उसे कितनी बार चोदा है यह मुझे भी याद नहीं है.. लेकिन आज भी में उसे बड़े प्यार और मज़े से चोदता हूँ और वो भी मजे लेकर चुदवाती है ..

Madhu

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *