विधवा भाभी की चुदाई

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम रवि है और मेरी उम्र 35 साल है। में पठानकोट का रहने वाला हूँ। मुझे सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। अब आपका ज्यादा टाईम खराब ना करते हुए आज में आपको अपनी बीती एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को ये कहानी बहुत पसंद आएगी। ये कहानी मेरे और मेरी विधवा भाभी के बीच हुई एक घटना है। यह बात आज से करीब 5 साल पहले की है और वो अक्टूबर का महीना था। मेरी छोटी कज़िन सिस्टर की शादी थी और वहाँ पर सभी रिश्तेदार आए हुए थे और कुछ रिश्तेदार हमारे घर में रुके थे। तो कुछ कज़िन सिस्टर के घर पर और घर में खुशी का माहोल था और शादी का कार्यक्रम चल रहा था।

पहले में मेरी विधवा भाभी के बारे में आप सभी को बता देता हूँ.. उनकी उम्र 28 साल की है उनकी शादी के 2 साल बाद ही भैया का स्वर्गवास हो गया था। भाभी बहुत सेक्स है और उनकी लम्बाई 5 फीट 3 इंच की है वो गोरे और सुडोल शरीर की मालकिन है उनके फिगर का साईंज 36-24-36 है और देखने में वो बहुत सेक्सी है उनके सुडोल बूब्स देखकर मेरा लंड अक्सर खड़ा हो जाता है।

फिर शादी खत्म होने पर ज्यादातर रिश्तेदार वापस चले गए लेकिन फिर भी बहुत सारे अभी बाकी थे जिसकी वजह से घर में भीड़ थी। रात को सभी लोग घर में नीचे जमीन पर सो गये। मेरी भाभी और दो तीन लेडीस और कुछ बच्चे ऊपर वाले मेरे कमरे में सो रहे थे। जब में सोने के लिए अपने कमरे में पहुंचा तो देखा कि एक कोने में थोड़ी जगह है और में वहीं पर जाकर सो गया। तभी कुछ देर बाद मैंने देखा कि मेरे पास में मेरी विधवा भाभी सो रही थी। मेरी नियत उनके मस्त बूब्स को देखकर खराब हो गई। उनके बूब्स उनकी सांसो के साथ ऊपर नीचे हो रहे थे और मेरे दिल पर तलवार चल रही थी। मैंने उनको चोदने का मन बना लिया। तभी कमरे में अंधेरा था और इस बात का फ़ायदा उठाते हुए में धीरे धीरे से उनकी रज़ाई में घुस गया और भाभी मेरी तरफ पीठ करके गहरी नींद में सो रही थी और मैंने महसूस किया कि उनकी साड़ी और पेटीकोट उनके घुटनो तक चड़ा हुआ था।

तभी मैंने उनके पैर को छुआ.. क्या बताऊ दोस्तों मलाई जैसे मुलायम और कोमल स्किन को छूकर मेरे रोम रोम में करंट दौड़ गया। भाभी की गरम रज़ाई में भाभी के साथ होने का अलग ही आनंद था और मेरा लंड खड़ा हो चुका था। तभी मैंने धीरे से अपना एक हाथ भाभी की चूची पर रख दिया और हल्के हाथ से सहलाने लगा.. लेकिन भाभी का कोई विरोध ना देखकर मेरी हिम्मत और बड़ गई और फिर मैंने भाभी के ब्लाउज के हुक एक एक कर खोलने शुरू किए और अंदर भाभी ने गुलाबी कलर की आधी बाहों वाली ब्रा पहन रखी थी जिसमे से उनकी चूची आधे से ज्यादा बाहर थी और में उनके आधे नंगे बूब्स को देखकर पागल हो गया और मेरा लंड लोहे की रोड की तरह सख्त हो गया था। अब में धीरे धीरे उनकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर की तरफ सरकाने लगा और आख़िर में उनकी साड़ी को उनकी कमर तक उठाने में सफल रहा। अब मुझे उनकी मस्त 36 इंच की गदराई हुई गोल गांड के दर्शन हुए जिसे देखकर मेरे लंड फनफनाने लगा। तभी मैंने उनकी मस्त गांड पर हाथ फैरा। भाभी की बहुत ही मुलायम गांड थी। फिर मैंने अपनी पेंट अंडरवियर को धीरे से उतार कर अपने 8 इंच लंबे लंड को आज़ाद किया और धीरे से भाभी की मस्त गांड की दरार से लंड को टच किया। टच करते ही मुझे जन्नत का मज़ा आने लगा। फिर मैंने धीरे से भाभी के बूब्स को ब्रा से आज़ाद करने के लिये ब्रा के हुक को खोला लेकिन इस बार भाभी कुछ थोड़ा हिली तो में डर गया और ऐसे ही कुछ देर रुका रहा।

फिर जब मुझे लगा कि भाभी फिर से सो गई है तो मैंने फिर से अपना लंड उनकी मस्त गांड में टच किया और उनकी चूची को सहलाना शुरू किया और अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने चूची पर दबाब बढ़ा दिया और थोड़ा ज़ोर से दबाने लगा और लंड को भी गांड में हल्का हल्का रगड़ने लगा। शायद भाभी जाग रही थी और वो भी मज़ा ले रही थी। तभी भाभी ने हल्की सी अंगड़ाई ली और एक पैर आगे की तरफ करके फिर से सो गई। अब मुझे उनकी चूत भी साफ साफ देखाई दे रही थी और मैंने उनका इशारा समझा और अपनी उंगली उनकी चूत की तरफ बढ़ा दी। उनकी बहुत छोटी छोटी झांटे थी। फिर मैंने उनकी चूत के मुलायम होठों को सहलाया और उनकी चूत को उगलियों के बीच में लेकर मसलने लगा। अब भाभी की चूत गीली हो चुकी थी और वो नींद के बहाने मज़ा ले रही थी। भाभी ने फिर करवट ली और सीधी लेट गई। अब मुझे उन्हें सहलाने में आसानी हुई और मैंने उनकी चूची को मुहं में लेकर चूसना शुरू किया और दूसरी चूची को मसलना।

फिर में जन्नत में था और एक हाथ से में उनकी चूत को भी सहला रहा था उनकी चूत मस्त गीली हो चुकी थी। मैंने अपनी एक उंगली चूत पर रगड़नी शुरू की तो भाभी ने धीरे से टाँगे थोड़ी और खोल ली। मैंने उनकी चूची को चूसते हुए उंगली चूत में डाल दी। उनकी चूत टाईट थी क्योंकि बहुत दिनों से चुदी नहीं थी और उंगली अंदर जाते ही वो सिसकियाँ लेने लगी और वो मजे करने लगी और अब में उन्हें ऊँगली से चोद रहा था। भाभी को भी मज़ा आ रहा था.. अब वो भी सातवें आसमान पर थी। तभी भाभी मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी में 69 की पोज़िशन में आ गया और उनकी चूत को चाटने लगा और जीभ से उनकी गीली चूत को चोदने लगा और वो अह्ह्ह्ह अया ऊवूफ्फ की आवाज़ निकालने लगी और कहने लगी कि और प्लीज ज़ोर से चाटो बहुत मज़ा आ रहा है।

फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी और फिर जोश में आकर और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी कुछ ही देर बाद में उनके मुहं में झड़ गया और वो मेरा सारा वीर्य पी गई.. लेकिन उन्होंने लंड चूसना जारी रखा.. में अब भी उनकी चूत चाट रहा था और दो उँगलियों से चोद रहा था। तभी मेरा लंड उनके जोर जोर से चूसने से फिर से तैयार हो गया और फिर उन्होंने अपनी टाँगे मेरे सर पर कस दी और उनकी चूत से ढेर सारा पानी निकला जिसे में चाट गया। तभी भाभी ने कहा कि अब मत तड़पाओ फाड़ डालो मेरी चूत। तभी में उनकी टॅंगो के बीच में बैठ गया और मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उनकी भूखी चूत पर रखा और एक जोरदार झटका लगाया और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया और वो सिसकियाँ लेने लगी। उन्हें बहुत दर्द हो रहा था मैंने उनको लिप किस करना शुरू किया और धीरे धीरे से लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया और वो भी लिप किस का मज़ा ले रही थी।

फिर में भाभी को चोद रहा था और उनके मुहं से उउउहह आआअहह और तेज़ करो फाड़ डालो मेरी चूत को। में बहुत दिनों से प्यासी हूँ आज बुझा दो मेरी प्यास.. की आवाजें आने लगी। फिर मैंने स्पीड बड़ा दी और वो भी अपने चूतड़ उठा कर मेरा साथ देने लगी और चुदाई का मजा लेने लगी। फिर करीब 25 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों ही एक साथ झड़ गये और बहुत देर तक एक दूसरे से चिपके रहे और अब जब भी हमे मौका मिलता है हम चुदाई का खेल खेलते है और हर कभी अपनी चुदाई की प्यास बुझा लेते है। उस रात के बाद मैंने भाभी को कई बार चोदा और बहुत मजे किए ।

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